
#बरवाडीह #लातेहार #वनविभाग : नवनिर्मित आवास सह कार्यालय से संरक्षण, प्रशासन और वन्यजीव सुरक्षा को गति।
लातेहार जिले के बरवाडीह क्षेत्र अंतर्गत छिपादोहर पश्चिमी प्रक्षेत्र में बुधवार 28 जनवरी 2026 को वन क्षेत्र पदाधिकारी आवास सह कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया गया। झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तहत निर्मित इस भवन का उद्घाटन प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी परितोष उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर राज्य स्तर के कई वरिष्ठ वनाधिकारी उपस्थित रहे। यह भवन क्षेत्र में वन संरक्षण, प्रशासनिक कार्यों और वन्यजीव सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- छिपादोहर पश्चिमी प्रक्षेत्र में वन क्षेत्र पदाधिकारी आवास सह कार्यालय का उद्घाटन।
- 28 जनवरी 2026 को बरवाडीह, लातेहार में हुआ कार्यक्रम।
- उद्घाटनकर्ता परितोष उपाध्याय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी)।
- विशेष अतिथि रविरंजन झा और यतीन्द्र कुमार दास, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक।
- एस.आर. नटेश, मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, पलामू व्याघ्र परियोजना रहे मौजूद।
- स्थानीय वनकर्मियों और विभागीय अधिकारियों की बड़ी भागीदारी।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत छिपादोहर पश्चिमी प्रक्षेत्र में वन विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार 28 जनवरी 2026 को वन क्षेत्र पदाधिकारी आवास सह कार्यालय का भव्य उद्घाटन संपन्न हुआ। इस अवसर पर राज्य के वरिष्ठ वन अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। उद्घाटन समारोह को वन संरक्षण और प्रशासनिक सुदृढ़ता की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
मुख्य अतिथि द्वारा फीता काटकर उद्घाटन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री परितोष उपाध्याय, भा.व.से., प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एवं मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, रांची ने फीता काटकर नवनिर्मित आवास सह कार्यालय का उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने भवन का निरीक्षण भी किया और इसके निर्माण को क्षेत्रीय वन प्रबंधन के लिए उपयोगी बताया।
वरिष्ठ वन अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि के रूप में श्री रविरंजन झा, भा.व.से., अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, कैम्पा झारखंड तथा श्री यतीन्द्र कुमार दास, भा.व.से., अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, विकास झारखंड उपस्थित रहे। इसके अलावा श्री एस.आर. नटेश, भा.व.से., मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, पलामू व्याघ्र परियोजना, मेदिनीनगर की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इस भवन को विभागीय कार्यों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
वन संरक्षण और प्रशासनिक कार्यों को मिलेगी गति
अपने संबोधन में अधिकारियों ने कहा कि इस नवनिर्मित आवास सह कार्यालय के शुरू होने से छिपादोहर पश्चिमी प्रक्षेत्र में वन विभाग के कार्यों को नई गति मिलेगी। इससे वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा, अवैध कटाई पर नियंत्रण और प्रशासनिक गतिविधियां पहले की तुलना में अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बन सकेंगी।
परितोष उपाध्याय ने कहा: “आधारभूत संरचना मजबूत होने से वन विभाग की कार्यक्षमता बढ़ती है। यह आवास सह कार्यालय क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय लेने में सहायक होगा।”
विभागीय कर्मियों को मिलेगा बेहतर कार्य वातावरण
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार के आवास सह कार्यालय से विभागीय कर्मियों को बेहतर और सुरक्षित कार्य वातावरण मिलेगा। इससे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत वनकर्मियों को प्रशासनिक सहयोग मिलने में आसानी होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से स्थानीय लोगों तक पहुंच सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन में सहूलियत
छिपादोहर पश्चिमी प्रक्षेत्र जैसे वन बहुल और ग्रामीण इलाके में इस भवन की उपयोगिता और भी अधिक है। अधिकारियों के अनुसार, अब वन विभाग की योजनाओं, संरक्षण अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। इससे स्थानीय समुदायों को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
स्थानीय वनकर्मियों और गणमान्य लोगों की सहभागिता
उद्घाटन समारोह में स्थानीय वनकर्मी, विभागीय अधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया। उद्घाटन के दौरान ली गई तस्वीरों ने इस महत्वपूर्ण क्षण को यादगार बना दिया और विभागीय उत्साह को भी दर्शाया।

न्यूज़ देखो: वन प्रशासन के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अहम कदम
यह उद्घाटन दर्शाता है कि झारखंड सरकार वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर गंभीर है। बुनियादी ढांचे के विकास से न केवल प्रशासनिक कार्य मजबूत होंगे, बल्कि संरक्षण प्रयासों में भी तेजी आएगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस सुविधा का उपयोग जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी ढंग से किया जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मजबूत वन, सुरक्षित भविष्य की ओर
वन संरक्षण केवल विभाग की नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे बुनियादी ढांचे से संरक्षण प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है और स्थानीय स्तर पर भरोसा मजबूत होता है। जागरूक नागरिक बनें, प्रकृति की रक्षा में सहयोग करें और ऐसी सकारात्मक पहलों को समर्थन दें।
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