
#ठेठईटांगर #खजूर_पर्व : हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी—जुलूस और मिस्सा पूजा से बना भक्तिमय माहौल।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड के जामपानी पल्ली में खजूर पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कुसुमटोली से चर्च परिसर तक जुलूस निकाला गया और विधिवत पूजा-अर्चना की गई। फादर गैब्रियल डुंगडुंग ने पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ख्रीस्तीय समुदाय के लोग शामिल हुए।
- जामपानी पल्ली, ठेठईटांगर में खजूर पर्व का आयोजन।
- फादर गैब्रियल डुंगडुंग और फादर संदीप खेस की अगुवाई में पूजा।
- कुसुमटोली से चर्च तक भव्य जुलूस निकाला गया।
- कोयर ग्रुप और उर्सूलाईन बहनों के गीत बने आकर्षण।
- हजारों की संख्या में ख्रीस्तीय समुदाय की भागीदारी।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत जामपानी पल्ली में खजूर पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ख्रीस्तीय समुदाय के हजारों लोग एकत्रित हुए और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ प्रभु यीशु के येरूसलेम प्रवेश की स्मृति को मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत कुसुमटोली गांव में खजूर की आशीष से हुई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने पंतीबद्ध होकर एनएच-143 मार्ग से होते हुए चर्च परिसर तक भव्य जुलूस निकाला।
जुलूस में दिखा आस्था का अद्भुत नजारा
जुलूस के दौरान श्रद्धालु “दाऊद के पुत्र की जय” के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। सभी लोग खजूर की डालियों के साथ प्रभु यीशु के स्वागत का प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते नजर आए।
यह जुलूस केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था और एकता का भी प्रतीक बना।
मिस्सा पूजा और संदेश
चर्च परिसर पहुंचने के बाद विधिवत मिस्सा पूजा संपन्न की गई। इस दौरान पल्ली पुरोहित सह डीन फादर गैब्रियल डुंगडुंग ने अपने संदेश में खजूर पर्व के महत्व को विस्तार से बताया।
फादर गैब्रियल डुंगडुंग ने कहा: “यह दिन प्रभु यीशु के येरूसलेम प्रवेश की स्मृति दिलाता है, जहां उन्होंने विनम्रता और त्याग का संदेश दिया।”
उन्होंने यह भी कहा कि खजूर पर्व हमें विनम्रता, बलिदान और आशा का मार्ग दिखाता है, जो जीवन को सकारात्मक दिशा देता है।
कोयर ग्रुप ने बनाया माहौल भक्तिमय
कार्यक्रम के दौरान उर्सूलाईन धर्म बहनों और छात्रावास की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत कोयर गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मधुर संगीत और भक्ति गीतों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराई।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति
इस अवसर पर फादर गैब्रियल डुंगडुंग, फादर संदीप कुमार खेस, बिलियम केरकेट्टा, सिस्टर सीमा मिंज, अनिल बिलुंग, शांति मिंज, विजय सोरेंग, एडलिन टेटे, राजेश टोप्पो, सुनील केरकेट्टा, अंजी रोश कीड़ों, कांति कीड़ों, फेलिक्स सोरेंग सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर इस पर्व को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
आस्था और परंपरा का संगम
खजूर पर्व का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करता है। इस तरह के आयोजन लोगों को एकजुट करते हैं और आध्यात्मिक मूल्यों को जीवित रखते हैं।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ आशा का संदेश
जामपानी पल्ली में मनाया गया खजूर पर्व यह दर्शाता है कि धार्मिक परंपराएं आज भी समाज को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। यह पर्व केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में विनम्रता और त्याग का संदेश देता है। अब जरूरत है कि इन मूल्यों को दैनिक जीवन में भी अपनाया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था से जीवन में सकारात्मकता लाएं
धार्मिक पर्व हमें जीवन में सही दिशा दिखाते हैं।
इनसे हमें प्रेम, त्याग और एकता का संदेश मिलता है।
आइए, हम सभी इन मूल्यों को अपनाकर समाज को बेहतर बनाएं।
सकारात्मक सोच ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
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