
#खलारीक्षेत्र #गुडफ्राइडे : मैकलुस्कीगंज और खलारी में ईसा मसीह के बलिदान की स्मृति में विशेष प्रार्थना।
खलारी और मैकलुस्कीगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में गुड फ्राइडे का पर्व श्रद्धा और शांति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ईसाई धर्मावलंबियों ने चर्चों में एकत्रित होकर प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को स्मरण किया। विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जहां फादरों द्वारा धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। यह दिन त्याग, क्षमा और प्रेम के संदेश के रूप में मनाया गया।
- मैकलुस्कीगंज और खलारी क्षेत्र में गुड फ्राइडे श्रद्धा के साथ मनाया गया।
- शांतिनगर खलारी, डकरा और मैकलुस्कीगंज चर्चों में विशेष प्रार्थना सभा।
- फादर हुबुरतुस वेक और विलफ्रेड ने संयुक्त रूप से कराया मीसा अनुष्ठान।
- प्रभु यीशु के सात वचनों को स्मरण कर श्रद्धालुओं ने की प्रार्थना।
- क्रूस का चुम्बन कर व्यक्त की गई श्रद्धा और आस्था।
खलारी और मैकलुस्कीगंज क्षेत्र में गुड फ्राइडे के अवसर पर ईसाई समुदाय के बीच गहरी आस्था और श्रद्धा देखने को मिली। इस दिन को प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के रूप में याद करते हुए श्रद्धालुओं ने अपने-अपने नजदीकी चर्चों में पहुंचकर विशेष प्रार्थना सभा में भाग लिया। पूरे क्षेत्र में शांति, प्रेम और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
चर्चों में विशेष प्रार्थना और मीसा अनुष्ठान
गुड फ्राइडे के अवसर पर शांतिनगर खलारी, डकरा और मैकलुस्कीगंज के कैथोलिक चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में बड़ी संख्या में ईसाई धर्मावलंबी शामिल हुए।
मैकलुस्कीगंज रोमन कैथोलिक चर्च में मायापुर, हुटाप, कोणका, लपरा सहित आसपास के गांवों के श्रद्धालु एकत्र हुए। यहां फादर हुबुरतुस वेक और फादर विलफ्रेड ने संयुक्त रूप से मीसा अनुष्ठान संपन्न कराया।
फादर हुबुरतुस वेक ने कहा: “गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु के क्रूस पर दिए गए सात वचनों का संदेश है कि हम अपने जीवन में प्रेम, करुणा, क्षमा और त्याग को अपनाएं।”
क्रूस का चुम्बन और सात वचनों का स्मरण
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाए जाने की घटना को याद करते हुए क्रूस का चुम्बन किया। साथ ही ईसा मसीह के द्वारा क्रूस से कहे गए सात वचनों को स्मरण कर प्रार्थना की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन प्रभु यीशु मसीह को यातनाएं देकर सूली पर चढ़ाया गया था। इसलिए इस दिन को शोक और आत्मचिंतन के रूप में मनाया जाता है। श्रद्धालुओं ने अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया।
प्रेम, क्षमा और विश्व शांति के लिए प्रार्थना
गुड फ्राइडे के अवसर पर चर्चों में विशेष रूप से प्रेम, करुणा, क्षमा और बलिदान के संदेश को अपनाने पर जोर दिया गया। साथ ही विश्व शांति और समाज में भाईचारे के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज में शांति और एकता बनाए रखने के लिए इन मूल्यों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के कई प्रमुख लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इनमें जोशी टीडी, राजू शाह, पुष्पा, जॉली मौली, कोर्ने लुइस खेस, तुबियस बाड़ा, आशीष बाड़ा, सिस्टर बिरजिनिया, अमित मिंज, सचिन खलखो, संजय खलखो, सुनीता कुजूर, हेलमेट, प्रेम एक्का, नीलम भेंगरा, मेरी बाड़ा, अणिमा लकड़ा, असियानी टोप्पो, एनिमा एक्का, पुष्पा लकड़ा, संतोष भेंगरा, भूषण टोप्पो सहित अन्य मसीही श्रद्धालु शामिल हुए।
सभी ने मिलकर श्रद्धा और अनुशासन के साथ इस दिन को मनाया और प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया।
न्यूज़ देखो: त्याग और मानवता का संदेश देता गुड फ्राइडे
मैकलुस्कीगंज और खलारी में मनाया गया गुड फ्राइडे यह दर्शाता है कि धार्मिक पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि जीवन के मूल्यों को समझने का अवसर भी होते हैं। प्रभु यीशु मसीह के बलिदान का संदेश आज भी समाज को प्रेम, क्षमा और सेवा की राह दिखाता है। ऐसे आयोजन समाज में शांति और भाईचारे को मजबूत करते हैं। आगे भी इन मूल्यों को व्यवहार में लाना ही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रेम और क्षमा के संदेश को जीवन में अपनाएं
गुड फ्राइडे हमें यह सिखाता है कि जीवन में कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रेम और क्षमा का मार्ग ही सही रास्ता है। हमें अपने भीतर के नकारात्मक भावों को त्यागकर सकारात्मक सोच को अपनाना चाहिए।






