Palamau

मकर संक्रांति पर शिवमय हुआ नेवरी, भजन कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उमड़ा जनसैलाब

#पलामू #मकरसंक्रांति_महोत्सव : प्राचीन शिव धाम नेवरी में भक्ति, आस्था और संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला।

झारखंड के पलामू जिले अंतर्गत पाण्डु प्रखंड स्थित नेवरी के प्राचीन शिव धाम में मकर संक्रांति के अवसर पर भव्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरा क्षेत्र हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। भजन कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक आयोजनों ने शिव धाम को आस्था के विराट केंद्र में बदल दिया। आयोजन ने धार्मिक विश्वास के साथ सामाजिक एकता और लोकसंस्कृति को भी सशक्त रूप से सामने रखा।

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  • नेवरी स्थित प्राचीन शिव धाम में मकर संक्रांति महोत्सव का भव्य आयोजन।
  • बालमुकुंद पासवान, सुनील पाल और सुधीर चंद्रवंशी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित।
  • लव बिहारी और विकास तूफान की भजन-कीर्तन प्रस्तुति से भक्तिमय माहौल।
  • संयुक्त नव युवक संघ कमेटी और युवाओं की अहम भूमिका।
  • हजारों श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की ऐतिहासिक सहभागिता।

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पाण्डु प्रखंड अंतर्गत नेवरी गांव स्थित प्राचीन शिव धाम में आयोजित महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया और मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और हर हर महादेव के जयघोष गूंजने लगे। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना का भव्य प्रदर्शन भी बना।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ महोत्सव का शुभारंभ

महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि बालमुकुंद पासवान (मुखिया प्रतिनिधि, पंचायत सिल्ली), विशेष सम्मानित अतिथि सुनील पाल, विशिष्ट अतिथि सुधीर चंद्रवंशी (पूर्व विधायक प्रत्याशी, विश्रामपुर विधानसभा), उपमुखिया धनंजय गुप्ता एवं पंचायत समिति प्रतिनिधि सुरेंद्र साहनी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष विपिन चौधरी, सचिव शिव पासवान और कोषाध्यक्ष मुन्ना यादव सहित पूरी टीम ने अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत कर सम्मानित किया। अतिथियों ने आयोजन की भव्यता और अनुशासन की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी बताया।

भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा शिव धाम

सांस्कृतिक मंच पर आयोजित कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। झारखंड के प्रसिद्ध व्यास लव बिहारी और बिहार के चर्चित व्यास विकास तूफान की भजन-कीर्तन प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए और शिव धाम की पवित्रता और अधिक बढ़ गई।
इसके साथ ही नृत्यांगनाओं की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक को आकर्षित किया। पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और परंपरा के रंग में रंगा नजर आया।

मंच संचालन और व्यवस्थाओं की रही सराहना

पूरे कार्यक्रम का सशक्त और ओजस्वी मंच संचालन हरिश्चंद्र गुरुजी ने किया, जिससे आयोजन की गरिमा और अनुशासन बना रहा। समयबद्ध प्रस्तुतियां, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में नागेंद्र दुबे, महेन्द्र प्रसाद साहू, अशोक पासवान, हरेंद्र पासवान, लवकुश कुमार सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जबकि हजारों ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ महोत्सव का आनंद लिया।

युवाओं की एकजुटता बनी आयोजन की पहचान

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में संयुक्त नव युवक संघ कमेटी नेवरी, पोचरी, कुलिया, गुआसाई एवं पाण्डु के युवाओं की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। युवाओं ने अनुशासन, सेवा और समर्पण के साथ जिम्मेदारियां निभाईं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि युवाओं की यह एकजुटता यह दर्शाती है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक समरसता को मजबूत किया जा सकता है।

सामाजिक एकता और संस्कृति का सशक्त संदेश

मकर संक्रांति महोत्सव ने यह संदेश दिया कि जब परंपरा, आस्था और युवा शक्ति एक मंच पर आती है, तो ग्रामीण क्षेत्र भी बड़े और भव्य आयोजनों का केंद्र बन सकते हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक विश्वास को मजबूत करता है, बल्कि लोकसंस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देता है।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण संस्कृति की जीवंत तस्वीर

नेवरी का मकर संक्रांति महोत्सव यह दिखाता है कि ग्रामीण समाज आज भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़ा है। ऐसे आयोजन प्रशासन और समाज के बीच सहयोग की मिसाल पेश करते हैं। यह सवाल भी उठता है कि क्या ऐसे सफल आयोजनों को भविष्य में और संस्थागत रूप दिया जाएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

परंपरा, भक्ति और एकता का उत्सव

नेवरी में आयोजित यह महोत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है कि संस्कृति और आस्था को जीवित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने का माध्यम बनते हैं। यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसे आयोजन हो रहे हैं, तो उनका समर्थन करें और सहभागिता निभाएं। अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को साझा करें और सांस्कृतिक चेतना को हर घर तक पहुंचाने में सहयोग करें।

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Tirthraj Dubey

पांडु, पलामू

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