
#लातेहार #खाद्यसुरक्षाजांच : हाईकोर्ट आदेश के बाद सख्त निरीक्षण कार्रवाई।
माननीय उच्च न्यायालय रांची के आदेश के अनुपालन में 12 फरवरी 2026 को लातेहार सदर क्षेत्र में सघन खाद्य सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में मीट, मुर्गा और किराना दुकानों की जांच की गई। कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर 15 बिंदुओं पर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। खराब गुणवत्ता की सामग्री मिलने पर तत्काल हटाने के आदेश दिए गए।
- 12 फरवरी 2026 को लातेहार सदर में विशेष जांच अभियान।
- नेतृत्व में डॉ. मोईन अख्तर, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी।
- मीट व मुर्गा दुकानों को 15 बिंदुओं का नोटिस जारी।
- मे० सुरेन्द्र किराना व मे० संतोष किराना में खराब सामग्री पाई गई।
- 24 घंटे में सामग्री हटाने व सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
माननीय उच्च न्यायालय, रांची (झारखंड) द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में लातेहार जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। 12 फरवरी 2026 को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर के नेतृत्व में लातेहार सदर क्षेत्र में मीट एवं मुर्गा विक्रेताओं के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान दुकानों के पंजीकरण, स्वच्छता व्यवस्था और संचालन प्रक्रिया की गहन समीक्षा की गई।
हाईकोर्ट आदेश के अनुपालन में सख्त जांच
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत निरीक्षण के दौरान दुकानों के पंजीकरण/अनुज्ञप्ति, स्वच्छता मानकों, संचालन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की विस्तार से जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि कुछ प्रतिष्ठानों के पास एफएसएसएआई द्वारा निर्गत फूड लाइसेंस उपलब्ध था, जबकि कई दुकानों को पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करने की आवश्यकता बताई गई।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. मोईन अख्तर ने कहा:
“उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। सभी प्रतिष्ठानों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।”
स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य
मीट एवं मटन दुकान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे स्थानीय निकाय, जैसे नगर परिषद या नगर पंचायत, से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करें और एफएसएसएआई पंजीकरण हेतु आवेदन सुनिश्चित करें। यह निर्देश खाद्य व्यवसाय संचालन को वैधानिक ढांचे में लाने के उद्देश्य से दिया गया।
सभी मीट एवं मुर्गा प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा विनियम 2011 के पूर्ण अनुपालन हेतु 15 बिंदुओं का लिखित नोटिस जारी किया गया। नोटिस में स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण और गुणवत्ता नियंत्रण को प्राथमिकता देने के निर्देश शामिल हैं।
स्वच्छता और भंडारण पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मांस एवं चिकन के सुरक्षित भंडारण, स्वच्छ पेयजल के उपयोग, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किराना दुकानों में खराब सामग्री जब्त
इसी क्रम में नौरंग चौक स्थित मे० सुरेन्द्र किराना तथा मे० संतोष किराना एवं कोल्ड ड्रिंक्स की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान क्रमशः खराब गुणवत्ता वाली हल्दी एवं चिप्स (कुरकुरे) बेचते हुए पाया गया। दोनों प्रतिष्ठान संचालकों को 24 घंटे के भीतर उक्त सामग्री काउंटर से हटाने का निर्देश दिया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। संबंधित दुकानदारों को केवल मानक गुणवत्ता की खाद्य सामग्रियों की बिक्री सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
अभियान रहेगा जारी
उपायुक्त लातेहार के निर्देशानुसार जिले में इस प्रकार का जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि जनस्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य बाजार क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की सघन जांच की जाएगी। खाद्य कारोबारियों को समय रहते नियमों का पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
न्यूज़ देखो: खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संकेत
लातेहार में चला यह अभियान साफ संकेत देता है कि खाद्य सुरक्षा मानकों पर अब किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन सक्रिय मोड में है और नियमों के अनुपालन को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। सवाल यह है कि क्या सभी प्रतिष्ठान समय रहते मानकों का पालन सुनिश्चित करेंगे? उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा यह विषय लगातार निगरानी की मांग करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित भोजन, स्वस्थ समाज की जिम्मेदारी हम सबकी
खाद्य सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी है। जागरूक उपभोक्ता ही बाजार को जवाबदेह बनाते हैं। यदि आपको भी किसी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो संबंधित विभाग को सूचना दें।
सुरक्षित और स्वच्छ भोजन का अधिकार हर नागरिक का है।
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सक्रिय नागरिक बनें और अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा में भागीदार बनें।







