
#गांडेय #गिरिडीह #पुलिस_पहल : सुदूरवर्ती गांव में एसपी की मौजूदगी से जरूरतमंदों को राहत और पुलिस-जन संवाद मजबूत हुआ।
गिरिडीह जिले में पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से चल रही विशेष पहल के तहत 14 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक गिरिडीह गांडेय थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती महेशपुर तिलोबनी गांव पहुंचे। यहां जरूरतमंद और दिव्यांग ग्रामीणों के बीच ठंड से बचाव के लिए कंबल और आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान एसपी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस की इस पहल से गांव में सकारात्मक और भरोसे का माहौल देखने को मिला।
- 14 जनवरी 2026 को महेशपुर तिलोबनी गांव में पुलिस अधीक्षक की विशेष पहल।
- गांडेय थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाके में कंबल व सामग्री वितरण।
- जरूरतमंद और दिव्यांग ग्रामीणों को ठंड से राहत।
- ग्रामीणों से सीधा संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली गई।
- अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर और संबंधित थाना प्रभारी रहे मौजूद।
गिरिडीह जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा ग्रामीण इलाकों तक सीधी पहुंच और जनविश्वास बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस अधीक्षक गिरिडीह गांडेय थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती महेशपुर तिलोबनी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने जरूरतमंद और दिव्यांग लोगों के बीच कंबल एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया। ठंड के इस मौसम में पुलिस की यह पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।
पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने की विशेष पहल
पुलिस अधीक्षक गिरिडीह द्वारा शुरू की गई इस विशेष पहल का उद्देश्य केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाली आम जनता के बीच गिरिडीह पुलिस की पहुंच को और प्रभावी बनाना है। सुदूरवर्ती गांवों में अक्सर लोगों तक प्रशासन की सीधी पहुंच नहीं हो पाती, ऐसे में पुलिस अधीक्षक का स्वयं गांव पहुंचना ग्रामीणों के लिए भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
महेशपुर तिलोबनी गांव में वितरण कार्यक्रम
गांडेय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महेशपुर तिलोबनी गांव में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान ठंड से बचाव के लिए कंबल और अन्य जरूरी सामग्री जरूरतमंद ग्रामीणों को दी गई। विशेष रूप से दिव्यांग, वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्राथमिकता दी गई। सामग्री पाकर ग्रामीणों के चेहरे पर राहत और संतोष साफ नजर आया।
ग्रामीणों से सीधे मिले पुलिस अधीक्षक
कंबल वितरण के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक गिरिडीह ने गांव के लोगों से सीधे बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों की सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। ग्रामीणों ने सड़क, सुरक्षा, नशाखोरी और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी। पुलिस अधीक्षक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि गिरिडीह पुलिस की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी।
पुलिस की मौजूदगी से बढ़ा भरोसा
सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में अक्सर पुलिस की मौजूदगी कम देखने को मिलती है, ऐसे में पुलिस अधीक्षक का स्वयं गांव पहुंचना ग्रामीणों के लिए खास रहा। लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी और पुलिस के प्रति विश्वास जताया। ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह की पहल से पुलिस और जनता के बीच दूरी कम होती है और आपसी विश्वास मजबूत होता है।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक गिरिडीह के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर, गिरिडीह और संबंधित थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी से यह संदेश गया कि पुलिस प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समाधान की दिशा में काम कर रहा है।
ठंड के मौसम में बड़ी राहत
गांव के कई जरूरतमंद परिवारों के लिए ठंड का मौसम चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में पुलिस द्वारा कंबल वितरण जैसी पहल से उन्हें सीधी राहत मिली। खासकर वृद्ध और दिव्यांग लोगों ने इस मदद के लिए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को इस तरह गांव में आकर मदद करते देखा है।
सामाजिक भूमिका में पुलिस की सक्रियता
यह कार्यक्रम केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित पुलिस की भूमिका से आगे बढ़कर सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण पेश करता है। पुलिस अधीक्षक की यह पहल दर्शाती है कि गिरिडीह पुलिस केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और मानवीय संवेदनाओं के साथ भी जनता के बीच खड़ी है।
ग्रामीणों में दिखी खुशी
पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी और सहायता वितरण से महेशपुर तिलोबनी गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह की पहल जारी रहेगी और उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग में पुलिस के प्रति सकारात्मक भावना दिखाई दी।
न्यूज़ देखो: भरोसे की बुनियाद मजबूत करती पुलिस की पहल
महेशपुर तिलोबनी गांव में किया गया यह कार्यक्रम दिखाता है कि जब पुलिस प्रशासन सीधे जनता से जुड़ता है, तो विश्वास अपने आप मजबूत होता है। सुदूरवर्ती इलाकों में जाकर समस्याएं सुनना और तत्काल राहत पहुंचाना सराहनीय कदम है। ऐसी पहलें कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूती देती हैं। अब जरूरी है कि यह संवाद और सहयोग निरंतर बना रहे।
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भरोसे से ही बनता है सुरक्षित समाज
जब प्रशासन और जनता एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं, तभी सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण होता है। गिरिडीह पुलिस की यह पहल बताती है कि मानवीय संवेदना और संवाद से बड़े बदलाव संभव हैं। ग्रामीण इलाकों में इस तरह की मौजूदगी लोगों को सुरक्षा और अपनापन दोनों का एहसास कराती है।
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