
#गिरिडीह #बालविवाहमुक्ति : उपायुक्त राम निवास यादव ने दिया सामाजिक कुरीतियों से मुक्त झारखंड का संदेश।
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड स्थित दोंदलो स्टेडियम में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान को मजबूत करना और समाज में व्याप्त कुरीतियों का निवारण करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार को उपायुक्त राम निवास यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की व्यापक भागीदारी से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- कार्यक्रम का शुभारंभ गिरिडीह उपायुक्त राम निवास यादव द्वारा दोंदलो स्टेडियम, बगोदर में किया गया।।
- बाल विवाह रोकथाम और सामाजिक कुरीतियों के निवारण पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।।
- कार्यशाला में उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।।
- बगोदर-सरिया अनुमंडल क्षेत्र के मुखिया, प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी।।
- सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।।
- क्षेत्र में जागरूकता अभियान तेज करने का आह्वान किया गया।।
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड में आयोजित यह कार्यशाला सामाजिक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा बगोदर-सरिया अनुमंडल स्तरीय इस एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन दोंदलो स्टेडियम में किया गया, जिसमें बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
दीप प्रज्वलन के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ गिरिडीह उपायुक्त राम निवास यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा समाज और बच्चों के भविष्य के लिए घातक है। इसे रोकने के लिए पंचायत स्तर पर जागरूकता और सामूहिक प्रयास बहुत जरूरी हैं।
उपायुक्त राम निवास यादव ने कहा: “बाल विवाह को समाप्त करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। जनप्रतिनिधि और महिलाएं मिलकर इस अभियान को सफल बनाएं।”
उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम बताएं और बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।

प्रशिक्षण में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
बाल विवाह रोकथाम
कार्यशाला में मुख्य रूप से बाल विवाह रोकथाम से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कम उम्र में विवाह कराना अपराध है और इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन कार्रवाई करेगा।
महिला सशक्तिकरण
प्रशिक्षण सत्र में महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कहा गया कि सशक्त महिलाएं ही सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सबसे प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने कहा: “महिलाओं को आगे आकर बेटियों की सुरक्षा और उनके भविष्य के लिए आवाज उठानी होगी।”
सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
कार्यशाला में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं जैसे कन्या उत्थान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं की जानकारी साझा की गई। इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाने की रणनीति पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई अहम अतिथि
इस अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला में उपायुक्त के साथ-साथ उप विकास आयुक्त गिरिडीह, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी गिरिडीह, जिला परिषद उपाध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी बगोदर-सरिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बगोदर-सरिया सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बगोदर-सरिया अनुमंडल क्षेत्र के सभी पंचायतों के जिप सदस्य, प्रमुख, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, उपप्रमुख, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और ग्रामीण भी शामिल हुए।
संस्था और विभाग द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला में सरकारी कर्मी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका तथा महिला समूहों के सदस्य भी मौजूद रहे। सभी उपस्थित अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि बाल विवाह मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग सबसे अहम है।
पुलिस प्रशासन ने भी दिया समर्थन
कानून व्यवस्था पर जोर
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करेगी। ग्रामीणों को जागरूक रहकर ऐसे मामलों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचानी चाहिए।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा: “समाज से कुरीतियों का उन्मूलन तभी संभव है जब जनता और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल हो।”
क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने की पहल
दोंदलो स्टेडियम में आयोजित यह कार्यक्रम पूरे अनुमंडल क्षेत्र के लिए जागरूकता का केंद्र बना। महिलाओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि वे अपने-अपने गांवों में बैठक कर लोगों को इस विषय पर जागरूक करेंगे।
ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से उन्हें नई जानकारी और आत्मविश्वास मिला है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में अब वे अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
आयोजन का उद्देश्य हुआ सफल
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह मुक्त झारखंड, सामाजिक कुरीति निवारण योजना तथा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना था, जो पूरी तरह सफल रहा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्रों में बाल विवाह मुक्त अभियान को तेज करें और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें।

न्यूज़ देखो: सामाजिक बदलाव की जरूरत
बगोदर में आयोजित यह कार्यशाला बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह आज भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। प्रशासन द्वारा ऐसे अभियानों का आयोजन सराहनीय है, लेकिन इसे पूरी तरह सफल बनाने के लिए निरंतर निगरानी और जागरूकता अभियान जरूरी होंगे। अब देखना होगा कि प्रशिक्षण का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई देता है। क्या पंचायतें बाल विवाह रोकने में ठोस कदम उठाएंगी, यह बड़ा सवाल है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बाल विवाह मुक्त समाज के लिए आगे आएं
यह कार्यशाला तभी सार्थक होगी जब इसका संदेश हर घर तक पहुंचे। क्षेत्र की महिलाएं और जनप्रतिनिधि मिलकर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के लिए संकल्प लें। अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने की मुहिम चलाएं और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट हों। आइए बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए जिम्मेदार नागरिक बनें।
आप सभी से अपील है कि इस खबर पर अपनी राय जरूर दें। अपने सुझाव कमेंट करें, लेख को शेयर करें और जागरूकता फैलाने में सहयोगी बनें। आपके एक कमेंट और शेयर से यह अभियान और मजबूत होगा।





