
#दुमका #शिक्षा_शोक : लंबे समय से बीमारी से जूझ रहीं संकुल साधन सेवी अंजलि सोरेन के आकस्मिक निधन से शिक्षा विभाग में शोक की लहर
- कन्या मध्य विद्यालय गोपीकांदर की संकुल साधन सेवी अंजलि सोरेन का आकस्मिक निधन।
- आसनसोल में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस।
- वर्ष 2006 से शिक्षा विभाग में निष्ठा व समर्पण के साथ निभाया दायित्व।
- संकुल संसाधन केंद्र गोपीकांदर में आयोजित हुई शोक सभा।
- प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीईईओ, शिक्षक व कर्मियों ने दी श्रद्धांजलि।
- शिक्षा जगत में योगदान को बताया गया अविस्मरणीय।
दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड अंतर्गत शिक्षा जगत को गहरा आघात पहुंचा है। कन्या मध्य विद्यालय गोपीकांदर की संकुल साधन सेवी अंजलि सोरेन का लंबी बीमारी के बाद आकस्मिक निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं और इलाज के दौरान पश्चिम बंगाल के आसनसोल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही गोपीकांदर प्रखंड के शिक्षा विभाग में शोक की लहर दौड़ गई और सभी शिक्षक, कर्मी एवं अधिकारी स्तब्ध रह गए।
लंबे समय तक शिक्षा सेवा में रहीं सक्रिय
अंजलि सोरेन वर्ष 2006 से संकुल साधन सेवी के रूप में कार्यरत थीं। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों के मार्गदर्शन, शैक्षणिक गतिविधियों के समन्वय और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सहकर्मियों के अनुसार वे अपने कर्तव्यों के प्रति अत्यंत जिम्मेदार, अनुशासित और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर सदैव चिंतित रहती थीं।
आसनसोल में इलाज के दौरान हुआ निधन
परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंजलि सोरेन लंबे समय से बीमार थीं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें आसनसोल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार, बल्कि पूरा शिक्षा समुदाय गहरे दुख में डूब गया है।
संकुल संसाधन केंद्र में शोक सभा आयोजित
दिवंगत संकुल साधन सेवी की स्मृति में संकुल संसाधन केंद्र गोपीकांदर में शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बीईईओ, शिक्षक, शिक्षिकाएं तथा शिक्षा विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
अधिकारियों और शिक्षकों ने किया योगदान का स्मरण
शोक सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अंजलि सोरेन का योगदान शिक्षा विभाग के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल में न केवल प्रशासनिक दायित्वों का कुशलता से निर्वहन किया, बल्कि शिक्षकों को प्रेरित कर शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करने का प्रयास किया। उनकी कार्यशैली, व्यवहार और समर्पण को सभी ने अनुकरणीय बताया।
एक शिक्षक ने भावुक स्वर में कहा:
“अंजलि सोरेन ने शिक्षा को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा समझकर निभाया। उनका जाना हम सभी के लिए व्यक्तिगत क्षति है।”
शिक्षा विभाग में गहरा शोक
उनके निधन के बाद गोपीकांदर प्रखंड के शिक्षा विभाग में शोक व्याप्त है। कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा और शिक्षक समुदाय ने उन्हें एक कर्मठ, संवेदनशील और मार्गदर्शक के रूप में याद किया। कई शिक्षकों ने कहा कि संकट की घड़ी में वे हमेशा सहयोग के लिए तत्पर रहती थीं।
परिवार के प्रति संवेदना
शोक सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल और शक्ति दें। विभाग की ओर से परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
न्यूज़ देखो: शिक्षा सेवा में समर्पण की मिसाल
अंजलि सोरेन का निधन केवल एक कर्मचारी की मृत्यु नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के एक मजबूत स्तंभ का टूटना है। उनके जैसे समर्पित कर्मी शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देते हैं। यह घटना बताती है कि शिक्षा सेवा में लगे लोगों के योगदान को समय रहते सम्मान और संबल मिलना कितना आवश्यक है।
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स्मृतियों में जीवित रहेंगी अंजलि सोरेन
समर्पित शिक्षकों और कर्मियों की पहचान उनके कार्यों से होती है।
अंजलि सोरेन का जीवन शिक्षा सेवा के प्रति निष्ठा का उदाहरण है।
उनकी स्मृति को नमन करते हुए इस खबर को साझा करें, अपनी श्रद्धांजलि कमेंट में लिखें और शिक्षा सेवा में समर्पण की भावना को आगे बढ़ाएं।







