
#गढ़वा #राजनीतिक_प्रतिक्रिया : जघन्य घटना पर बयानबाजी तेज—झामुमो ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।
हजारीबाग के विष्णुगढ़ में नाबालिग के साथ हुई जघन्य घटना को लेकर गढ़वा में झामुमो ने भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। साथ ही भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आने पर सवाल उठाए गए हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
- विष्णुगढ़ घटना पर झामुमो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
- भाजपा पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप।
- दोषियों को तुरंत सख्त सजा देने की मांग।
- जवाहर पासवान, मनोज ठाकुर ने भाजपा पर निशाना साधा।
- कई झामुमो नेताओं की बैठक में मौजूदगी।
गढ़वा जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना और हत्या को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा देने की मांग की है।
इस मुद्दे पर झामुमो के विभिन्न नेताओं ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए और इसे समाज के लिए शर्मनाक बताया।
घटना पर झामुमो की कड़ी प्रतिक्रिया
झामुमो जिला सचिव ने कहा कि राज्य में घटित कई आपराधिक मामलों में भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आना चिंताजनक है। उन्होंने विष्णुगढ़ की घटना में भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी का नाम सामने आने को बेहद शर्मनाक बताया।
झामुमो जिला सचिव ने कहा: “यह घटना समाज के लिए काला धब्बा है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।”
भाजपा पर सीधा हमला
झामुमो केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य जवाहर पासवान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा—
“जब घटना हुई थी तब भाजपा नेता सरकार को घेर रहे थे, लेकिन अब जब उनके ही संगठन से जुड़े व्यक्ति का नाम सामने आया है, तो वे चुप हैं।”
उन्होंने भाजपा नेतृत्व से इस मामले में सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
भाषा और शिक्षा मुद्दे पर भी सवाल
झामुमो नेता मनोज ठाकुर ने भाजपा सरकार के पुराने निर्णयों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2016 की शिक्षक नियुक्ति में बाहरी राज्यों के लोगों को अवसर दिया गया, जिससे स्थानीय युवाओं को नुकसान हुआ।
उन्होंने कहा—
“स्थानीय भाषा और युवाओं के हितों को नजरअंदाज किया गया, जिसका खामियाजा आज भी भुगतना पड़ रहा है।”
स्थानीय नेताओं पर भी आरोप
मनोज ठाकुर ने स्थानीय विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी और पूर्व विधायक भानू प्रताप शाही पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों पर कभी ठोस पहल नहीं की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनता को गुमराह किया जा रहा है और असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
प्रबुद्ध प्रकोष्ठ की प्रतिक्रिया
झामुमो प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के जिला सचिव अशर्फी राम ने कहा—
“इस घटना में शामिल दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उनके संगठन में अपराधियों को संरक्षण दिया जाता है।”
पार्टी का रुख
झामुमो जिला कमिटी ने कहा कि राज्य की बेटियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो।
बैठक में उपस्थित लोग
इस मौके पर तनवीर आलम, फुजेल अहमद, सुजीत चंद्रवंशी सहित कई झामुमो नेता उपस्थित रहे।
बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
न्यूज़ देखो: घटना पर राजनीति या समाधान
गढ़वा में इस तरह की बयानबाजी यह दर्शाती है कि गंभीर घटनाओं पर भी राजनीति हावी हो जाती है। जबकि जरूरत है पीड़ित को न्याय दिलाने और समाज में सुरक्षा सुनिश्चित करने की। अब देखना होगा कि इस मामले में ठोस कार्रवाई कब होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय के लिए एकजुट हों
ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं।
जरूरी है कि हम राजनीति से ऊपर उठकर न्याय की मांग करें।
हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह गलत के खिलाफ खड़ा हो।
आइए, हम मिलकर एक सुरक्षित समाज बनाने का संकल्प लें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाएं।






