
#पश्चिमी_सिंहभूम – स्कूल में जहरीला खाना! मिड-डे मील खाने से एक बच्चे की मौत, कई की हालत गंभीर:
- नयागांव (जेटेया पंचायत) में मिड-डे मील खाने से बड़ा हादसा।
- एक बच्चे की मौत, दर्जनों की हालत बिगड़ी, कई अस्पताल में भर्ती।
- पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने सरकार पर उठाए सवाल, कड़ी कार्रवाई की मांग।
- मिड-डे मील की गुणवत्ता पर फिर विवाद, लापरवाही का बड़ा मामला।
- सरकार ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी।
जहरीला मिड-डे मील बना मौत की वजह
पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के नयागांव (जेटेया पंचायत) में एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बड़ा हादसा हो गया। खाना खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। दर्जनों बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, खाने में गड़बड़ी की आशंका पहले से थी, लेकिन प्रशासन ने इसे नजरअंदाज किया। बच्चों ने जैसे ही भोजन किया, उन्हें उल्टी, चक्कर और पेट दर्द शुरू हो गया। कुछ ही देर में हालात इतने बिगड़ गए कि एक बच्चे की मौत हो गई।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन का कड़ा बयान
इस घटना पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने गहरा दुख जताया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
“झारखंड सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना में लापरवाही से मासूमों की जान जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।”
प्रशासन की लापरवाही, जांच के आदेश
यह हादसा सरकारी स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। मिड-डे मील में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता के कारण ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन क्या सिर्फ जांच ही काफी है?
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