बरही में जय माता दी ज्वेलर्स लूट कांड का खुलासा, फरार अभियुक्त गिरफ्तार, हथियार और लूट का सामान बरामद

बरही में जय माता दी ज्वेलर्स लूट कांड का खुलासा, फरार अभियुक्त गिरफ्तार, हथियार और लूट का सामान बरामद

author News देखो Team
71 Views
#हजारीबाग #अपराध_उद्भेदन : पुलिस ने लूटकांड के फरार आरोपी को दबोचते हुए मामले की कड़ी जोड़ी।

हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में हुए जय माता दी ज्वेलर्स लूट कांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। विशेष जांच दल की लगातार कार्रवाई के तहत फरार चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला नवंबर 2025 में हुई सशस्त्र लूट से जुड़ा है, जिसमें अपराधियों ने फायरिंग कर जेवरात लूट लिए थे। पुलिस ने इस कांड में त्वरित कार्रवाई कर अधिकांश अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में भेजा है।

Join WhatsApp
  • 16 नवंबर 2025 को बरही चौक के पास जय माता दी ज्वेलर्स में हुई थी सशस्त्र लूट।
  • चार बैग में रखे सोने-चांदी के आभूषण कार से लूटकर अपराधी फरार हुए थे।
  • SIT टीम ने 24 घंटे के भीतर कांड का उद्भेदन किया।
  • पहले ही चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी थी।
  • 04 फरवरी 2026 को फरार अभियुक्त रामाशीष चौधरी गिरफ्तार।
  • लूट में प्रयुक्त हथियार और वाहन भी बरामद।

हजारीबाग जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बरही थाना पुलिस ने जय माता दी ज्वेलर्स लूट कांड का पूर्ण रूप से खुलासा कर दिया है। यह घटना 16 नवंबर 2025 की रात करीब 9 बजे बरही चौक के समीप हुई थी, जब दुकान संचालक अपने प्रतिष्ठान से नए और पुराने सोने-चांदी के आभूषण चार बैग में भरकर कार में रख रहा था। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार सशस्त्र अपराधियों ने कार का शीशा तोड़कर बैग लूट लिए और फरार होते समय दो राउंड फायरिंग की थी।

लूट की घटना से इलाके में फैली थी दहशत

घटना के बाद बरही सहित आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया था। व्यापारी वर्ग में भय व्याप्त हो गया था और पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। पीड़ित दुकानदार सुरेन्द्र कुमार के आवेदन पर बरही थाना कांड संख्या 439/25, दिनांक 17.11.2025 को धारा 309(4) भारतीय न्याय संहिता एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत चार अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

SIT गठन कर शुरू हुई सघन जांच

कांड की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बरही के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT टीम ने घटना स्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचनाओं के आधार पर तेजी से कार्रवाई शुरू की। परिणामस्वरूप पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर कांड का सफल उद्भेदन कर लिया।

पहले चरण में चार अभियुक्त गिरफ्तार

पुलिस ने छापामारी कर इस कांड में संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। गिरफ्तार अभियुक्तों में—
इन्द्रराज चौधरी (मायापुर, इटखोरी, चतरा),
रौशन यादव (गंगटी, शेरघाटी, गया),
धनंजय चौधरी उर्फ छोटू (लेम्बोईया, रौशनगंज, गया),
टोलू उर्फ अभिषेक सिंह (पड़रिया, धनगाई, गया)
शामिल थे। इनके पास से लूटे गए आभूषण, हथियार और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किए गए थे।

फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी

घटना में शामिल दो अभियुक्त उस समय फरार चल रहे थे। पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही थी। इसी क्रम में 04 फरवरी 2026 को कांड के फरार अभियुक्त रामाशीष चौधरी, पिता स्वर्गीय रघु चौधरी, ग्राम बनाही, थाना आमस, जिला गया (बिहार) को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी दुर्घटना में घायल अवस्था में इलाज करा रहा था, जहां से उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार अभियुक्त रामाशीष चौधरी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ आमस थाना में—
कांड संख्या 94/05 धारा 392 भादवि,
कांड संख्या 75/08 धारा 341/323/307/379/50/34 भादवि एवं 27 आर्म्स एक्ट,
कांड संख्या 43/12 धारा 147/148/149/341/324/326/327/307/504/506 भादवि
जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

छापामारी दल की भूमिका

इस सफल कार्रवाई में छापामारी दल की अहम भूमिका रही, जिसमें—
पु०अ०नि० मृत्युंजय कुमार,
पु०अ०नि० सौरभ कुमार,
आ०/160 नीरज कुमार सिंह,
सहित थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने जोखिम उठाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि कांड में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए SIT टीम लगातार छापामारी कर रही है और जल्द ही शेष अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

न्यूज़ देखो: त्वरित कार्रवाई से अपराधियों पर कसा शिकंजा

बरही ज्वेलरी लूट कांड में पुलिस की त्वरित और संगठित कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठित अपराध के खिलाफ सख्ती जारी है। 24 घंटे में उद्भेदन और लगातार गिरफ्तारियां पुलिस की कार्यशैली को दर्शाती हैं। अब चुनौती शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

कानून का डर ही अपराध पर सबसे बड़ा अंकुश

इस कार्रवाई ने आम नागरिकों और व्यापारियों में भरोसा मजबूत किया है। अपराध के खिलाफ सतर्कता और सहयोग से ही समाज सुरक्षित बन सकता है। यदि आप अपने क्षेत्र में किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी रखते हैं, तो पुलिस को सूचित करें। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सुरक्षित समाज के निर्माण में सहभागी बनें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

🔔

Notification Preferences

error: