
#जलडेगा #सिमडेगा #संगठन_पुनर्गठन : प्रखंड कमेटी के पुनर्गठन में माघु बड़ाईक दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए।
झारखंड चीक बड़ाईक उत्थान समिति की जलडेगा प्रखंड कमेटी का पुनर्गठन रविवार को क्लब भवन जलडेगा में संपन्न हुआ। पूर्व कमेटी को भंग कर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। मतदान प्रक्रिया में लगभग 90 प्रतिशत समर्थन के साथ माघु बड़ाईक को दोबारा अध्यक्ष चुना गया। बैठक में समाज के दर्जनों सदस्य उपस्थित रहे और एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया गया।
- क्लब भवन जलडेगा में प्रखंड कमेटी का पुनर्गठन संपन्न।
- लगभग 90 प्रतिशत समर्थन के साथ माघु बड़ाईक फिर बने अध्यक्ष।
- नई कार्यकारिणी में विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों की नियुक्ति।
- कृष्णा बड़ाईक की देखरेख में प्रक्रिया पूरी।
- समाज हित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान।
झारखंड चीक बड़ाईक उत्थान समिति की जलडेगा प्रखंड कमेटी का निर्धारित कार्यकाल पूरा होने के बाद रविवार को पुनर्गठन की प्रक्रिया विधिवत रूप से संपन्न की गई। क्लब भवन जलडेगा में आयोजित बैठक में पहले पूर्व कमेटी को भंग करने की घोषणा की गई, जिसे पर्यवेक्षक कृष्णा बड़ाईक ने स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से नई कमेटी के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई।
अध्यक्ष पद के लिए हुआ मतदान
अध्यक्ष पद के लिए संपति देवी, मोजेश बड़ाईक एवं माघु बड़ाईक ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। बैठक में उपस्थित सदस्यों के बीच खुले मतदान की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें समर्थक अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पीछे खड़े होकर समर्थन जताते नजर आए।
मतदान के दौरान लगभग 90 प्रतिशत सदस्यों ने माघु बड़ाईक के पक्ष में समर्थन दिया। इस प्रकार उन्हें लगातार दूसरी बार आगामी तीन वर्षों के लिए प्रखंड अध्यक्ष चुना गया। परिणाम की घोषणा के साथ ही उपस्थित सदस्यों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
नई कार्यकारिणी का गठन
बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। विभिन्न पदों पर निम्नलिखित सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई:
- संजय बड़ाईक (कारीमाटी) – कार्यकारी अध्यक्ष
- विजय बड़ाईक (ओड़गा) एवं ललित प्रकाश बड़ाईक (कारामाटी पांगुर) – उपाध्यक्ष
- नरेश बड़ाईक (ओड़गा) – सचिव
- राम बड़ाईक (सिमरिया) एवं शंभू बड़ाईक (जलडेगा) – सहसचिव
- जयंती बड़ाईक (जलडेगा) – कोषाध्यक्ष
- किशन बड़ाईक (कोलोमडेगा) – मीडिया प्रभारी
इसके अतिरिक्त समिति के मार्गदर्शन एवं सशक्त संचालन के लिए चतुर बड़ाईक, रघुनाथ बड़ाईक, जेठू बड़ाईक, प्रकाश बड़ाईक एवं बिसंबर बड़ाईक को संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई।
बड़ी संख्या में समाज के सदस्य रहे उपस्थित
बैठक में समाज के कई सक्रिय सदस्य मौजूद रहे, जिनमें मालती देवी, सुधा बड़ाईक, राजेश बड़ाईक, नरेंद्र बड़ाईक, इंद्रजीत बड़ाईक, संजय बड़ाईक, मंगरनाथ बड़ाईक, श्याम बड़ाईक, पारो देवी, सुनिता देवी, अघनी देवी, संजना बड़ाईक, राम किशुन बड़ाईक, संतोष बड़ाईक, कस्टु बड़ाईक, धाधु बड़ाईक, मनरखन बड़ाईक, बिमला देवी, सुमति देवी, आशा देवी सहित बड़ी संख्या में चीक बड़ाईक समाज के लोग शामिल हुए।
बैठक के दौरान संगठन को और मजबूत बनाने, समाज के युवाओं को जोड़ने तथा सामाजिक उत्थान के लिए ठोस पहल करने पर चर्चा की गई।
समाज हित में एकजुट रहने का आह्वान
नवगठित कमेटी से अपेक्षा जताई गई कि वह समाज के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करेगी। बैठक के अंत में सभी सदस्यों से अपील की गई कि वे व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर समाज हित में एकजुट होकर काम करें।

न्यूज़ देखो: संगठन की मजबूती से समाज का विकास
प्रखंड स्तर पर संगठनों का सक्रिय रहना समाज की सामूहिक ताकत को दर्शाता है। जलडेगा में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से कमेटी का पुनर्गठन एक सकारात्मक संकेत है। अब देखना होगा कि नवगठित टीम समाज के विकास के लिए कितनी प्रभावी योजनाएं जमीन पर उतारती है। संगठन की एकजुटता ही उसकी असली शक्ति होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समाज के विकास के लिए एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत
जब समाज संगठित होता है तो बदलाव की राह आसान होती है।
नई कमेटी के सामने उम्मीदों की बड़ी जिम्मेदारी है।
युवाओं की भागीदारी और महिलाओं की सक्रिय भूमिका संगठन को नई दिशा दे सकती है।
सामूहिक प्रयास से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में ठोस बदलाव संभव है।
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