राजकीय बालक मध्य विद्यालय में अमानवीय हरकत, गेट पर गंदगी फैलाकर ताला जाम, घंटों बाहर रहे बच्चे

राजकीय बालक मध्य विद्यालय में अमानवीय हरकत, गेट पर गंदगी फैलाकर ताला जाम, घंटों बाहर रहे बच्चे

author Aditya Kumar
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#चैनपुर #विद्यालय_विवाद : स्कूल गेट नहीं खुलने से छात्र-शिक्षक परेशान, पुलिस ने पहुंचकर खुलवाया ताला।

चैनपुर स्थित राजकीय बालक मध्य विद्यालय में सोमवार सुबह अज्ञात असामाजिक तत्वों ने मुख्य गेट और ताले पर गंदगी फैलाकर प्रवेश बाधित कर दिया। सुबह स्कूल खुलने के समय बच्चे और शिक्षक घंटों बाहर खड़े रहे। सूचना मिलने पर पुलिस और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, जिसके बाद ताला तोड़कर विद्यालय खोला गया। घटना से शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी रोष है।

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  • राजकीय बालक मध्य विद्यालय, चैनपुर में शर्मनाक घटना।
  • गेट और ताले पर गंदगी फैलाकर प्रवेश रोका गया।
  • बच्चे और शिक्षक घंटों बाहर खड़े रहे।
  • यह विद्यालय में तीसरी बार ऐसी घटना बताई गई।
  • पुलिस, जनप्रतिनिधि पहुंचे और ताला खुलवाया।
  • दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज।

चैनपुर के राजकीय बालक मध्य विद्यालय में सोमवार को एक बेहद निंदनीय और अमानवीय घटना सामने आई। अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा विद्यालय के मुख्य गेट और तालों पर गंदगी फैलाकर ताला जाम कर दिया गया, जिससे समय पर स्कूल नहीं खुल सका। परिणामस्वरूप छात्र-छात्राएं और शिक्षक घंटों तक गेट के बाहर इंतजार करते रहे। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक सोच दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुबह स्कूल पहुंचते ही दिखा शर्मनाक दृश्य

सुबह 6:45 बजे विद्यालय लगने का निर्धारित समय था। जब छात्र और शिक्षक स्कूल पहुंचे तो मुख्य गेट पर फैली गंदगी और जाम ताले को देखकर सभी हैरान रह गए।

गेट नहीं खुल पाने के कारण बच्चे बाहर ही खड़े रहे। कई छात्र जमीन पर बैठ गए और शिक्षक भी असहाय नजर आए।

तीसरी बार हुई ऐसी घटना

विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका जगरानी कुजूर ने दुख जताते हुए बताया कि यह इस प्रकार की तीसरी घटना है।

उन्होंने कहा कि पहली बार जब गेट पर गंदगी फैलाई गई थी, तब उन्होंने स्वयं सफाई की थी। दूसरी बार शिक्षक कृष्णा सर और महिला शिक्षिकाओं ने बाल्टी और झाड़ू लेकर गेट साफ किया था ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।

जगरानी कुजूर ने कहा: “यह बेहद तकलीफदेह है कि शिक्षा के मंदिर में ऐसी घिनौनी हरकतें की जा रही हैं।”

बच्चों ने भी बताई परेशानी

कक्षा 7वीं की छात्रा भगवती कुमारी और 8वीं की अंबिका कुमारी ने बताया कि ताले के पास भारी गंदगी फैली हुई थी।

छात्राओं ने कहा कि पहले भी कई बार शिक्षिकाओं को खुद सफाई करनी पड़ी है। इस बार भी बच्चे स्कूल के बाहर इंतजार करते रहे।

पुलिस और जनप्रतिनिधि पहुंचे

घटना की सूचना मिलने के बाद चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार, जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा और मुखिया शोभा देवी विद्यालय पहुंचे।

स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सुबह 8:08 बजे गेट का ताला तोड़ा गया।

ताला खुलते ही बच्चों ने राहत की सांस ली और विद्यालय परिसर में प्रवेश किया।

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षकों में गहरा रोष देखा गया। लोगों का कहना है कि विद्यालय जैसे पवित्र स्थान को निशाना बनाना बेहद शर्मनाक है।

ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द पहचान कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने कहा: “जो लोग स्कूल को बाधित कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

जांच में जुटी पुलिस

थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने शिक्षकों और ग्रामीणों से पूछताछ की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि घटना को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

शिक्षा व्यवस्था पर असर

विद्यालय में लगातार इस तरह की घटनाएं बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर डालती हैं। समय पर कक्षाएं शुरू नहीं हो पाना, बच्चों का मानसिक रूप से परेशान होना और शिक्षकों का समय नष्ट होना गंभीर विषय है।

विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठ रही है।

न्यूज़ देखो: स्कूल पर हमला केवल दीवारों पर नहीं, भविष्य पर होता है

विद्यालय बच्चों का भविष्य गढ़ने का स्थान है। ऐसे संस्थानों को निशाना बनाना समाज विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। प्रशासन को इस मामले में त्वरित जांच कर दोषियों को दंडित करना चाहिए ताकि दोबारा कोई ऐसी हरकत न कर सके। स्कूलों की सुरक्षा अब प्राथमिकता बननी चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा का सम्मान करें

विद्यालय समाज की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
बच्चों की पढ़ाई में बाधा डालना अपराध है।
स्कूलों को सुरक्षित और स्वच्छ रखना सबकी जिम्मेदारी है।
असामाजिक तत्वों के खिलाफ समाज को एकजुट होना होगा।
बच्चों का भविष्य सबसे पहले है।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, शेयर करें और शिक्षा सम्मान का संदेश फैलाएं।

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Written by

डुमरी, गुमला

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