
#गढ़वा #रामनवमी_महोत्सव : सेवा और सहयोग से भव्य आयोजन का संकल्प लिया गया।
गढ़वा जिले के डंडई प्रखंड स्थित श्री हरिहर मंदिर परिसर में श्री राम सेवा समिति की महाबैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी रामनवमी महोत्सव को भव्य बनाने का संकल्प लिया गया। बैठक में 1051 भगवा ध्वजों से क्षेत्र को सजाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनी। समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक सहयोग पर जोर दिया। इस आयोजन को क्षेत्रीय आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना जा रहा है।
- डंडई प्रखंड के श्री हरिहर मंदिर परिसर में समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित।
- राजेश प्रसाद गुप्ता ने जनसेवा और सहयोग को बताया सर्वोपरि उद्देश्य।
- 1051 भगवा ध्वजों से क्षेत्र को सजाने का निर्णय, पांच तोरण द्वार बनेंगे।
- 27 मार्च को भव्य शोभायात्रा और पारंपरिक झांकियों का आयोजन।
- महानवमी पर छऊ नृत्य और भव्य भंडारे का आयोजन प्रस्तावित।
डंडई प्रखंड मुख्यालय स्थित श्री हरिहर मंदिर परिसर में श्री राम सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी रामनवमी महोत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष राजेश प्रसाद गुप्ता ने की। इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया और सामूहिक सहयोग की भावना को सर्वोपरि बताया।
सेवा और सहयोग पर आधारित आयोजन का संकल्प
बैठक को संबोधित करते हुए समिति अध्यक्ष राजेश प्रसाद गुप्ता ने कहा:
“समिति के लिए जनसेवा ही सर्वोपरि उद्देश्य है। आप सभी श्रद्धा भाव से अपना सहयोग प्रदान करें, हम आपके विश्वास और उत्साह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।”
उनके इस संबोधन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक माध्यम है।
संगठन और प्रचार को मिलेगी नई दिशा
बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और प्रचार-प्रसार को व्यापक करने के उद्देश्य से शशि भूषण मेहता को संगठन मंत्री सह मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने कहा:
“इस वर्ष महोत्सव का डिजिटल और जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार किया जाएगा, ताकि हर व्यक्ति इस आयोजन से जुड़ सके।”
इस निर्णय से समिति के कार्यों में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है।
1051 भगवा ध्वजों से सजेगा पूरा क्षेत्र
समिति के मुख्य संरक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार रामनवमी महोत्सव को विशेष रूप से भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि:
- थाना परिसर से मुख्य बाजार और पेट्रोल पंप तक पूरे मार्ग को 1051 भगवा ध्वजों से सजाया जाएगा।
- पांच प्रमुख स्थानों पर आकर्षक तोरण द्वार बनाए जाएंगे, जो आगंतुकों का स्वागत करेंगे।
यह सजावट पूरे क्षेत्र को भगवामय वातावरण में परिवर्तित कर देगी।
धार्मिक अनुष्ठानों का विस्तृत कार्यक्रम
संरक्षक विवेकानंद कुशवाहा ने बताया कि 19 मार्च से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ हो चुका है। इसके तहत:
- 26 मार्च को महाअष्टमी के अवसर पर अखंड हरिनाम जाप किया जाएगा।
- 27 मार्च को महानवमी पर हवन और पूर्णाहुति का आयोजन होगा।
इन अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
ऐतिहासिक शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण
रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को दोपहर 2 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में:
- पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन
- धार्मिक झांकियां
- भक्ति संगीत और जयकारे
विशेष आकर्षण के रूप में महानवमी की संध्या को सूर्य मंदिर प्रांगण में:
- भव्य भंडारा
- झारखंड की प्रसिद्ध छऊ नृत्य प्रस्तुति
का आयोजन किया जाएगा, जो लोगों को आकर्षित करेगा।
बैठक में कई प्रमुख लोग रहे उपस्थित
बैठक का संचालन प्रवीण कुमार ने किया। इस अवसर पर:
विवेक कुमार गुप्ता, राजू कुशवाहा, पीयूष पटेल, अजय कुमार सिंह, अनिमेष गुप्ता, अयोध्या कुमार गुप्ता, सरवन ठाकुर, योगेंद्र कुमार गुप्ता, सतेंद्र प्रसाद गुप्ता, ओमप्रकाश गुप्ता, वेद प्रकाश ठाकुर, राजू कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
सभी ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ संगठन और संस्कृति का संगम
डंडई में आयोजित यह बैठक केवल एक धार्मिक कार्यक्रम की तैयारी नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का प्रयास है। जिस तरह से समिति ने व्यवस्थित योजना और सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया है, वह सराहनीय है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और स्थानीय समाज मिलकर इसे कितनी भव्यता से सफल बनाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मिलकर बनाएं आस्था और एकता का नया इतिहास
ऐसे आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का अवसर देते हैं। यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझकर योगदान दे, तो आयोजन और भी भव्य बन सकता है।
आइए, हम सभी मिलकर इस महोत्सव को सफल बनाएं, भाईचारे और सहयोग की मिसाल पेश करें।
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