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उद्यानिकी को बढ़ावा देने की पहल, उपायुक्त ने 40 किसानों को प्रशिक्षण परिभ्रमण के लिए किया रवाना

#गिरिडीह #उद्यानिकी_प्रशिक्षण : MIDH योजना के तहत चयनित किसानों को उन्नत तकनीक से जोड़ने की पहल की गई।

गिरिडीह में उपायुक्त रामनिवास यादव ने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सहयोग से आयोजित उद्यानिकी प्रशिक्षण परिभ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समाहरणालय परिसर से 40 किसानों को हरी झंडी दिखाकर बस द्वारा रवाना किया गया। यह परिभ्रमण MIDH योजना के अंतर्गत आयोजित है, जिसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों और सफल मॉडलों से परिचित कराना है। कार्यक्रम से जिले में उद्यान फसलों के उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद है।

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  • उपायुक्त रामनिवास यादव ने 40 किसानों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
  • कार्यक्रम MIDH योजना के अंतर्गत आयोजित।
  • किसानों को CB नर्सरी और VNR फार्म्स, रायपुर ले जाया गया।
  • कुल 80 किसानों का चयन, पहले चरण में 40 किसान शामिल।
  • आधुनिक उद्यानिकी तकनीक और सफल मॉडल का प्रत्यक्ष अवलोकन।

गिरिडीह जिले में उद्यानिकी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उपायुक्त रामनिवास यादव ने आज समाहरणालय परिसर से चयनित किसानों को प्रशिक्षण परिभ्रमण के लिए रवाना किया। इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों से जोड़ना है।

MIDH योजना के तहत आयोजित परिभ्रमण

यह प्रशिक्षण परिभ्रमण Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उद्यानिकी क्षेत्र का समग्र विकास करना और किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन की दिशा में प्रेरित करना है।

इस वर्ष जिले से कुल 80 किसानों का चयन किया गया है। पहले चरण में 40 किसानों को परिभ्रमण के लिए भेजा गया है, जबकि शेष किसानों को अगले चरण में अवसर मिलेगा। चयनित किसानों को रांची स्थित ग्रीनरी संस्था द्वारा संचालित कार्यक्रम के तहत बाहर ले जाया गया है।

CB नर्सरी और VNR फार्म्स का भ्रमण

परिभ्रमण के दौरान किसान CB नर्सरी और VNR फार्म्स, रायपुर (छत्तीसगढ़) का दौरा करेंगे। इन स्थानों पर किसान आधुनिक उद्यानिकी पद्धतियों, उन्नत पौध उत्पादन, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, ग्रीनहाउस तकनीक और उच्च उत्पादक किस्मों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करेंगे।

किसानों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि किस प्रकार सीमित संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। सफल उद्यमियों और विशेषज्ञों से संवाद कर किसान अपने क्षेत्र में इन तकनीकों को लागू करने की योजना बना सकेंगे।

किसानों की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर

प्रशासन का मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण और परिभ्रमण कार्यक्रम किसानों की सोच और कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किसानों को प्रयोग के लिए प्रेरित करता है, जिससे जिले में उद्यान फसलों का रकबा और उत्पादन दोनों बढ़ सकते हैं।

उद्यानिकी के माध्यम से सब्जी, फल और फूल उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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उपायुक्त का संदेश

उपायुक्त रामनिवास यादव ने कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा:

रामनिवास यादव ने कहा: “इस प्रकार के प्रशिक्षण और परिभ्रमण कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में विकास को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।”

उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे परिभ्रमण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने गांव और प्रखंड स्तर पर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें।

कृषि क्षेत्र में नवाचार की दिशा

जिले में लगातार बदलती कृषि परिस्थितियों के बीच उद्यानिकी एक बेहतर विकल्प के रूप में उभर रही है। प्रशासन द्वारा इस तरह के कार्यक्रम यह संकेत देते हैं कि किसानों को केवल सहायता तक सीमित न रखकर उन्हें ज्ञान, तकनीक और बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएँ, तो कम लागत में भी अधिक उत्पादन संभव है। ऐसे परिभ्रमण कार्यक्रम किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

न्यूज़ देखो: प्रशिक्षण से बदलेगी खेती की तस्वीर

गिरिडीह में आयोजित यह उद्यानिकी प्रशिक्षण परिभ्रमण दर्शाता है कि प्रशासन किसानों को आधुनिक खेती की ओर ले जाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है। MIDH योजना के तहत चयनित किसानों को बाहर भेजना दीर्घकालीन कृषि विकास की दिशा में ठोस कदम है। अब चुनौती यह होगी कि सीखी गई तकनीकों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सीख से समृद्धि की ओर

खेती अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार का क्षेत्र बनती जा रही है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को नई सोच और नए अवसरों से जोड़ते हैं।
यदि आप भी कृषि से जुड़े हैं, तो सीखने और प्रयोग करने से पीछे न हटें।
इस खबर को अन्य किसानों तक पहुँचाएँ, अपने विचार साझा करें और आधुनिक खेती की दिशा में जागरूकता फैलाएँ। मजबूत किसान ही मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव होते हैं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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