हजारीबाग बैंक डकैती कांड का खुलासा, यूपी एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय गिरोह धराया

हजारीबाग बैंक डकैती कांड का खुलासा, यूपी एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय गिरोह धराया

author Satish Kumar Prem
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#हजारीबाग #अपराध_खुलासा : संयुक्त ऑपरेशन में बैंक डकैती गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

हजारीबाग के बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यूपी एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने वाराणसी से तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। तकनीकी इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना को भी दबोचा गया। इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

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  • बरही बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती कांड का पुलिस ने किया खुलासा।
  • वाराणसी सारनाथ से तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार।
  • गिरोह के पास से 912 ग्राम सोना और 20 लाख नकद बरामद।
  • पंकज सिंह, अफजल, सौरभ यादव मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार।
  • यूपी एसटीएफ और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई रही सफल।

हजारीबाग जिले के बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई सनसनीखेज डकैती मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक साहसिक अभियान चलाते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को तकनीकी इनपुट और सटीक योजना के तहत अंजाम दिया गया।

कैसे दिया गया डकैती को अंजाम

पुलिस जांच में सामने आया कि घटना को अंजाम देने के लिए कुल छह अपराधी शामिल थे। इनमें से चार अपराधी पहले बैंक के आसपास पहुंचकर पुलिस गश्त और लोगों के आवागमन का जायजा लेते रहे।

इसके बाद दो-दो के समूह में बैंक के अंदर प्रवेश कर उन्होंने हथियार के बल पर बैंक कर्मियों को बंधक बना लिया। अपराधियों ने अलार्म सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी।

इसके बाद अपराधियों ने करीब 4.22 लाख रुपये नकद और 3.987 किलोग्राम सोना लूट लिया। वारदात के बाद बैंक कर्मियों को स्ट्रांग रूम में बंद कर शटर गिराकर आरोपी फरार हो गए।

वाराणसी से हुई गिरफ्तारी

घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। इसी क्रम में यूपी एसटीएफ और हजारीबाग पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वाराणसी के सारनाथ (सिंहपुर) क्षेत्र में छापेमारी कर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह, मो. अफजल और सौरभ यादव उर्फ सोनू यादव शामिल हैं।

बरामदगी में मिली बड़ी सफलता

पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में लूट का सामान भी बरामद किया है:

  • 912.22 ग्राम सोना
  • 20 लाख रुपये नकद
  • 06 मोबाइल फोन
  • स्कार्पियो वाहन (BR-01HN-2024)
  • 02 पल्सर मोटरसाइकिल

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और ये कई राज्यों में सक्रिय थे।

पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह : पश्चिम बंगाल, पटना, गया और उत्तराखंड में कई डकैती और लूट के मामलों में वांछित रहा है।

मो. अफजल : बेनियापुकुर, वजीरगंज, गर्दनीबाग समेत कई थानों में दर्ज मामलों में शामिल।

सौरभ यादव उर्फ सोनू यादव : गया और पश्चिम बंगाल में लूट और डकैती के मामलों में पहले से आरोपी।

पुलिस टीम की बड़ी भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन में हजारीबाग पुलिस और यूपी एसटीएफ की टीम ने मिलकर काम किया। छापेमारी दल में कई वरिष्ठ अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल थे।

छापेमारी दल में मुख्य रूप से अमित आनंद (एसडीपीओ सदर), अजीत कुमार बिमल (एसडीपीओ बरही), चंद्रशेखर कुमार, शाहिद रजा, बिनोद कुमार, सरोज कुमार चौधरी, संचित कुमार, वेद प्रकाश पांडेय, गौतम कुमार, पंकज कुमार, संजय रत्ना, राजवल्लभ कुमार, मृत्युंजय कुमार, सुशील कुमार, सुरजीत चौधरी, सुमीत साव, नरेन्द्र कुमार पांडेय सहित तकनीकी और नक्सल शाखा के अधिकारी शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों को वाराणसी कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।

न्यूज़ देखो: अपराध के खिलाफ सख्त संदेश

इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं है। पुलिस की सतर्कता और समन्वय से अंतरराज्यीय अपराध गिरोह पर बड़ा प्रहार हुआ है। हालांकि सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी डकैती को अंजाम देने से पहले सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। आने वाले दिनों में पुलिस की अगली कार्रवाई और सुरक्षा सुधार पर सभी की नजर रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सतर्क समाज ही सुरक्षित समाज की नींव

अपराध के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
हमें भी अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और संदिग्ध मामलों की सूचना प्रशासन को देनी चाहिए।
सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही ऐसी घटनाओं को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।
युवाओं को चाहिए कि वे गलत रास्ते से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें।

आइए, मिलकर एक सुरक्षित समाज का निर्माण करें।
अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को शेयर करें और जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।

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Written by

बरही, हजारीबाग

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