
#सिमडेगा #संपूर्णता_अभियान : आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक मिशन मोड में चलेगा विशेष विकास अभियान।
सिमडेगा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल दनगद्दी में संपूर्णता अभियान 2.0 का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह अभियान 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा। उपायुक्त कंचन सिंह सहित जिले के वरीय अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि सहित विभिन्न सूचकांकों पर मिशन मोड में कार्य किया जाएगा।
- उपायुक्त कंचन सिंह सहित वरीय अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ।
- अभियान अवधि 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक निर्धारित।
- सिमडेगा जिला एवं बांसजोर आकांक्षी प्रखंड में छह नए सूचकांकों पर विशेष फोकस।
- जून रैंकिंग में 112 आकांक्षी जिलों में सिमडेगा नौवें स्थान पर।
- विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल, परिसंपत्ति वितरण एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित।
सिमडेगा जिले में आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ का भव्य शुभारंभ दनगद्दी में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र कुमार, परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता अरुणा कुमारी, जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनी पाईकरा एवं डीएसपी रनवीर सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में बोलबा विद्यालय के बच्चों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। बाल विवाह मुक्त झारखंड विषय पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति ने जनसमूह को जागरूक किया। झुमर नृत्य ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
नीति आयोग का विशेष विकास कार्यक्रम
संपूर्णता अभियान 2.0, नीति आयोग द्वारा निर्धारित विशेष विकास कार्यक्रम है, जो 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा। इस अवधि में सिमडेगा जिला एवं आकांक्षी प्रखंड बांसजोर में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विभिन्न सूचकांकों पर मिशन मोड में कार्य किया जाएगा।
उपायुक्त का संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा:
“संपूर्णता अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें।”
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सूचकांकों में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक और स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं को समाहित करते हुए अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि जिले ने पूर्व चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और आगामी दो से ढाई महीनों में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी ऊर्जा से कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल सीमित अवधि का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
उन्होंने शिक्षा की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि कार्यक्रम को दनगद्दी जैसे स्थान पर आयोजित करने का उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों को नीति आयोग द्वारा निर्धारित संकेतकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए और शत-प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य दोहराया। अंत में सभी पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई कि वे जिले को स्वस्थ, समर्थ और समृद्ध बनाने के लिए निष्ठा से कार्य करेंगे।
पुलिस अधीक्षक की अपील
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की शपथ दिलाई और समाज से सक्रिय सहयोग की अपील की।
उप विकास आयुक्त का संबोधन
उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने बताया कि वर्ष 2018 में भारत सरकार ने देश के 112 अति-पिछड़े जिलों को आकांक्षी जिला के रूप में चयनित किया था। सिमडेगा पूर्णतः आकांक्षी जिला तथा बांसजोर आकांक्षी प्रखंड के रूप में शामिल है।
उन्होंने जानकारी दी कि जून माह की नवीनतम रैंकिंग में सिमडेगा ने 112 आकांक्षी जिलों में नौवां स्थान प्राप्त किया है, जबकि 513 आकांक्षी प्रखंडों में बांसजोर ने 32वां स्थान हासिल किया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिले को तीन करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, जिसका उपयोग विकास योजनाओं में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत छह नए संकेतक निर्धारित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण (THR) की समय पर आपूर्ति, शिक्षा में नामांकन और ट्रांजिशन रेट सुधार, विद्यालयों में कार्यशील बालिका शौचालय, कृषि एवं पशुपालन में उत्पादकता वृद्धि तथा शत-प्रतिशत टीकाकरण जैसे लक्ष्य शामिल हैं।
विभागीय स्टॉल और परिसंपत्ति वितरण
कार्यक्रम में समाज कल्याण, जेएसएलपीएस, कृषि, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग द्वारा स्टॉल लगाए गए। कृषि विभाग ने किसानों को पंपसेट वितरित किए। कल्याण विभाग ने बच्चों को साइकिल प्रदान की, जबकि समाज कल्याण विभाग ने एक दिव्यांग लाभुक को ट्राई साइकिल दी। कई लाभुकों को प्रमाण पत्र और परिसंपत्तियां भी प्रदान की गईं।
उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त द्वारा गोद भराई और दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया।
व्यापक सहभागिता
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरज मुन्नी कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी दयानंद कार्जी, जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रवि किशोर राम, जिला नियोजन पदाधिकारी आशा मक्सिमा लकड़ा, मत्स्य पदाधिकारी सीमा टोप्पो, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला खेल पदाधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।



न्यूज़ देखो: जनभागीदारी से ही मिलेगा स्थायी विकास
दनगद्दी से शुरू हुआ यह अभियान प्रशासन की ग्रामीण पहुंच और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत प्राप्त उपलब्धियां बताती हैं कि समन्वित प्रयास से सकारात्मक बदलाव संभव है। अब चुनौती इन उपलब्धियों को स्थायी बनाते हुए शीर्ष तीन में स्थान सुनिश्चित करने की है।
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संपूर्णता अभियान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का प्रयास है।
जब जनप्रतिनिधि, अधिकारी, मीडिया और आम नागरिक साथ चलते हैं, तब बदलाव संभव होता है।
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