
#मनिका #लातेहार #धार्मिक_आयोजन : देवी मंडप परिसर से निकली कलश यात्रा ने पूरे नगर को आस्था से सराबोर किया।
लातेहार जिले के मनिका बाजार स्थित देवी मंडप परिसर में अष्टभुजी मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और जयघोष के बीच शुरू हुए इस महायज्ञ को क्षेत्रीय सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना जा रहा है। यह आयोजन 19 से 23 जनवरी 2026 तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न होगा।
- देवी मंडप परिसर, मनिका में महायज्ञ का शुभारंभ।
- हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से भव्य कलश यात्रा।
- बजरमरी जलाशय से पवित्र जल भरकर नगर भ्रमण।
- यज्ञाचार्य अखिलेश पाठक के नेतृत्व में वैदिक अनुष्ठान।
- 23 जनवरी 2026 को भव्य प्राण प्रतिष्ठा और विशाल भंडारा।
मनिका बाजार सोमवार को पूरी तरह भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया, जब अष्टभुजी मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ की शुरुआत हुई। देवी मंडप परिसर से निकली कलश यात्रा ने पूरे नगर को जय माता दी के नारों से गुंजायमान कर दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का जुटान शुरू हो गया था और देखते ही देखते हजारों की संख्या में लोग इस पावन अवसर के साक्षी बने।
कलश यात्रा ने बांधा श्रद्धा का सेतु
महायज्ञ की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली यह यात्रा देवी मंडप से प्रारंभ होकर मनिका स्थित पवित्र बजरमरी जलाशय तक पहुंची। यहां आचार्यों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ कलशों में पवित्र जल भरवाया गया। इसके बाद शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए पुनः देवी मंडप परिसर लौटी।
नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, जलपान की व्यवस्था की गई और पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा रहा। युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था, जो भगवा ध्वज लेकर आगे-आगे जयघोष करते चल रहे थे।
यज्ञ मंडप में विधिवत अनुष्ठान की शुरुआत
देवी मंडप पहुंचते ही वैदिक विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई और यज्ञ मंडप में आहुति के साथ महायज्ञ प्रारंभ हुआ। यज्ञाचार्य श्री अखिलेश पाठक (लोहड़ी) के नेतृत्व में आचार्यों की टोली ने मंत्रोच्चार कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
मुख्य पुजारी अखिलेश पाठक ने कहा:
“मां दुर्गा शक्ति, साहस और करुणा की प्रतीक हैं। उनकी प्राण प्रतिष्ठा से क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का विस्तार होगा।”
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, धार्मिक गुरु और समाजसेवी शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में विधायक रामचंद्र सिंह, पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह, राज्यस्तरीय दिशा समिति सदस्य अवधेश सिंह चेरो, दरोगी यादव, सुरेंद्र भारती, सीओ अमन कुमार, थानेदार प्रभात कुमार दास, प्रतिमा प्रमुख सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा मुकेश कुमार, प्रमोद भारती, अमरदीप कुमार, दीपू कुमार उर्फ डिग्लु राय, सुरेंद्र पासवान, दिनेश राय, अरुण सिंह, संजय सिंह चेरो, तस्लीम अंसारी, रजत प्रसाद, सुजीत गुरुजी समेत अनेक गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही। आयोजन समिति के संरक्षक अशोक प्रसाद (श्रृंगार स्टोर), राजदेव मांझी और सतबरवा से आए समाजसेवी निर्दोष कुमार की उपस्थिति भी विशेष रही।
आयोजन समिति ने सभी अतिथियों को चुनरी ओढ़ाकर एवं मां दुर्गा की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया।
जनप्रतिनिधियों के विचार
मुख्य अतिथि विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा:
“अष्टभुजी मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा समाज को एकजुट करने वाला आयोजन है। ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों से क्षेत्र में शांति, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।”
पूर्व विधायक हरिकृष्ण सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। वहीं सीओ अमन कुमार और थानेदार प्रभात कुमार दास ने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए समिति की सराहना करते हुए प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
महायज्ञ का विस्तृत कार्यक्रम
आयोजन समिति के अनुसार यह महायज्ञ 19 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
- 21 जनवरी को जलाधिवास।
- 22 जनवरी को अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास एवं नगर भ्रमण।
- 23 जनवरी को भव्य प्राण प्रतिष्ठा, हवन, विशाल भंडारा और प्रवचन।
प्रवचन के लिए अयोध्या से पधारी साध्वी समिक्षा पांडेय दीदी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराएंगी। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवकों की टीम लगातार श्रद्धालुओं की सेवा में लगी हुई है।
धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश
धार्मिक विद्वानों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, अनुशासन और सेवा भावना से जोड़ने का माध्यम है। कलश यात्रा जल को जीवन का आधार मानते हुए पूरे क्षेत्र के शुद्धिकरण का प्रतीक मानी जाती है। मनिका में निकली यह यात्रा सामाजिक समरसता का उदाहरण बनी, जहां हर वर्ग और समुदाय के लोग एक साथ मां दुर्गा की भक्ति में लीन नजर आए।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता की मिसाल
मनिका में आयोजित अष्टभुजी मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजन आज भी समाज को जोड़ने की सबसे मजबूत कड़ी हैं। इसमें प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी सराहनीय है। ऐसे आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब आस्था बने एकता की शक्ति
इस महायज्ञ ने साबित किया कि धर्म, संस्कृति और सेवा जब एक साथ चलते हैं, तो समाज मजबूत होता है। ऐसे आयोजनों में भाग लेकर अपनी परंपराओं को जीवित रखें और सकारात्मक ऊर्जा का हिस्सा बनें। अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को साझा करें और आस्था व संस्कृति का संदेश आगे बढ़ाएं।





