
#जामा #शिबूसोरेनजयंती : विधायक लुइस मरांडी ने सोशल मीडिया संदेश के जरिए गुरुजी को किया नमन।
झारखंड आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय शिबू सोरेन की जयंती के अवसर पर जामा विधायक लुइस मरांडी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विधायक ने अपने सोशल मीडिया संदेश में गुरुजी को झारखंड आंदोलन की आत्मा बताते हुए उनके संघर्ष, त्याग और नेतृत्व को याद किया। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए गुरुजी के योगदान को ऐतिहासिक बताया। यह संदेश झारखंड की सामाजिक और राजनीतिक चेतना से जुड़े उनके विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
- जामा विधायक लुइस मरांडी ने गुरुजी शिबू सोरेन की जयंती पर दी श्रद्धांजलि।
- सोशल मीडिया पर साझा किया गया भावनात्मक संदेश।
- गुरुजी को बताया झारखंड आंदोलन की आत्मा।
- जल–जंगल–जमीन और आदिवासी अधिकारों के संघर्ष को किया याद।
- आने वाली पीढ़ियों के लिए विचारधारा को प्रेरणास्रोत बताया।
झारखंड के जननायक और झारखंड आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय शिबू सोरेन ‘गुरुजी’ की जयंती पर राज्यभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। इसी क्रम में जामा विधानसभा क्षेत्र की विधायक लुइस मरांडी ने भी गुरुजी की जन्म जयंती पर उन्हें सादर नमन किया। विधायक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से एक भावनात्मक संदेश साझा कर गुरुजी के संघर्षमय जीवन और उनके योगदान को स्मरण किया।
गुरुजी को बताया झारखंड आंदोलन की आत्मा
अपने संदेश में विधायक लुइस मरांडी ने लिखा कि श्रद्धेय गुरुजी झारखंड आंदोलन की आत्मा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने आदिवासी समाज के हक और अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनका संघर्ष न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि गुरुजी का जीवन संघर्ष, साहस और प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।
आदिवासी अधिकार और सामाजिक न्याय का संघर्ष
विधायक ने अपने संदेश में इस बात पर विशेष जोर दिया कि गुरुजी ने सामाजिक न्याय की लड़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी। आदिवासी, दलित और वंचित समाज के अधिकारों के लिए उन्होंने हर स्तर पर संघर्ष किया। विधायक ने कहा कि गुरुजी का नेतृत्व केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को जागृत करने वाला रहा है। उनके प्रयासों से झारखंड की पहचान और स्वाभिमान को नई दिशा मिली।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत
लुइस मरांडी ने कहा कि गुरुजी का त्याग, नेतृत्व और विचारधारा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गुरुजी के विचारों को आत्मसात कर समाज और राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाएं। विधायक के अनुसार गुरुजी के संघर्षों को समझना और उन्हें आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
विधायक द्वारा साझा किए गए संदेश में उन्होंने लिखा:
लुइस मरांडी ने कहा: “श्रद्धेय गुरुजी झारखंड आंदोलन की आत्मा रहे। उन्होंने आदिवासी समाज के हक़, जल–जंगल–ज़मीन की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनका त्याग, नेतृत्व और विचारधारा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे।”
संदेश के अंत में उन्होंने गुरुजी को कोटि-कोटि नमन करते हुए उनकी स्मृतियों को सादर श्रद्धांजलि अर्पित की।
झारखंड की राजनीति में गुरुजी की भूमिका
शिबू सोरेन का नाम झारखंड की राजनीति और सामाजिक आंदोलन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। झारखंड राज्य के गठन से लेकर आदिवासी अस्मिता की रक्षा तक, गुरुजी की भूमिका केंद्रीय रही है। उनके विचार और संघर्ष आज भी झारखंड की राजनीति और समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
न्यूज़ देखो: गुरुजी की विरासत आज भी जीवंत
गुरुजी शिबू सोरेन की जयंती पर जामा विधायक लुइस मरांडी का संदेश यह दर्शाता है कि उनका संघर्ष और विचारधारा आज भी जनप्रतिनिधियों और समाज के लिए मार्गदर्शक है। जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय के मुद्दे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने गुरुजी के समय में थे। यह श्रद्धांजलि केवल स्मरण नहीं, बल्कि उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
विचारों से आगे बढ़ता समाज, यही सच्ची श्रद्धांजलि
महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक होता है, जब हम उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें।
गुरुजी का संघर्ष हमें अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों की भी याद दिलाता है।
आइए, उनके दिखाए मार्ग पर चलकर सामाजिक न्याय और समानता के लिए सजग बनें।
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