Hazaribagh

हजारीबाग में सूरज राणा हत्याकांड के विरोध में शहरवासियों ने निकाला मोमबत्ती मार्च: न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की उठी जोरदार मांग

#हजारीबाग #हत्या_विरोध : हत्या के खिलाफ एकजुट हुआ पूरा शहर, इंसाफ की मांग तेज
  • सूरज कुमार राणा की हत्या के विरोध में मोमबत्ती मार्च।
  • घटना 1 जनवरी की रात इंद्रपुरी चौक में हुई।
  • गाना बजाने के विवाद में तलवार से जानलेवा हमला।
  • सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
  • दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग।
  • पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की अपील।

हजारीबाग शहर के मंडई खुर्द निवासी युवक सूरज कुमार राणा की नृशंस हत्या के खिलाफ आज शाम शहरवासियों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। हत्या की यह वारदात 1 जनवरी की रात हुई थी, जिसके विरोध में स्थानीय लोगों ने इंद्रपुरी चौक से लेकर प्रमुख मार्गों तक मोमबत्ती मार्च निकालकर न्याय की जोरदार मांग की। इस दौरान आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की अपील की गई।

हत्या की घटना ने झकझोरा शहर

प्राप्त विवरण के अनुसार 1 जनवरी की रात लगभग 9 बजे इंद्रपुरी चौक पर नए साल के मौके पर गाना बजाने को लेकर कुछ युवकों के बीच विवाद शुरू हुआ। इसी मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ युवकों ने सूरज राणा को खींचकर रेडक्रॉस भवन के पास ले गए, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

इसके बाद हमलावर उन्हें लाल कोठी चौक की ओर ले गए और वहां उन पर तलवार से कई वार किए। इस जानलेवा हमले में सूरज गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन देर रात 11 से 12 बजे के बीच डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे

सूरज कुमार राणा हजारीबाग के इंद्रपुरी चौक स्थित मंडई खुर्द के निवासी थे। वह अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य बताए जा रहे हैं। उनकी मौत के बाद पत्नी और दो छोटे बच्चों के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। परिजनों के अनुसार यह घटना पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि सूरज राणा की हत्या केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार की उम्मीदों का अंत है। इसलिए सरकार और जिला प्रशासन को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार को विशेष मुआवजा और सरकारी सहायता प्रदान करनी चाहिए।

मोमबत्ती मार्च में उमड़ी भारी भीड़

आज निकाले गए मोमबत्ती मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय युवक, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और आम नागरिक शामिल हुए। लोग हाथों में जलती मोमबत्तियां और सूरज राणा के लिए न्याय से जुड़े प्लेकार्ड लेकर चल रहे थे। मार्च के दौरान प्रशासन विरोधी नारे भी लगाए गए और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि शहर में नई साल जैसी महत्वपूर्ण रात को भी प्रभावी पुलिस गश्ती नहीं होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते पुलिस की सक्रियता रहती तो शायद यह दुखद घटना टल सकती थी।

ज्ञापन सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी

मोमबत्ती मार्च समाप्त होने के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित थाना और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगें रखी गईं— आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सुरक्षा।

प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो शहरवासी बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक सूरज राणा के परिवार को इंसाफ नहीं मिल जाता।

पुलिस कर रही है कार्रवाई

इधर घटना को लेकर हजारीबाग पुलिस भी हरकत में आ गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही इंद्रपुरी चौक और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन द्वारा जल्द ही इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा किए जाने की संभावना है।

न्यूज़ देखो: इंसाफ की उम्मीद

सूरज राणा की हत्या के खिलाफ हजारीबाग के लोगों का एकजुट होना यह दर्शाता है कि समाज अन्याय के विरुद्ध चुप नहीं रहेगा। इस तरह के शांतिपूर्ण मोमबत्ती मार्च लोकतांत्रिक तरीके से न्याय मांगने का सशक्त माध्यम बनते हैं। अब सबकी नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

न्याय के लिए एकजुटता जरूरी

किसी भी हत्या के मामले में इंसाफ तभी संभव है जब समाज आवाज उठाए।
शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतंत्र की ताकत है।
पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।
आप भी इस पहल का समर्थन करें और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज करें।

इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें।
अपनी राय कमेंट कर प्रशासन को सुझाव दें।
न्यूज़ देखो के साथ जुड़े रहें और हर सामाजिक मुद्दे पर सक्रिय बनें।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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