
#मेदिनीनगर #बिजली_संकट : जर्जर 11000 वोल्ट तार और पुराने इंसुलेटर से हादसे का खतरा — अंडरग्राउंड वायरिंग की योजना अब तक अधूरी।
मेदिनीनगर शहर में जर्जर बिजली तारों और पुराने इंसुलेटर के कारण बड़े हादसे की आशंका बढ़ती जा रही है। बेलवाटिका चौक पर 11000 वोल्ट का तार गिरने से शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों पुराने तारों से ही अब भी बिजली आपूर्ति हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता शर्मिला वर्मा ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
- मेदिनीनगर के बेलवाटिका चौक पर 11000 वोल्ट का तार गिरने से बड़ा हादसा टला।
- शहर में दशकों पुराने तार और इंसुलेटर से अब भी बिजली आपूर्ति।
- रामनवमी से पहले 2000 के हादसे की याद से लोग चिंतित।
- अंडरग्राउंड वायरिंग और केबल बिछाने की योजना अब तक अधूरी।
- न्यू पीएचडी फीडर क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती से लोग परेशान।
- सामाजिक कार्यकर्ता शर्मिला वर्मा ने सुरक्षा और सुधार की मांग उठाई।
मेदिनीनगर शहर में बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के कई हिस्सों में अब भी दशकों पुराने 11000 वोल्ट के तार और इंसुलेटर के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। हाल ही में बेलवाटिका चौक पर बिजली का तार गिरने की घटना ने इस खतरे को और स्पष्ट कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह घटना यदि भीड़भाड़ के समय होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल ध्यान देने की मांग की है।
बेलवाटिका चौक पर टला बड़ा हादसा
मेदिनीनगर के बेलवाटिका चौक पर अचानक 11000 वोल्ट का बिजली तार गिर गया। यह स्थान शहर का व्यस्त इलाका माना जाता है और सुबह के समय यहां लोगों की काफी आवाजाही रहती है।
घटना के समय भी आसपास दूध लेने आए लोगों की भीड़ मौजूद थी। हालांकि सौभाग्य से किसी को गंभीर चोट नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह घटना रात में या भीड़भाड़ के समय होती तो कई लोगों की जान जा सकती थी।
दशकों पुराने तार और इंसुलेटर
स्थानीय लोगों के अनुसार शहर में कई जगहों पर पांच से छह दशक पुराने इंसुलेटर और तार अब भी उपयोग में हैं। बिजली के इन उपकरणों पर अंकित समय सीमा के अनुसार इन्हें वर्षों पहले ही बदल दिया जाना चाहिए था।
इसके बावजूद अब तक इनका नवीनीकरण नहीं किया गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।
सामाजिक कार्यकर्ता शर्मिला वर्मा ने कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देने के समान है।
शर्मिला वर्मा ने कहा: “शहर में जर्जर तारों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन को तुरंत इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।”
रामनवमी के समय बढ़ती चिंता
मेदिनीनगर में रामनवमी का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर शहर की सड़कों और चौक-चौराहों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि लगभग 26 वर्ष पहले हुए एक बड़े हादसे की याद आज भी लोगों को सिहरन पैदा कर देती है। ऐसे में जर्जर बिजली तारों की स्थिति लोगों की चिंता को और बढ़ा रही है।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अंडरग्राउंड वायरिंग की योजना अधूरी
शहर में 11000 वोल्ट बिजली लाइन को अंडरग्राउंड करने की योजना कई बार चर्चा में आई, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस काम नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि केबल बिछाने के लिए राशि भी स्वीकृत हुई और कुछ स्थानों पर काम भी शुरू हुआ, लेकिन इसका परिणाम अब तक दिखाई नहीं दे रहा है।
इस कारण शहर के कई हिस्सों में अब भी पुरानी और जर्जर लाइनें ही बिजली आपूर्ति का आधार बनी हुई हैं।
न्यू पीएचडी फीडर क्षेत्र में बिजली कटौती
मेदिनीनगर के न्यू पीएचडी फीडर क्षेत्र के लोग बिजली की लगातार कटौती से परेशान हैं। गर्मी के मौसम की शुरुआत होते ही बिजली की आंख मिचौली शुरू हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह उठते ही अक्सर बिजली कटी रहती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है। व्यापारियों और घरों में भी इस समस्या का असर देखने को मिलता है।
इसके अलावा लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि फीडर के लिए लगाए गए ब्रेकर कई बार सही तरीके से काम नहीं करते।
सुरक्षा उपकरणों पर भी उठे सवाल
बिजली व्यवस्था में सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले ब्रेकर का समय पर ट्रिप करना बेहद जरूरी होता है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यू पीएचडी फीडर के सब स्टेशन में लगा ब्रेकर कई बार सही समय पर काम नहीं करता।
यदि ऐसी स्थिति में बिजली तार गिर जाए या कोई अन्य दुर्घटना हो जाए तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के जर्जर बिजली तारों और इंसुलेटर को तुरंत बदला जाए। साथ ही अंडरग्राउंड वायरिंग की अधूरी योजना को जल्द पूरा किया जाए।
लोगों का कहना है कि बिजली व्यवस्था में सुधार होने से न केवल दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा बल्कि शहर के लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति भी मिल सकेगी।
न्यूज़ देखो: सुरक्षा से समझौता क्यों?
मेदिनीनगर में जर्जर बिजली तारों की स्थिति यह सवाल उठाती है कि बुनियादी सुविधाओं में सुधार की योजनाएं जमीन पर क्यों नहीं उतर पातीं। बिजली जैसी जरूरी सेवा में लापरवाही सीधे लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शहर की सुरक्षा के लिए जरूरी है जागरूकता
किसी भी शहर की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि नागरिकों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
यदि किसी इलाके में जर्जर बिजली तार, खराब ट्रांसफॉर्मर या अन्य खतरे दिखाई दें तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को देना जरूरी है।
सुरक्षित शहर वही होता है जहां प्रशासन और नागरिक दोनों मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं।
आप भी अपने इलाके की समस्याओं पर आवाज उठाएं, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और शहर की सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।


