विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, उपायुक्त ने तकनीकी विभागों को समयसीमा में गुणवत्ता पूर्ण कार्य पूरा करने का दिया निर्देश

विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, उपायुक्त ने तकनीकी विभागों को समयसीमा में गुणवत्ता पूर्ण कार्य पूरा करने का दिया निर्देश

author News देखो Team
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#गुमला #विकास_समीक्षा : लंबित निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश।

गुमला समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में विभिन्न तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्माणाधीन विकास योजनाओं, स्वास्थ्य उपकेंद्रों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्युत आपूर्ति एवं जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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  • उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने विभिन्न तकनीकी विभागों की प्रगति की समीक्षा की।
  • लंबित निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
  • स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण में भूमि विवाद के मामलों पर विशेष चर्चा हुई।
  • विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र एवं अन्य भवनों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर।
  • सुदूर क्षेत्रों के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल करने का निर्देश।
  • सभी विभागों को योजनाओं का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया।

गुमला जिले में विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने विभिन्न तकनीकी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की स्थिति का विभागवार आकलन किया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित मानकों एवं समयसीमा के अनुसार पूरे किए जाएंगे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही निर्माण एवं विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करना और लंबित कार्यों को गति देना था। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

कई महत्वपूर्ण विभागों की हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में विशेष प्रमंडल, लघु सिंचाई विभाग, वाटरवेज, ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमंडल, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (जल जीवन मिशन), भवन निर्माण विभाग, एनआरईपी तथा विद्युत विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्य प्रगति, लंबित परियोजनाओं और बाधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्य आधारित कार्य संस्कृति अपनाने का निर्देश दिया।

समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश

समीक्षा के दौरान उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि जिले में चल रहे सभी विकास एवं निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा कार्यों में अनावश्यक विलंब होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने निर्देश दिया कि सभी लंबित निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

स्वास्थ्य उपकेंद्रों के भूमि विवाद पर हुई चर्चा

बैठक में स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण से संबंधित भूमि विवाद के मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कई स्थानों पर भूमि संबंधी समस्याओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होने की जानकारी सामने आई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों और विभागीय पदाधिकारियों को समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान निकालने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए क्योंकि इसका सीधा प्रभाव ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ता है।

लंबित भुगतानों के शीघ्र निष्पादन पर जोर

बैठक में विकास योजनाओं से जुड़े लंबित भुगतानों की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी लंबित भुगतान मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि निर्माण कार्यों की गति प्रभावित न हो और योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके।

विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्ता पर विशेष फोकस

उपायुक्त ने विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य जनोपयोगी भवनों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अभियंताओं को नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने तथा कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने को कहा गया।

उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थान हैं, इसलिए इनके निर्माण में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सुदूर क्षेत्रों में बिजली सुविधा बढ़ाने के निर्देश

बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति से संबंधित लंबित कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई।

उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में लंबित विद्युत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि बच्चों और लाभुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और पोषण से जुड़े संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

नियमित स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश

समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने सभी तकनीकी विभागों को निर्माणाधीन योजनाओं का समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का आकलन करें।

स्थलीय निरीक्षण से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

कई अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए चल रही योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी।

न्यूज़ देखो: विकास योजनाओं की गति और गुणवत्ता दोनों जरूरी

गुमला में विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा प्रशासन की जवाबदेही को मजबूत करती है। केवल योजनाओं की स्वीकृति पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उनका समय पर और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। स्वास्थ्य उपकेंद्रों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना सकारात्मक संकेत है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समीक्षा बैठक के निर्देश धरातल पर कितनी तेजी से दिखाई देते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

विकास की रफ्तार तभी बढ़ेगी जब जिम्मेदारी भी तय होगी

बेहतर सड़कें, मजबूत भवन, सुचारु बिजली और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सुविधाएं किसी भी जिले के विकास की पहचान होती हैं।

सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब निर्माण कार्य समय पर और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे हों। नागरिकों की भागीदारी और प्रशासन की जवाबदेही विकास को नई दिशा दे सकती है।

अपने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति पर अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और बेहतर जनसुविधाओं के लिए जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं।

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