आग से झुलसी मासूम को मिला जीवनदान, विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी बने गरीब परिवार का सहारा

आग से झुलसी मासूम को मिला जीवनदान, विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी बने गरीब परिवार का सहारा

author Satyam Kumar Keshri
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#सिमडेगा #मानवीय_पहल : ठेठईटांगर में झुलसी पांच वर्षीय बच्ची को समय पर इलाज मिला, विधायक की संवेदनशीलता से बची जान।

सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत मसानिया गोहरपहाड़ गांव में आग से झुलसी पांच वर्षीय बच्ची आरती बड़ाईक को समय पर सहायता मिलने से नया जीवन मिला। गरीबी और संसाधनों की कमी के कारण परिजन इलाज नहीं करा पा रहे थे, जिससे बच्ची की हालत लगातार बिगड़ रही थी। मामले की जानकारी मिलने पर विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी के हस्तक्षेप से बच्ची को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। समय पर इलाज और मानवीय सहयोग से अब मासूम की हालत में सुधार है।

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  • मसानिया गोहरपहाड़ गांव की 5 वर्षीय आरती बड़ाईक आग से गंभीर रूप से झुलसी।
  • 19 जनवरी को हुई घटना, गांव में इलाज के कारण बिगड़ती गई हालत।
  • 23 जनवरी को विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कारू के माध्यम से विधायक को मिली सूचना।
  • विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी के निर्देश पर सदर अस्पताल में भर्ती।
  • इलाज के बाद बच्ची की हालत में सुधार, आर्थिक सहायता भी प्रदान।
  • क्षेत्र में विधायक की मानवीय पहल की सराहना

सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड से एक मार्मिक लेकिन उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। मसानिया गोहरपहाड़ गांव निवासी रबीन्द्र बड़ाईक की पांच वर्षीय पुत्री आरती बड़ाईक एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई थी। 19 जनवरी को ठंड से बचने के लिए आग तापने के दौरान वह अचानक आग की चपेट में आ गई, जिससे उसका शरीर गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

गरीबी बनी इलाज में सबसे बड़ी बाधा

आरती बड़ाईक का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। घटना के बाद परिजन उसे गांव में ही घरेलू और स्थानीय उपचार के भरोसे छोड़ने को मजबूर हो गए। संसाधनों की कमी और अस्पताल तक पहुंच न होने के कारण बच्ची को समुचित इलाज नहीं मिल पाया। नतीजतन, कुछ ही दिनों में उसकी हालत और अधिक गंभीर होती चली गई। परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही थी, लेकिन उनके पास कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था।

विधायक प्रतिनिधि तक पहुंची पीड़ा

23 जनवरी को यह मामला प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मोहम्मद कारू के संज्ञान में आया। उन्होंने गांव की स्थिति और बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए बिना देर किए पूरे मामले की जानकारी माननीय विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी को दी। जानकारी मिलते ही विधायक ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया और बच्ची को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई।

सदर अस्पताल में शुरू हुआ समुचित इलाज

विधायक के हस्तक्षेप से आरती बड़ाईक को सदर अस्पताल सिमडेगा में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने बच्ची का इलाज शुरू किया। कई दिनों तक चले उपचार के बाद अब मासूम की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। चिकित्सकों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचने से बच्ची की जान बच सकी।

विधायक ने की व्यक्तिगत मुलाकात, दी आर्थिक सहायता

बुधवार को विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे और बच्ची तथा उसके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने न केवल बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली, बल्कि इलाज में आ रही आर्थिक कठिनाइयों को देखते हुए परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की। विधायक ने भरोसा दिलाया कि बच्ची के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी ने कहा:
“गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद करना जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है। समय पर इलाज मिलना हर बच्चे का अधिकार है।”

क्षेत्र में हो रही सराहना

इस मानवीय पहल के बाद क्षेत्र में विधायक की संवेदनशीलता की व्यापक सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं होता, तो बच्ची की जान खतरे में पड़ सकती थी। लोगों ने विधायक और उनके प्रतिनिधि के प्रति आभार व्यक्त किया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। कई बार जानकारी और संसाधनों के अभाव में गंभीर मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। ऐसे में प्रशासनिक तत्परता और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता जीवन रक्षक साबित होती है।

सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल

आरती बड़ाईक को मिला यह जीवनदान केवल एक परिवार की मदद नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश है कि समय पर सहयोग और संवेदना से बड़ी से बड़ी विपत्ति को टाला जा सकता है। यह पहल बताती है कि यदि व्यवस्था और प्रतिनिधि सक्रिय हों, तो गरीब परिवारों को भी न्याय और सहायता मिल सकती है।

न्यूज़ देखो: संवेदनशीलता से बनती है भरोसे की राजनीति

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनप्रतिनिधियों की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण कितनी अहम भूमिका निभाता है। अब सवाल यह है कि क्या ऐसी व्यवस्था हर जरूरतमंद तक समय पर पहुंच पाएगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म

जरूरतमंद की समय पर मदद ही समाज की असली पहचान है। यदि आपके आसपास भी कोई सहायता का इंतजार कर रहा हो, तो आगे बढ़कर मदद करें। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और मानवीय पहल को मजबूत बनाएं।

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Written by

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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