
#जमशेदपुर #सामाजिक_पहल : सैन्य मातृशक्ति की ओर से साकची के आशीर्वाद वृद्धाश्रम में सेवा कार्यक्रम आयोजित कर बुजुर्गों के साथ संवाद और भोजन वितरण किया गया।
जमशेदपुर के साकची स्थित आशीर्वाद वृद्धाश्रम में सैन्य मातृशक्ति की ओर से सामाजिक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुपमा सिंह शामिल हुईं। इस दौरान बुजुर्गों के बीच लंच का वितरण किया गया और उनसे आत्मीय संवाद किया गया। कार्यक्रम में संगठन की कई सदस्याएं उपस्थित रहीं।
- सैन्य मातृशक्ति जमशेदपुर की पहल पर साकची स्थित आशीर्वाद वृद्धाश्रम में सेवा कार्यक्रम आयोजित।
- मुख्य अतिथि के रूप में अनुपमा सिंह की उपस्थिति, बुजुर्गों से आत्मीय संवाद।
- वृद्धाश्रम के निवासियों के बीच लंच का वितरण और सामूहिक सहभागिता।
- अध्यक्ष रूबी सिंह ने सामाजिक दायित्व और मानवीय मूल्यों पर दिया जोर।
- कार्यक्रम के आयोजन में भावना सिंह और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका।
जमशेदपुर में सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने की दिशा में सैन्य मातृशक्ति द्वारा एक प्रेरणादायक पहल की गई। साकची स्थित आशीर्वाद वृद्धाश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन की सदस्याओं ने बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके साथ भोजन साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के उस वर्ग तक संवेदना और सहयोग पहुंचाना था, जिन्हें सहारे और अपनापन की आवश्यकता है।
बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद और सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनुपमा सिंह ने वृद्धाश्रम के निवासियों से मुलाकात की। उन्होंने बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सुख-शांति की कामना की तथा उनसे आत्मीय बातचीत की। इस दौरान बुजुर्गों ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए, जिन्हें सभी ने ध्यानपूर्वक सुना।
सैन्य मातृशक्ति ने इस आयोजन को नेताजी सुभाष दिवस एवं विजय दिवस के अनुभव से जोड़ते हुए सेवा और सम्मान की भावना के साथ मनाया। संगठन की सदस्याओं ने वृद्धाश्रम में रह रहे लोगों के साथ बैठकर भोजन किया और उनके साथ समय बिताया।
लंच वितरण और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान सैन्य मातृशक्ति की ओर से वृद्धाश्रम के निवासियों के बीच लंच का वितरण किया गया। इसके अलावा विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता कर माहौल को आत्मीय और सकारात्मक बनाने का प्रयास किया गया। उपस्थित सदस्यों ने बुजुर्गों की समस्याओं को भी सुना और संभावित समाधान पर चर्चा की।
यह पहल समाज के प्रति दायित्व की भावना को मजबूत करने का प्रयास रही। कार्यक्रम का उद्देश्य यह संदेश देना था कि बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता समाज की मूल पहचान है।
सामाजिक दायित्व पर दिया गया जोर
सैन्य मातृशक्ति समूह की अध्यक्ष रूबी सिंह ने इस अवसर पर कहा,
“इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करके हमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास होता है। हमें खुशी है कि हमारे सैन्य मातृशक्ति सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल हुए और वृद्धाश्रम के निवासियों के साथ मूल्यवान समय बिताया।”
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में भावना सिंह और उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सदस्याओं की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर सैन्य मातृशक्ति की कई सदस्याएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूनम (सैन्य मातृशक्ति), महामंत्री विनीता सिंह, अध्यक्ष रूबी सिंह, नीता शर्मा, संगीता, भावना सिंह, अंजू, शालीमा, पूनम सहित अन्य सदस्याओं ने भाग लिया और इस पहल को सराहा।
सभी ने एक स्वर में कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंदों तक सहयोग और संवेदना पहुंचाई जा सके।

न्यूज़ देखो: सेवा से सशक्त होता समाज
जमशेदपुर में सैन्य मातृशक्ति की यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता का उदाहरण है। वृद्धाश्रम में जाकर समय बिताना केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का माध्यम है। ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत बनाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समाज के प्रति संवेदनशील बनें
बुजुर्ग हमारे अनुभव और संस्कार की धरोहर हैं।
उनके साथ कुछ समय बिताना भी उनके जीवन में खुशी ला सकता है।
आइए, हम भी अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों तक सहयोग और सम्मान पहुंचाने का संकल्प लें।
ऐसी सकारात्मक पहल को आगे बढ़ाएं और समाज में संवेदनशीलता की मिसाल बनें।
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