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पालकोट में घायल जंगली भालू का सफल रेस्क्यू, बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया

#पालकोट #गुमला #वन्यजीव_संरक्षण : वन विभाग की तत्परता से घायल भालू सुरक्षित रेस्क्यू, रांची रेफर।

गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने एक घायल जंगली भालू को सुरक्षित रेस्क्यू कर बड़ी सफलता हासिल की है। टेंगरिया पंचायत के खिजूर टोली गांव के पास मिले इस भालू को प्राथमिक जांच के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर भेजा गया। भालू के दाहिने अगले पैर में गंभीर चोट पाई गई है। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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  • टेंगरिया पंचायत के खिजूर टोली गांव के बागान के पास मिला घायल भालू।
  • पालकोट वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया।
  • भालू के दाहिने अगले पैर में गहरा जख्म।
  • प्राथमिक जांच के बाद वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर, रांची भेजा गया।
  • पहले बसिया प्रखंड के निनई क्षेत्र में कुएं में गिरने की घटना।
  • रेस्क्यू अभियान में कई वनकर्मियों की सक्रिय भूमिका।

पालकोट प्रखंड क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आई है। टेंगरिया पंचायत अंतर्गत खिजूर टोली गांव के समीप एक बागान के पास ग्रामीणों ने एक घायल जंगली भालू को देखा, जिसकी सूचना तत्काल पालकोट वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही विभाग ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

गंभीर हालत में मिला जंगली भालू

वन विभाग के अनुसार, जंगली भालू काफी सुस्त अवस्था में पाया गया था और उसके आगे के दाहिने पैर में गहरा जख्म था। चोट के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ दिख रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल भी बन गया था। हालांकि, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए वन विभाग को तुरंत सूचना दी।

तत्काल गठित की गई रेस्क्यू टीम

सूचना मिलते ही प्रभारी वनपाल संदीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया। टीम ने पूरी सावधानी और सुरक्षा उपायों के साथ घायल भालू को सुरक्षित पिंजरे में कैद किया और उसे पालकोट वन विभाग कार्यालय लाया गया। इस दौरान वनकर्मियों ने यह सुनिश्चित किया कि भालू को किसी तरह की अतिरिक्त चोट न पहुंचे।

प्रभारी वनपाल संदीप कुमार ने कहा: “भालू काफी कमजोर स्थिति में था। प्राथमिक उपचार के बाद हमने उसे बेहतर इलाज के लिए रांची भेजने का निर्णय लिया।”

पहले भी कुएं में गिर चुका था भालू

वन विभाग ने बताया कि यह वही जंगली भालू है, जो कुछ दिन पहले बसिया प्रखंड के निनई क्षेत्र में एक कुएं में गिर गया था। उस समय भी वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे कुएं से बाहर निकाला था। हालांकि, रेस्क्यू के बाद भालू जंगल की ओर भाग गया था और संभवतः चोटिल अवस्था में भटकते हुए खिजूर टोली गांव के बागान तक पहुंच गया।

रांची भेजा गया बेहतर इलाज के लिए

पालकोट वन विभाग कार्यालय में प्राथमिक जांच के बाद भालू की हालत को देखते हुए उसे वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर, बरवे (रांची) भेजने का निर्णय लिया गया। वहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज किया जाएगा। विभाग का कहना है कि भालू की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है।

रेस्क्यू अभियान में कई कर्मियों की अहम भूमिका

इस रेस्क्यू अभियान में वन विभाग के कई कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। अभियान में प्रभारी वनपाल संदीप कुमार के साथ तुर्जन मुंडा, शशी बेक, अनुप कुमार महतो, प्रकाश मुंडा, लोया खड़िया, रिझू साहू, दीपक सिंह, किष्टो कर्मकार, अमृत केरकेट्टा, तारक ठाकुर, राधेश्याम साहू, अनुज लकड़ा, कार्तिक गोप, छोटेलाल साहू, देवदंत सिंह, सुरेंद्र प्रधान, लक्ष्मण साहू, प्रभात प्रजापति, अमित लोहरा और मनोज लोहरा शामिल थे।

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वनकर्मियों की सूझबूझ और समन्वय के चलते यह रेस्क्यू अभियान बिना किसी नुकसान के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

ग्रामीणों ने की वन विभाग की सराहना

रेस्क्यू के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और वन विभाग की तत्परता की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो भालू की हालत और बिगड़ सकती थी, साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बनी रहती।

न्यूज़ देखो: वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारी

यह घटना बताती है कि वन्यजीव संरक्षण में त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है। घायल भालू को समय पर इलाज मिलना न केवल एक जान बचाने का प्रयास है, बल्कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में भी अहम कदम है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि घायल भालू कितनी जल्दी स्वस्थ होकर अपने प्राकृतिक आवास में लौट पाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

वन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा जरूरी

वन्यजीव हमारे पर्यावरण का अहम हिस्सा हैं और उनकी रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी वन्यजीव के घायल या संकट में होने की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
आपकी जागरूकता एक जीवन बचा सकती है—इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और संरक्षण की भावना को आगे बढ़ाएं।

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Rohit Kumar Sahu

पालकोट, गुमला

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