
#सिमडेगा #शिक्षा_संस्कार : आईसीएसई बोर्ड के प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रेरणादायक संदेशों के साथ विद्यार्थियों को दी गई भावभीनी विदाई।
सिमडेगा स्थित होली स्पिरिट स्कूल में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार, अभिभावक और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। मुख्य अतिथि डॉक्टर भानु प्रताप साहू एवं विशिष्ट अतिथि अनिल कंडुलना ने विद्यार्थियों को जीवन, संघर्ष और सफलता को लेकर प्रेरणादायक संदेश दिए। समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन के एक महत्वपूर्ण चरण के समापन और नए भविष्य की शुरुआत का साक्षी बना।
- होली स्पिरिट स्कूल, सिमडेगा में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों का विदाई समारोह।
- डॉक्टर भानु प्रताप साहू ने संघर्ष और असफलता से सीखने का संदेश दिया।
- फा शैलेश केरकेट्टा ने कठिनाइयों को जीवन की मजबूती बताया।
- विद्यार्थियों को अच्छा इंसान बनने का संकल्प लेने की प्रेरणा।
- विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं राजनीतिक-सामाजिक प्रतिनिधियों की सहभागिता।
सिमडेगा के प्रतिष्ठित आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध होली स्पिरिट स्कूल में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित विदाई समारोह भावनाओं, प्रेरणा और आत्ममंथन का सजीव मंच बन गया। यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के स्कूली जीवन के एक अध्याय के समापन का प्रतीक रहा, बल्कि उनके भविष्य की दिशा तय करने वाले मूल्यों और संस्कारों को भी रेखांकित करता नजर आया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया।
मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर भानु प्रताप साहू, राज हॉस्पिटल के संचालक, ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा:
“संघर्ष ही जीवन का सार है, इसके बिना कोई सफलता नहीं मिलती।”
उन्होंने विदाई समारोह को जीवन के एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नए सपनों और नए लक्ष्यों की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने इस विद्यालय से केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी भी सीखी है, जो उन्हें जीवन भर मार्गदर्शन देती रहेगी।
डॉक्टर भानु प्रताप साहू ने कहा:
“बोर्ड परीक्षा जीवन की अंतिम मंज़िल नहीं है। असली सफलता वही है, जो असफलता से सीखकर आगे बढ़ने की ताकत देती है।”
भविष्य और मूल्यों पर जोर
अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी या समाजसेवक बनें, लेकिन सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना कभी न भूलें। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों के सम्मान को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया और समाज तथा देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भावना को बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और संघर्ष की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय प्रबंधन का संदेश
विद्यालय के प्रिंसिपल फा शैलेश केरकेट्टा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा:
“जीवन में कभी भी कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि कठिनाइयाँ ही तुम्हें मजबूती देती हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि होली स्पिरिट स्कूल का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोग
इस अवसर पर विद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर फा फैलीक्स लकड़ा, फा सुनील सुरिन, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। साथ ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना, झामुमो केंद्रीय सदस्य नोवास केरकेट्टा, जिला उपाध्यक्ष रितेश बड़ाईक सहित अन्य गणमान्य लोग भी समारोह में शामिल हुए।
सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं और विद्यालय की शैक्षणिक व नैतिक भूमिका की सराहना की।
विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक क्षण
विदाई समारोह के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह, आत्मविश्वास और भावुकता साफ झलक रही थी। कई विद्यार्थियों ने अपने विद्यालयी अनुभवों को साझा किया और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह क्षण विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच बने मजबूत भावनात्मक संबंध को दर्शाता रहा।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ संस्कारों का संदेश
न्यूज़ देखो: होली स्पिरिट स्कूल का यह विदाई समारोह बताता है कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संघर्ष, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्य ही विद्यार्थियों को जीवन में सच्ची सफलता दिलाते हैं। ऐसे आयोजन शिक्षा को मानवीय दृष्टिकोण से मजबूत करते हैं।
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नई उड़ान, नए सपने और मजबूत संकल्प
विद्यार्थियों का यह पड़ाव जीवन की लंबी यात्रा की शुरुआत है।
संघर्ष, आत्मविश्वास और संस्कार को साथ लेकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है।
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