लातेहार में कृषि से सहकारिता तक योजनाओं की सख्त समीक्षा: लापरवाही पर उपायुक्त का कड़ा रुख

लातेहार में कृषि से सहकारिता तक योजनाओं की सख्त समीक्षा: लापरवाही पर उपायुक्त का कड़ा रुख

author Ravikant Kumar Thakur
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#लातेहार #कृषि_समीक्षा : उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में संयुक्त बैठक, योजनाओं की प्रगति पर असंतोष जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर की गई कार्रवाई।

लातेहार में कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर गहन चर्चा हुई। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कुछ प्रखंड कृषि पदाधिकारियों का वेतन अगली समीक्षा तक स्थगित करने का निर्देश दिया।

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  • 12.02.2026 को उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित।
  • बीज वितरण, कृषक प्रशिक्षण, फसल उत्पादन व मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा।
  • असंतोषजनक प्रगति पर संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारियों का वेतन स्थगित
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, पीएम किसान, केसीसी, फसल बीमा सहित कई योजनाओं की समीक्षा।
  • बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित।

लातेहार जिले में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त श्री उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार, दिनांक 12 फरवरी 2026 को समाहरणालय सभागार में कृषि, पशुपालन, मत्स्य एवं सहकारिता विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और लक्ष्य आधारित क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था।

कृषि विभाग की योजनाओं पर विशेष जोर

बैठक में कृषि विभाग के अंतर्गत बीज वितरण, कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम, फसल उत्पादन योजनाएं, केंद्र प्रायोजित योजनाएं तथा मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध एवं लक्ष्य आधारित ढंग से सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले के अधिकाधिक किसान इनका लाभ उठा सकें।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ प्रखंडों में कार्य प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं है। इस पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारियों का वेतन अगली समीक्षा बैठक तक स्थगित करने का निर्देश दिया।

“योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।” — उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता

प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, झारखंड राज्य मिलेट्स मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें।

उद्यान विभाग और बागवानी मिशन

उद्यान विभाग के अंतर्गत संचालित उद्यान विकास योजनाओं एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण, क्षेत्र विस्तार एवं किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि बागवानी को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

पशुपालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा

पशुपालन विभाग अंतर्गत गव्य विकास कार्यक्रम, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम एवं पशु शेड वितरण योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने लाभुक चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतने और योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

मत्स्य विभाग को समूह सशक्तिकरण का निर्देश

मत्स्य विभाग के तहत तालाबों एवं जलाशयों में मत्स्य विकास, मत्स्य बीज वितरण, मत्स्य बीमा एवं सब्सिडी आधारित योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि मत्स्य उत्पादक समूहों को सशक्त कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने विभाग को मत्स्य पालन को आय सृजन का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में कार्य करने को कहा।

सहकारिता विभाग की प्रगति पर चर्चा

सहकारिता विभाग की समीक्षा के क्रम में 100 एमटी एवं 500 एमटी क्षमता वाले गोदाम निर्माण, उर्वरक अनुज्ञप्ति निर्गत करने की स्थिति तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (रबी) की प्रगति की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि किसानों को उर्वरक एवं बीमा से जुड़ी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

समन्वय और जवाबदेही पर बल

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल कागजी प्रगति से नहीं, बल्कि जमीनी लाभार्थियों तक पहुंच से आंकी जाएगी।

बैठक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, जिला कृषि पदाधिकारी नेहा निश्चा, जिला मत्स्य पदाधिकारी स्वर्णलता मधु लकड़ा, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. सुषमा प्रधिया, जिला गव्य विकास पदाधिकारी हरि कृष्ण, सहकारिता पदाधिकारी उमेश कुमार सिन्हा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

न्यूज़ देखो: जवाबदेही से ही बदलेगी तस्वीर

लातेहार में हुई यह समीक्षा बैठक दर्शाती है कि प्रशासन अब योजनाओं की प्रगति को लेकर सख्ती बरत रहा है। वेतन स्थगन जैसी कार्रवाई यह संकेत देती है कि लापरवाही पर अब सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। यदि यह सख्ती जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो किसानों और लाभुकों को वास्तविक लाभ मिल सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

योजनाओं का लाभ तभी जब जिम्मेदारी तय हो

कृषि, पशुपालन और मत्स्य जैसे क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
जरूरी है कि हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
जवाबदेही और पारदर्शिता ही विकास की असली कुंजी है।
आपके क्षेत्र में योजनाओं की स्थिति कैसी है? अपनी राय साझा करें और खबर को आगे बढ़ाएं।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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