गिरिडीह: उपायुक्त की अध्यक्षता में मादक पदार्थों की तस्करी और खेती रोकथाम हेतु जिला स्तरीय बैठक संपन्न

गिरिडीह: उपायुक्त की अध्यक्षता में मादक पदार्थों की तस्करी और खेती रोकथाम हेतु जिला स्तरीय बैठक संपन्न

author Surendra Verma
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#गिरिडीह #मादक_पदार्थ : जिला स्तरीय NCORD समिति की बैठक में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी पर गहन चर्चा
  • उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में बैठक।
  • मादक पदार्थों की तस्करी, सेवन और अवैध खेती पर रोकथाम के दिशा निर्देश जारी।
  • NCORD समिति के सभी सदस्यों को समन्वय और सहयोग स्थापित करने के लिए आवश्यक निर्देश।
  • जिलास्तर पर नशीली दवाओं के प्रमुख क्षेत्रों और तस्करी के मामलों पर विस्तृत चर्चा।
  • औषधि निरीक्षक और चिकित्सकों को नशा संबंधित दवाओं के प्रबंधन और अनियमितता पर कड़ी निगरानी का निर्देश।
  • पुलिस, वन प्रमंडल अधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित।

गिरिडीह जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध खेती पर नियंत्रण हेतु आज समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय NCORD समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने की। बैठक का उद्देश्य जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग, तस्करी और अफीम की अवैध खेती पर रोकथाम के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना था।

बैठक में चर्चा और दिशा-निर्देश

बैठक में नशीली दवाओं के उपयोग और तस्करी के प्रमुख क्षेत्रों, प्रभावित इलाकों और संबंधित विभागों की कार्रवाई पर गहन चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मादक पदार्थ की बिक्री, सेवन, तस्करी और खेती पर सतर्क निगरानी रखें। जिन क्षेत्रों में अफीम की खेती की सूचना मिलती है, वहां खेती का विनष्टिकरण किया जाए और इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा: “जिले में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की तस्करी रोकना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी अधिकारियों को सजग रहकर अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर नजर रखनी होगी।”

औषधि निरीक्षण और चिकित्सकों पर निगरानी

बैठक में औषधि निरीक्षक को यह निर्देश भी दिए गए कि नशा संबंधी दवाओं का प्रॉपर रिकॉर्ड रखा जाए। दवा देने के समय चिकित्सक की पर्ची का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। इसके साथ ही झोला छाप चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोका जा सके।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में उपस्थित रहे पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारी। उन्होंने मिलकर जिले में मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए सक्रिय समन्वय और कठोर कार्रवाई का संकल्प लिया।

न्यूज़ देखो: सजग प्रशासन और सक्रिय निगरानी का संदेश

यह बैठक यह संदेश देती है कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ सजग प्रशासन और विभागीय समन्वय आवश्यक है। जिले में नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभा रहे हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

समाज सुरक्षित तभी जब हम सतर्क हों

जिले में नशीली दवाओं और अवैध खेती पर कड़ी निगरानी यह दिखाती है कि सुरक्षा और कानून का पालन समाज की जिम्मेदारी है। हमें भी अपने क्षेत्र में जागरूक रहकर इस अभियान को सहयोग देना चाहिए। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को साझा करें ताकि जागरूकता और प्रभाव बढ़ सके।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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