
#आनंदपुर #रसोइया_संघ : हड़ताल जारी—सरकार से वार्ता नहीं हुई तो सड़क पर उतरने की चेतावनी।
पश्चिम सिंहभूम जिले के आनंदपुर प्रखंड में रसोइया-संयोजिका संघ की बैठक आयोजित कर अपनी लंबित मांगों पर चर्चा की गई। संघ की जिला सचिव सपना महतो ने कहा कि 18 फरवरी से जारी हड़ताल के बावजूद सरकार या विभाग की ओर से वार्ता की पहल नहीं हुई है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
- आनंदपुर प्रखंड के बाजार टांड आम बागान में रसोइया-संयोजिका संघ की बैठक आयोजित।
- बैठक की अध्यक्षता जसमनी भुइयां ने की।
- 18 फरवरी से रसोइया-संयोजिका की हड़ताल जारी, सरकार से वार्ता की मांग।
- सपना महतो ने कहा—मांगें नहीं मानी गईं तो संघ सड़कों पर उतरेगा।
- हड़ताल के कारण विद्यालयों में मध्याह्न भोजन और पढ़ाई दोनों प्रभावित।
पश्चिम सिंहभूम जिले के आनंदपुर प्रखंड स्थित बाजार टांड आम बागान में रसोइया-संयोजिका संघ की प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जसमनी भुइयां ने की, जिसमें प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत रसोइया और संयोजिकाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
बैठक में सबसे पहले उपस्थित रसोइयों से उनके-अपने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन की स्थिति की जानकारी ली गई। चर्चा के दौरान बताया गया कि रसोइया-संयोजिका के हड़ताल पर रहने के कारण कई विद्यालयों में व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
हड़ताल से विद्यालयों की व्यवस्था प्रभावित
बैठक के दौरान संघ की जिला सचिव सपना महतो ने कहा कि रसोइया-संयोजिका के हड़ताल पर रहने से विद्यालयों की स्थिति काफी प्रभावित हो गई है। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर शिक्षक और छात्र मिलकर मध्याह्न भोजन बना रहे हैं, जिससे भोजन बनाने के साथ-साथ पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था के लिए भी उचित नहीं है और सरकार को जल्द इस पर पहल करनी चाहिए।
सपना महतो ने कहा, “रसोइया-संयोजिका की हड़ताल के कारण विद्यालयों की स्थिति चरमरा गई है। शिक्षक और छात्र मिलकर भोजन बना रहे हैं, जिससे पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है।”
18 फरवरी से जारी है हड़ताल
सपना महतो ने बताया कि 18 फरवरी से रसोइया-संयोजिका हड़ताल पर हैं, लेकिन अब तक सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि संघ लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहा है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है।
उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बैठक में मौजूद रसोइयों को संबोधित करते हुए सपना महतो ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो संघ को मजबूर होकर आंदोलन तेज करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि रसोइया-संयोजिका अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं और इसके लिए सभी को एकजुट रहना होगा।
“यदि हमारी मांगों पर सरकार ने जल्द पहल नहीं की तो हम सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे,” — सपना महतो, जिला सचिव, रसोइया-संयोजिका संघ।
बैठक में कई सदस्य रहे उपस्थित
बैठक में संघ से जुड़े कई सदस्य मौजूद रहे। इनमें सुनीता नायक, बिलासी कंडुलना, मालती देवी, सुशीला नायक, मेरी भुइयां, शांति भेंगरा, पॉलिन कुंडलना, सिलमनी लुगुन, सुशील तोपनो, बलदेव सिंह, उर्सुला गुड़िया और हेलन भेंगरा सहित अन्य रसोइया शामिल थे।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: श्रमिक वर्ग की मांगों पर संवाद जरूरी
मध्याह्न भोजन योजना से जुड़े रसोइया-संयोजिका विद्यालय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होता, तो इसका असर सीधे शिक्षा व्यवस्था और छात्रों पर पड़ता है। ऐसे में सरकार और संबंधित विभाग को श्रमिक संगठनों के साथ संवाद स्थापित कर जल्द समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अधिकार और सम्मान के लिए एकजुटता जरूरी
किसी भी व्यवस्था में काम करने वाले श्रमिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।
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