
#सिमडेगा #उग्रवादीहिंसासमीक्षा : उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में पीड़ित परिवारों को अनुग्रह राशि, बीमा और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर।
सिमडेगा में उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में उग्रवादी हिंसा पीड़ित आश्रितों के 146 मामलों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में अनुग्रह राशि, अनुकंपा नियुक्ति, लंबित और अस्वीकृत आवेदनों पर विस्तार से चर्चा हुई। पीड़ित परिवारों को बीमा, कौशल प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित।
- कुल 146 मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श।
- अनुग्रह राशि, अनुकंपा नियुक्ति और लंबित आवेदनों की समीक्षा।
- पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना व प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ने के निर्देश।
- आश्रितों को कौशल प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर बल।
सिमडेगा जिले में उग्रवादी हिंसा में मृत व्यक्तियों एवं सेवा काल में दिवंगत सरकारी सेवकों के आश्रितों से संबंधित मामलों की व्यापक समीक्षा की गई। उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुल 146 प्रकरणों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को समयबद्ध राहत, अनुग्रह राशि, अनुदान और अनुकंपा आधारित नियुक्ति सुनिश्चित करना था।
सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी मामलों का निष्पादन सरकार के दिशा-निर्देशों के अक्षरशः अनुपालन के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
जिन पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है, उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से आच्छादित करने का निर्देश दिया गया, ताकि भविष्य में किसी आकस्मिक स्थिति में उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मिल सके।
स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण पर जोर
उपायुक्त ने आश्रितों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, जिससे वे स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल आर्थिक सहायता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
अनुकंपा नियुक्ति और लंबित मामलों पर सख्ती
बैठक में अनुकंपा आधारित नियुक्ति से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अस्वीकृत एवं भुगतान लंबित मामलों की कारण सहित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया।
पीड़ित परिवारों की बेटियों को कन्यादान योजना से जोड़ने तथा अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि परिवारों को समुचित सामाजिक और आर्थिक सहारा मिल सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, अनुमंडल पदाधिकारी प्रकाश रंजन ज्ञानी, सामान्य शाखा प्रभारी पदाधिकारी-सह-जिला परिवहन पदाधिकारी संजय बखला, एलडीएम सनिश मिंज, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, जिला कोषागार पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।

न्यूज़ देखो: पुनर्वास की दिशा में प्रशासनिक सक्रियता
उग्रवादी हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए केवल अनुग्रह राशि पर्याप्त नहीं, बल्कि दीर्घकालिक योजनाबद्ध सहायता जरूरी है। सिमडेगा में 146 मामलों की समीक्षा प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है। यदि निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो पीड़ित परिवारों को वास्तविक राहत मिल सकेगी।
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संवेदनशील प्रशासन ही मजबूत समाज की पहचान
हिंसा से प्रभावित परिवारों को सहारा देना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है।
आर्थिक सहायता के साथ शिक्षा, कौशल और सुरक्षा भी जरूरी है।
आत्मनिर्भरता ही सशक्त भविष्य की कुंजी है।
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