
#गिरिडीह #सड़कसुरक्षामाह : विद्यालयों में प्रभात फेरी, जागरूकता कार्यक्रम और नियम पालन की शपथ दिलाई गई।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत गिरिडीह जिले के सभी विद्यालयों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार के निर्देश पर प्रभात फेरी, सड़क सुरक्षा शपथ और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से समाज में सड़क सुरक्षा का संदेश मजबूत करना रहा।
- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत जिलेभर के विद्यालयों में आयोजन।
- जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार के निर्देश पर कार्यक्रम संपन्न।
- विद्यालयों में प्रभात फेरी, जागरूकता कार्यक्रम और शपथ का आयोजन।
- हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग को लेकर की गई अपील।
- जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधन मोहम्मद वाजिद हसन ने दुर्घटनाओं पर जताई चिंता।
- शिक्षक, यातायात प्रभारी और ट्रैफिक पुलिस की रही सक्रिय सहभागिता।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अवसर पर गिरिडीह जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया। जिले के सभी विद्यालयों में एक साथ प्रभात फेरी, जागरूकता कार्यक्रम और सड़क सुरक्षा शपथ का आयोजन कर विद्यार्थियों को यातायात नियमों के महत्व से अवगत कराया गया। इस पहल का उद्देश्य कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क व्यवहार को बढ़ावा देना रहा।
विद्यालयों से निकली प्रभात फेरियों ने दिया संदेश
सुबह-सुबह विद्यालय परिसरों से निकली प्रभात फेरियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश दिए।
प्रभात फेरी के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सड़क पर सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा विषय है। बच्चों के उत्साह और अनुशासन ने आम नागरिकों को भी प्रभावित किया।
यातायात नियमों के पालन की अपील
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों से वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है, इसलिए नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है।
दुर्घटनाओं के पीछे नियम उल्लंघन बड़ी वजह
जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधन मोहम्मद वाजिद हसन ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण होती हैं।
उन्होंने कहा कि तेज गति, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल और शराब पीकर वाहन चलाना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। यदि इन पर नियंत्रण किया जाए, तो दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
बच्चों को दिलाई गई सड़क सुरक्षा की शपथ
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
बच्चों को यह समझाया गया कि वे अपने घर और आसपास के लोगों को भी सुरक्षित सड़क व्यवहार के लिए जागरूक करें।
शिक्षक और पुलिस की रही अहम भूमिका
इस अभियान में विद्यालय के शिक्षक, यातायात प्रभारी और ट्रैफिक पुलिस के पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। शिक्षकों ने बच्चों को सरल भाषा में नियमों की जानकारी दी, जबकि ट्रैफिक पुलिस ने व्यवहारिक उदाहरणों के जरिए सड़क सुरक्षा की अहमियत समझाई।
प्रशासनिक सहयोग से यह कार्यक्रम अधिक प्रभावी और अनुशासित रूप में संपन्न हुआ।
समाज तक पहुंचेगा बच्चों के जरिए संदेश
अधिकारियों का मानना है कि बच्चों के माध्यम से दिया गया संदेश समाज में लंबे समय तक असर छोड़ता है। विद्यालयों में इस तरह के आयोजन भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।
सड़क सुरक्षा माह के तहत आगे भी विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की योजना है।
न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही घटेंगी सड़क दुर्घटनाएं
गिरिडीह जिले में विद्यालयों के माध्यम से चलाया गया यह अभियान बताता है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को कम उम्र में नियमों का महत्व समझाना भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने का प्रभावी तरीका हो सकता है। अब चुनौती यह है कि यह जागरूकता केवल आयोजनों तक सीमित न रहे, बल्कि व्यवहार में भी उतरे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़कें, जिम्मेदार नागरिकों से ही संभव
सड़क सुरक्षा के नियम किसी डर के लिए नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा के लिए बने हैं। जब बच्चे सही सीख लेकर घर लौटते हैं, तो पूरा परिवार जागरूक होता है।
आप भी वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें और बच्चों को अच्छा उदाहरण दें।
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