
#नवोदयविद्यालय #शैक्षणिकआयोजन : नेताजी जयंती पर पराक्रम दिवस और सरस्वती पूजा से गूंजा विद्यालय परिसर।
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में 23 जनवरी 2026 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस एवं मां सरस्वती पूजा का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम विद्यालय की प्रार्थना सभा एवं परिसर में संपन्न हुआ, जिसमें शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारी शामिल रहे। नेताजी के विचारों और आज़ाद हिंद फ़ौज के योगदान को याद करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। साथ ही मां सरस्वती की पूजा के माध्यम से ज्ञान, बुद्धि और विवेक की कामना की गई, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया।
- 23 जनवरी 2026 को नेताजी की जयंती पर पराक्रम दिवस का आयोजन।
- प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार सिन्हा ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ।
- पीजीटी इतिहास सुशील कुमार शर्मा ने नेताजी के योगदान पर प्रकाश डाला।
- अर्चना प्रधान और मानसी सुरीन ने छात्रा वक्तव्य प्रस्तुत किए।
- मां सरस्वती पूजा श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई।
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का सशक्त संगम बनकर सामने आया। विद्यालय की प्रार्थना सभा में पराक्रम दिवस के आयोजन के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात विद्यालय परिसर में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पण कर हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार सिन्हा द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर फूल-माला अर्पण कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में नेताजी के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत जीवन पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नेताजी का जीवन संघर्ष, अनुशासन और देशप्रेम का प्रतीक है, जिसे अपनाकर विद्यार्थी अपने व्यक्तित्व को मजबूत बना सकते हैं।
आज़ाद हिंद फ़ौज और ऐतिहासिक योगदान पर वक्तव्य
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक सुशील कुमार शर्मा (पीजीटी इतिहास) ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने आज़ाद हिंद फ़ौज की भूमिका, उसके संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उसके महत्व को सरल शब्दों में समझाया।
उन्होंने कहा कि नेताजी का नेतृत्व युवाओं को आत्मसम्मान और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
छात्राओं ने प्रस्तुत किए प्रेरणादायक विचार
कक्षा दसवीं की छात्राएँ अर्चना प्रधान एवं मानसी सुरीन ने भी पराक्रम दिवस के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रेरणादायक विचारों और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
छात्राओं की प्रस्तुति ने यह दर्शाया कि नई पीढ़ी भी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को समझ रही है और उनसे प्रेरणा ले रही है।
मां सरस्वती पूजा से बना भक्तिमय वातावरण
इसी क्रम में विद्यालय परिसर में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न हुई। विद्यार्थियों ने भक्ति भाव से मां सरस्वती की आराधना की और ज्ञान, बुद्धि एवं विवेक की कामना की।
पूरे परिसर में उत्साह और अनुशासन का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे हर्षोल्लास के साथ इस पावन अवसर को मनाया।
कुशल संचालन और सामूहिक सहभागिता
कार्यक्रम का संचालन आशुतोष कुमार पांडेय द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। उनकी संचालन शैली से कार्यक्रम सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बना रहा।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएँ, शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और मां सरस्वती पूजा में सहभागिता निभाई।
गरिमामय समापन
अंत में पराक्रम दिवस एवं मां सरस्वती पूजा—दोनों कार्यक्रमों का समापन अत्यंत गरिमामय और धूमधाम से किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों में देशभक्ति, साहस, संस्कार और शिक्षा के प्रति श्रद्धा को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ राष्ट्रभक्ति का सशक्त संदेश
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय का यह आयोजन दर्शाता है कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। पराक्रम दिवस और मां सरस्वती पूजा का संयुक्त आयोजन शिक्षा को राष्ट्रभक्ति और संस्कारों से जोड़ने का सफल उदाहरण है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब ज्ञान और पराक्रम एक साथ आगे बढ़ते हैं
इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को यह सिखाते हैं कि शिक्षा के साथ साहस और देशप्रेम भी उतना ही आवश्यक है। नेताजी के विचार और मां सरस्वती की आराधना मिलकर जीवन में सही दिशा दिखाते हैं।







