
#झारखंड #पैरा_खेल : रुड़की में होने वाली राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में झारखंड की टीम भाग लेगी।
झारखंड राज्य की पैरालिम्पिक पावरलिफ्टिंग टीम 16 से 18 जनवरी 2026 तक उत्तराखंड के रुड़की में आयोजित 23वीं राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भाग लेने जा रही है। टीम में राज्य के विभिन्न जिलों से छह खिलाड़ी और दो पदाधिकारी शामिल हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद झारखंड के पैरा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह प्रतियोगिता राज्य के पैरा खेलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- 23वीं राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन 16–18 जनवरी 2026।
- रुड़की, उत्तराखंड में होगी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता।
- झारखंड टीम में 6 खिलाड़ी और 2 पदाधिकारी शामिल।
- गिरिडीह के आकाश सिंह समेत पांच जिलों के खिलाड़ी करेंगे प्रतिनिधित्व।
- पैरालिम्पिक कमिटी ऑफ झारखंड ने टीम को दी शुभकामनाएं।
झारखंड राज्य के पैरा पावरलिफ्टिंग खिलाड़ियों के लिए यह सप्ताह बेहद अहम होने वाला है। राज्य की टीम 23वीं राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए तैयार है, जो उत्तराखंड के रुड़की में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में देशभर से पैरा एथलीट हिस्सा लेंगे, जहां झारखंड के खिलाड़ी भी अपनी ताकत और मेहनत का प्रदर्शन करेंगे।
झारखंड टीम की पूरी संरचना
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए झारखंड से कुल छह खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जो विभिन्न जिलों से आते हैं। टीम में शामिल खिलाड़ियों के नाम इस प्रकार हैं:
- आकाश सिंह – गिरिडीह
- सुमेर कुमार – गढ़वा
- तुकेश्वर कुमार – हजारीबाग
- रामसागर कुमार – रामगढ़
- किरण कुमारी – रांची
ये सभी खिलाड़ी पहले भी राज्य और क्षेत्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से पहचान बना चुके हैं। इस बार उनसे राष्ट्रीय मंच पर पदक की उम्मीद की जा रही है।
कोच और सपोर्ट स्टाफ की भूमिका
टीम के साथ अनुभवी कोच कुमार गौरव रवाना होंगे, जो खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारी और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। वहीं सपोर्ट स्टाफ सन्नी कुमार भी टीम के साथ रहेंगे, जो प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की आवश्यक व्यवस्थाओं और सहयोग की जिम्मेदारी निभाएंगे। टीम प्रबंधन के अनुसार, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पहले विशेष प्रशिक्षण और अभ्यास सत्र भी कराए गए हैं।
सीमित संसाधन, मजबूत हौसले
झारखंड के पैरा खिलाड़ी अक्सर सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बीच अभ्यास करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका आत्मविश्वास और जज्बा कमजोर नहीं पड़ा है। कठिन परिस्थितियों में प्रशिक्षण लेने वाले ये खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो अपने आप में प्रेरणादायक है। खिलाड़ियों का कहना है कि वे पदक जीतकर झारखंड का नाम रोशन करना चाहते हैं।
पैरालिम्पिक कमिटी ऑफ झारखंड का संदेश
टीम को रवाना करने से पहले पैरालिम्पिक कमिटी ऑफ झारखंड के अध्यक्ष जटाशंकर चौधरी और सचिव कुमार गौरव ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा:
जटाशंकर चौधरी ने कहा: “सीमित संसाधनों के बावजूद झारखंड के पैरा खिलाड़ी अपने जज्बे और मेहनत से राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।”
सचिव कुमार गौरव ने भी विश्वास जताया कि टीम इस बार बेहतरीन प्रदर्शन करेगी और पदक जीतकर लौटेगी।
प्रतियोगिता का महत्व
23वीं राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि झारखंड के पैरा खेल आंदोलन के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का रास्ता खुलता है। राज्य के खेल प्रेमियों की निगाहें अब झारखंड टीम के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
न्यूज़ देखो: पैरा खिलाड़ियों के हौसले को सलाम
झारखंड की पैरा पावरलिफ्टिंग टीम का राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेना राज्य के लिए गर्व की बात है। यह कहानी केवल खेल की नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और समान अवसर की भी है। प्रशासन और खेल संगठनों को चाहिए कि ऐसे खिलाड़ियों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर कैसा प्रदर्शन करते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हौसलों से लिखी जा रही है नई खेल कहानी
जब इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक पाती। झारखंड के पैरा खिलाड़ी अपनी मेहनत और जज्बे से यह साबित कर रहे हैं कि वे किसी से कम नहीं हैं। ऐसे खिलाड़ियों का समर्थन करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आप इन खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं, खबर को साझा करें और कमेंट के माध्यम से शुभकामनाएं भेजें ताकि उनका मनोबल और मजबूत हो सके।





