
#बरवाडीह #लातेहार #शोक_संवेदना : युवा पत्रकार के पिता के निधन पर विधायक ने जताई गहरी संवेदना।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में एक युवा पत्रकार के पिता के निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है। दैनिक जागरण के बेतला क्षेत्र के पत्रकार अख्तर अंसारी के पिता के निधन के चौथे दिन स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने उनके आवास पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। विधायक ने परिजनों को ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, जिससे सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का संदेश गया।
- दैनिक जागरण के युवा पत्रकार अख्तर अंसारी के पिता का निधन।
- विधायक रामचंद्र सिंह ने पोखरी कलां स्थित आवास पहुंचकर जताई संवेदना।
- परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन।
- दिवंगत को बताया सरल, मिलनसार और कर्मठ व्यक्तित्व।
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत बेतला क्षेत्र में दैनिक जागरण के युवा पत्रकार अख्तर अंसारी के पिता के निधन से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। दिवंगत के सरल स्वभाव और सामाजिक व्यवहार को याद करते हुए लोग इस क्षति को समाज के लिए भी अपूरणीय बता रहे हैं। निधन के चौथे दिन स्थानीय विधायक रामचंद्र सिंह ने पोखरी कलां स्थित उनके आवास पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदना प्रकट की।
शोक संतप्त परिवार से की मुलाकात
विधायक रामचंद्र सिंह ने परिजनों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि इस दुःख की घड़ी में वे परिवार के साथ खड़े हैं और किसी भी प्रकार की आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। विधायक ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की।
विधायक ने कहा—
रामचंद्र सिंह ने कहा: “दिवंगत व्यक्ति सामाजिक रूप से अत्यंत सरल, मिलनसार और कर्मठ थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। इस कठिन समय में धैर्य और साहस बनाए रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
दिवंगत के व्यक्तित्व को किया स्मरण
मुलाकात के दौरान विधायक ने दिवंगत व्यक्ति के सामाजिक योगदान और व्यवहार को भी याद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज की नींव होते हैं, जिनका स्नेह और सहयोग हर वर्ग को जोड़कर रखता है। उनके जाने से जो रिक्तता बनी है, उसे भर पाना आसान नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिवंगत व्यक्ति का व्यवहार हमेशा सहज और सहयोगात्मक रहा। वे हर किसी से आत्मीयता के साथ मिलते थे और समाजिक कार्यों में भी रुचि रखते थे।
पत्रकारिता के दायित्व पर दिया संदेश
विधायक रामचंद्र सिंह ने इस दौरान युवा पत्रकार अख्तर अंसारी से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और ऐसे कठिन समय में भी सत्य, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना ही दिवंगत पिता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा—
“पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच सेतु का काम करते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों को निभाना ही आपके पिता की सीख और संस्कारों को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगा।”
इस संदेश को वहां मौजूद पत्रकार साथियों ने भी सराहा और इसे प्रेरणादायक बताया।
संवेदना प्रकट करने वालों का लगा तांता
विधायक के आगमन के दौरान और उसके बाद भी शोक संवेदना प्रकट करने वालों का तांता लगा रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और पत्रकार साथी लगातार परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते नजर आए।
मौके पर बीस सूत्री अध्यक्ष नसीम अंसारी, मो. सईद, समसुल अंसारी, ऐनुल होदा, एनामुल अंसारी, सिकंदर अंसारी, सलीम अंसारी, असलम अंसारी, अनवर अंसारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में परिवार को सांत्वना देते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।
समाज में एकजुटता का संदेश
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि दुःख की घड़ी में जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों का साथ मिलना शोकाकुल परिवार को मानसिक संबल प्रदान करता है। विधायक की यह पहल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का परिचायक है।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे समय में जब जनप्रतिनिधि स्वयं पहुंचकर पीड़ित परिवार के साथ खड़े होते हैं, तो समाज में आपसी भरोसा और एकजुटता और मजबूत होती है।
शोक की घड़ी में संवेदनशील राजनीति
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा का विषय रहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दुःख-सुख में लोगों के साथ खड़ा होना ही सही मायनों में जनसेवा है। विधायक रामचंद्र सिंह की यह पहल बताती है कि राजनीति केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी जिम्मेदारी भी है।
परिवार के सदस्यों ने विधायक और उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में मिला यह संबल उन्हें आगे बढ़ने की शक्ति देगा।
न्यूज़ देखो: संवेदनशील नेतृत्व की पहचान
बरवाडीह में शोकाकुल परिवार से विधायक की मुलाकात यह दर्शाती है कि जनप्रतिनिधि का असली कर्तव्य केवल नीतिगत फैसलों तक सीमित नहीं होता। ऐसे अवसरों पर साथ खड़ा होना जनता और प्रतिनिधियों के बीच भरोसे को और मजबूत करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
दुःख में साथ, समाज की असली ताकत
शोक की घड़ी में एक-दूसरे का सहारा बनना ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। इस खबर को साझा करें, ताकि संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। अपनी राय कमेंट में साझा करें और सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाएं।





