
#सिमडेगा #विकास_समीक्षा : जिला समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
सिमडेगा समाहरणालय में उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति (विकास) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, आपसी समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। बैठक में लंबित कार्यों के शीघ्र निष्पादन और लाभुकों तक समय पर लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक।
- वन, ग्रामीण विकास, पेयजल, भवन निर्माण सहित सभी विभागों की योजनाओं की समीक्षा।
- आवास योजनाओं में लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने का निर्देश।
- पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति बहाल करने की समयसीमा तय।
- आपदा प्रबंधन व भूमि विवाद मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर।
सिमडेगा :- जिले में विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित सभागार में जिला समन्वय समिति (विकास) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त कंचन सिंह ने की। इस दौरान जिले में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि जनहित से जुड़ी सभी योजनाओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित समीक्षा से ही योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचाया जा सकता है।
विभागीय समन्वय पर विशेष जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर योजनाओं में अनावश्यक विलंब से बचें। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं, जनसुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विशेष अभियानों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है।
बैठक में वन प्रमंडल, भवन निर्माण, पेयजल एवं स्वच्छता, आपूर्ति, कृषि, सहकारिता, राजस्व, पशुपालन, जल छाजन, ग्रामीण विकास, कल्याण विभाग, परियोजना निदेशक आईटीडीए, पंचायती राज, आरईओ सहित अन्य विभागों की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
फॉरेस्ट क्लीयरेंस और हाथी प्रभावित क्षेत्रों पर निर्देश
वन प्रमंडल विभाग की समीक्षा के दौरान पथ निर्माण विभाग एवं आरईओ से जुड़े लंबित फॉरेस्ट क्लीयरेंस मामलों पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय से इन मामलों का शीघ्र निष्पादन करें।
इसके साथ ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाथी भगाने वाली सामग्री का वितरण सुनिश्चित करने और इसकी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश वन विभाग को दिया गया।
भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा
भवन निर्माण विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों सहित अन्य निर्माणाधीन भवनों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
आवास योजनाओं पर सख्त निर्देश
ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के क्रम में बाबा साहेब आंबेडकर आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन आवास योजना, मुख्यमंत्री अबुआ आवास योजना सहित अन्य योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन आवासों का निर्माण लंबे समय से लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लाभुकों को अबुआ आवास योजना के तहत तीसरी किस्त जारी हो चुकी है, वे शीघ्र अपने आवास का निर्माण कार्य पूर्ण करें।
पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति बहाली की समयसीमा तय
पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि बसईन जलापूर्ति योजना में ड्रायरन का कार्य प्रगति पर है। विद्युत आपूर्ति बहाल होते ही योजना चालू की जानी है।
इस पर उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल को निर्देश दिया कि 26 जनवरी 2026 तक हर हाल में विद्युत आपूर्ति बहाल कर योजना को संचालित किया जाए। इसके साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, पोल शिफ्टिंग और विद्युत लाइनों से सटे पेड़ों की कटाई के निर्देश दिए गए।
कल्याण योजनाओं और स्वास्थ्य सहायता की समीक्षा
परियोजना निदेशक आईटीडीए एवं कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में शत-प्रतिशत साइकिल वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड से कम से कम 10-10 पीड़ित मरीजों के आवेदन अनुशंसा के साथ कल्याण विभाग को भेजें। साथ ही जिन लाभुकों को भुगतान हो चुका है, उनकी सूची प्रखंडों को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
अन्य योजनाएं और आपदा प्रबंधन
बैठक में सरना मासना घेराबंदी, धूमकुडिया भवन निर्माण, छात्रावास मरम्मति योजनाओं की भी समीक्षा की गई। पूर्ण योजनाओं के भुगतान के लिए एमबी बुक की प्रति प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों में अतिवृष्टि, वज्रपात, सड़क दुर्घटना, डूबने की घटनाएं, ओलावृष्टि से फसल क्षति आदि की त्वरित रिपोर्टिंग और निष्पादन पर जोर दिया गया। इसके अलावा न्यायालय एवं जनता दरबार में लंबित भूमि विवाद मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश अंचल अधिकारियों को दिए गए।
पशुपालन, सहकारिता और मनरेगा की समीक्षा
पशुपालन विभाग की समीक्षा में पशुओं के टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली गई और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान सोलर कोल्ड स्टोरेज को एक सप्ताह के भीतर सुचारू रूप से चालू करने का निर्देश दिया गया।
मनरेगा अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिले में निर्माणाधीन 35 आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में रहे ये अधिकारी उपस्थित
बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन सामाद, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: विकास में समन्वय ही सफलता की कुंजी
सिमडेगा में आयोजित जिला समन्वय समिति की यह बैठक दर्शाती है कि जिला प्रशासन योजनाओं को लेकर गंभीर और जवाबदेह है। समयसीमा तय करना और नियमित समीक्षा विकास को धरातल पर उतारने की दिशा में मजबूत कदम है। अब देखना होगा कि दिए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी क्रियान्वयन होता है।
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समय पर काम, तभी मिलेगा सही लाभ
विकास योजनाओं की सफलता प्रशासन और जनता दोनों की सहभागिता से संभव है।
सजग रहें, अपने अधिकारों और योजनाओं की जानकारी रखें।
यदि आपके क्षेत्र में कोई योजना लंबित है तो आवाज उठाएं।
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