बरवाडीह में पांच सितंबर को मनाया जाएगा जश्न-ए-ईद ए मिलाद उन-नबी: इमाम अब्दुल हनान जौहर ने दी जानकारी

बरवाडीह में पांच सितंबर को मनाया जाएगा जश्न-ए-ईद ए मिलाद उन-नबी: इमाम अब्दुल हनान जौहर ने दी जानकारी

author News देखो Team
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#बरवाडीह #ईदमिलाद : पैगंबर मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश पर मुस्लिम समुदाय उत्साह और सादगी के साथ निकालेगा मोहम्मदी जुलूस
  • पांच सितंबर को बरवाडीह में जश्न-ए-ईद ए मिलाद उन-नबी मनाया जाएगा।
  • इमाम अब्दुल हनान जौहर ने जुम्मा नमाज़ के दौरान दी जानकारी।
  • सरईडीह से पोखरी कलां तक निकाला जाएगा मोहम्मदी जुलूस।
  • धार्मिक झंडों और नारों के साथ शामिल होंगे लोग।
  • जुलूस में नशा निषेध और साफ वस्त्र पहनने की अपील।

बरवाडीह (लातेहार) प्रखंड क्षेत्र में आगामी पांच सितंबर को इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत पैगंबर मोहम्मद साहब का यौमे पैदाइश बड़े हर्षोल्लास और सादगी के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर सरईडीह मस्जिद अजिजिया के इमाम अब्दुल हनान जौहर ने शुक्रवार को जुम्मा की नमाज़ के दौरान मुस्लिम धर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए विस्तृत जानकारी दी।

पैगंबर मोहम्मद साहब की याद में आयोजन

इमाम अब्दुल हनान जौहर ने बताया कि इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अपने-अपने घरों में मिलादुन्नबी का आयोजन करेंगे और सिरनी पानी की व्यवस्था करेंगे। इसके अलावा सरईडीह से पोखरी कलां तक नगर भ्रमण करते हुए हर वर्ष की तरह इस बार भी मोहम्मदी जुलूस निकाला जाएगा।

मोहम्मदी जुलूस की तैयारी

उन्होंने कहा कि जुलूस में मजहबी झंडे लेकर लोग शामिल होंगे और केवल मजहबी नारे लगाएंगे। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर, सिर पर टोपी और पगड़ी रखकर शरीक होंगे। इमाम ने यह भी अपील की कि जुलूस में शामिल होने वाले लोग किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करें और पूरे अनुशासन के साथ चलें।

सादगी और भाईचारे का संदेश

इस जुलूस का उद्देश्य पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और जीवन आदर्श को याद करना है। इमाम ने कहा कि यह दिन हमें इंसानियत, भाईचारे और सादगी का संदेश देता है। पूरे क्षेत्र में मोहम्मदी जुलूस शांति और अनुशासन के साथ निकाला जाएगा, जिससे समाज में आपसी सौहार्द और धार्मिक आस्था को बल मिले।

न्यूज़ देखो: धार्मिक आस्था और भाईचारे की मिसाल बनेगा ईद ए मिलाद उन-नबी

बरवाडीह में निकाले जाने वाले इस जुलूस से समाज को शांति, भाईचारे और सद्भाव का संदेश जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक एकता की पहचान भी है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

भाईचारे और अनुशासन से होगा समाज मजबूत

ईद ए मिलाद उन-नबी हमें इंसानियत और भाईचारे का पाठ पढ़ाता है। अब समय है कि हम सब इस शिक्षा को अपने जीवन में अपनाएं। अपनी राय कॉमेंट करें और इस खबर को शेयर करें ताकि यह संदेश और आगे तक पहुंचे।

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