
#गढ़वा #प्रसूता_मौत : संदिग्ध मौत मामले में निष्पक्ष जांच की मांग तेज।
गढ़वा में एक प्रसूता महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर प्रशासन को प्रतिवेदन सौंपा। उपायुक्त ने मामले की जांच के लिए एसडीएम को निर्देशित किया है। अब सभी की नजर जांच प्रक्रिया पर टिकी है।
- प्रसूता महिला की संदिग्ध मौत से गढ़वा में चिंता का माहौल।
- JLKM गढ़वा ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात।
- प्रभारी जिला अध्यक्ष विकाश कुमार ने सौंपा लिखित प्रतिवेदन।
- उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने SDM को दिए जांच निर्देश।
- स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल।
गढ़वा में एक प्रसूता महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश और शोक का माहौल है। इसी बीच झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सक्रिय पहल की है।
JLKM गढ़वा के प्रभारी जिला अध्यक्ष विकाश कुमार अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। परिजनों ने घटना के विभिन्न पहलुओं से उन्हें अवगत कराया। संगठन ने इस मामले को केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि व्यापक प्रशासनिक जवाबदेही का विषय बताया है।
पीड़ित परिवार से की मुलाकात
JLKM प्रतिनिधिमंडल ने मृतका के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी एकत्र की। संगठन का कहना है कि यदि चिकित्सा लापरवाही या प्रशासनिक चूक सामने आती है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विकाश कुमार ने कहा:
“यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रश्न है। यदि कहीं लापरवाही हुई है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
उपायुक्त को सौंपा गया लिखित प्रतिवेदन
मामले की गंभीरता को देखते हुए JLKM प्रतिनिधिमंडल ने गढ़वा के माननीय उपायुक्त दिनेश कुमार यादव से मुलाकात की। संगठन की ओर से एक लिखित प्रतिवेदन सौंपा गया, जिसमें निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की गई।

प्रतिवेदन प्राप्त करने के बाद उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एसडीएम को जांच का निर्देश दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रसूता महिला की मौत जैसी घटनाएं चिकित्सा ढांचे की संवेदनशीलता पर सीधा प्रश्न खड़ा करती हैं।
सामाजिक संगठनों का मानना है कि ऐसी घटनाओं में पारदर्शी जांच से ही आम जनता का विश्वास कायम रह सकता है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई होना आवश्यक है।
न्याय की मांग तेज
JLKM ने स्पष्ट किया है कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए।
जिले में अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आगे की कार्रवाई किस दिशा में जाती है।
न्यूज़ देखो: जवाबदेही तय करना ही असली न्याय
गढ़वा की यह घटना स्वास्थ्य तंत्र की संवेदनशीलता और जवाबदेही की परीक्षा है। प्रशासन द्वारा त्वरित जांच के निर्देश सकारात्मक कदम हैं, लेकिन वास्तविक भरोसा तभी बनेगा जब जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। क्या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी? क्या जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई होगी? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय के लिए जागरूक समाज जरूरी
किसी भी लोकतंत्र में नागरिकों की सजगता ही व्यवस्था को मजबूत बनाती है। यदि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार चाहिए तो हर घटना की पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
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