#खूंटी #स्थापना_दिवस : ताम्बा पेरिस में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया समारोह
खूंटी जिले के रनिया प्रखंड अंतर्गत ताम्बा पेरिस स्थित हालोम सीएनआई मंडली का 21वां स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर वक्ताओं ने विश्वास, सेवा और समाज के प्रति समर्पण के संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की।
- हालोम सीएनआई मंडली का 21वां स्थापना दिवस मनाया गया।
- कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
- श्रद्धालुओं, पादरीगण और प्रचारकों की रही सक्रिय भागीदारी।
- विश्वास, सेवा और मानवता के संदेश पर दिया गया जोर।
- जिला परिषद सदस्य बिरेन कंडुलना सहित कई गणमान्य रहे मौजूद।
खूंटी जिले के रनिया प्रखंड अंतर्गत ताम्बा पेरिस क्षेत्र में स्थित हालोम सीएनआई मंडली का 21वां स्थापना दिवस समारोह भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पादरीगण और प्रचारक उपस्थित रहे।
आत्मीय स्वागत से भावुक हुए मुख्य अतिथि
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए अतिथि का मंडली के सदस्यों द्वारा आत्मीय स्वागत और सम्मान किया गया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है।
उन्होंने कहा,
“स्थापना दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि विश्वास, सेवा, प्रेम और समाज के प्रति समर्पण की निरंतर यात्रा का प्रतीक है।”
विश्वास और सेवा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मंडली पिछले 21 वर्षों से समाज में शांति, सद्भाव और सेवा का संदेश देती आ रही है। यह केवल धार्मिक संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और मानव सेवा का सशक्त माध्यम भी है।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कामना व्यक्त की कि प्रभु की कृपा से यह मंडली भविष्य में भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती रहे।
समाज में सद्भाव बढ़ाने पर जोर
समारोह में उपस्थित पादरीगण और प्रचारकों ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में प्रेम, सहयोग और भाईचारे की आवश्यकता पहले से अधिक है, और ऐसे आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य बिरेन कंडुलना, पेरिस कौंसिल ताम्बा के प्रतिनिधि, हालोम मंडली के पादरीगण एवं प्रचारक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
उत्सव के साथ संदेश का संगम
पूरे कार्यक्रम में भक्ति, अनुशासन और सामूहिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने मिलकर प्रार्थना की और समाज में शांति एवं भाईचारे की कामना की।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी
ऐसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि धार्मिक संस्थाएं केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और एकता का संदेश देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हालोम सीएनआई मंडली का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है।
आस्था से सेवा, सेवा से समाज निर्माण
विश्वास और एकता से ही समाज मजबूत बनता है।
मानव सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।
ऐसे आयोजनों से समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ता है।
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