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करंट की चपेट में आकर हनुमान की मौत, बेतला क्षेत्र में बिजली सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

#बरवाडीह #वन्यजीव_सुरक्षा : ट्रांसफार्मर के पास खुले तार से हनुमान की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत बेतला पंचायत के ग्राम कुटमू में मंगलवार देर शाम करंट की चपेट में आने से एक हनुमान की मौत हो गई। यह घटना पारस गोस्वामी के घर के पास स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर के समीप हुई, जहां खुले बिजली के तार मौजूद थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी। इस घटना ने रिहायशी क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा और वन-प्राणियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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  • ग्राम कुटमू, बेतला पंचायत में करंट से हनुमान की मौत
  • पारस गोस्वामी के घर के पास लगे ट्रांसफार्मर के समीप हादसा।
  • खुले और नंगे बिजली तार बने जानलेवा।
  • घटना की सूचना वन विभाग को दी गई।
  • बेतला क्षेत्र में हनुमान और बंदरों की बढ़ती आवाजाही

बरवाडीह प्रखंड के बेतला पंचायत अंतर्गत ग्राम कुटमू में मंगलवार की देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक हनुमान की करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए ट्रांसफार्मर के समीप हुआ, जहां खुले और असुरक्षित बिजली तार पहले से मौजूद थे। घटना ने न सिर्फ ग्रामीणों को झकझोर दिया, बल्कि क्षेत्र में बिजली सुरक्षा और वन-प्राणियों के संरक्षण को लेकर गंभीर बहस भी छेड़ दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हनुमान रोज की तरह इलाके में उछल-कूद कर रहा था। इसी दौरान वह ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गया और अचानक बिजली के नंगे तार के संपर्क में आ गया। तेज करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

कैसे हुआ हादसा

ग्रामीणों ने बताया कि पारस गोस्वामी के घर के पास लगा ट्रांसफार्मर लंबे समय से असुरक्षित स्थिति में है। ट्रांसफार्मर के आसपास न तो सुरक्षा घेरा है और न ही तारों को ढंग से ढका गया है। अक्सर बच्चे, मवेशी और अब वन-प्राणी भी इसके आसपास पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हनुमान पेड़ से कूदते हुए नीचे आया और ट्रांसफार्मर के पास मौजूद तार को छू लिया। करंट इतना तेज था कि उसे बचने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही पलों में उसकी मौत हो गई।

ग्रामीणों में नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र में बिजली के खुले तारों की वजह से मवेशियों और छोटे जानवरों की मौत हो चुकी है, लेकिन विद्युत विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो इस हनुमान की जान बच सकती थी। लोगों ने ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाने, तारों को ढकने और नियमित निरीक्षण की मांग की है।

बेतला क्षेत्र में बढ़ी वन-प्राणियों की आवाजाही

गौरतलब है कि बेतला और आसपास के इलाकों में इन दिनों हनुमान और बंदरों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। जंगल से सटे होने के कारण ये वन-प्राणी अक्सर रिहायशी इलाकों, सड़कों और बाजारों तक पहुंच जाते हैं। भोजन की तलाश और मानवीय गतिविधियों के कारण उनका संपर्क बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और तारों से बढ़ गया है।

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वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि मानव बस्तियों के पास बिजली ढांचे को सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी हो गया है। खुले तार न सिर्फ इंसानों के लिए खतरा हैं, बल्कि वन-प्राणियों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहे हैं।

वन विभाग की भूमिका

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया की बात कही गई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल औपचारिक कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। वन विभाग और विद्युत विभाग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बेतला जैसे वन क्षेत्र से सटे इलाकों में विशेष सुरक्षा मानकों को लागू किया जाए और ट्रांसफार्मरों को पूरी तरह सुरक्षित किया जाए।

बिजली विभाग पर उठे सवाल

इस घटना ने विद्युत विभाग की लापरवाही को भी उजागर किया है। खुले और नंगे तारों का लंबे समय तक यूं ही पड़े रहना गंभीर चूक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण और मरम्मत की जाती, तो हादसों की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस योजना बनाई जाए।

न्यूज़ देखो: सुरक्षा में लापरवाही की कीमत

यह घटना बताती है कि बुनियादी ढांचे में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी जानहानि का कारण बन सकती है। बिजली विभाग और वन विभाग दोनों को मिलकर ऐसे संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतनी होगी। सवाल यह है कि क्या इस हादसे के बाद प्रशासन जागेगा और स्थायी समाधान निकालेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रकृति और जीवन की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी

वन-प्राणी हमारी प्राकृतिक विरासत हैं और उनकी सुरक्षा उतनी ही जरूरी है जितनी मानव जीवन की।
खुले बिजली तारों और असुरक्षित ट्रांसफार्मरों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाना हम सबका कर्तव्य है।
इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और सुरक्षित वातावरण के लिए आवाज उठाएं।

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Akram Ansari

बरवाडीह, लातेहार

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