
#कोलेबिरा #शोक_समाचार : डोमटोली स्थित आवास पर अस्वस्थता के बाद ली अंतिम सांस।
कोलेबिरा में झामुमो प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश बागे की माताजी का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे डोमटोली स्थित अपने आवास पर रह रही थीं और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थीं। सूचना मिलते ही पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण शोक व्यक्त करने पहुंचे। झामुमो के केंद्रीय सदस्य फिरोज अली ने पहुंचकर अंतिम संस्कार में भाग लिया और परिवार को सांत्वना दी।
- प्रकाश बागे की माताजी का शनिवार सुबह निधन।
- डोमटोली, कोलेबिरा स्थित आवास पर ली अंतिम सांस।
- अस्वस्थता के कारण चल रहा था इलाज।
- केंद्रीय सदस्य फिरोज अली पहुंचे अंतिम संस्कार में।
- बीरीश डुंगडुंग, एल्विन समद, सन्नी रिजवान सहित कई कार्यकर्ता मौजूद।
कोलेबिरा प्रखंड में शनिवार को शोक का माहौल उस समय गहरा गया जब झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश बागे की माताजी के निधन की खबर सामने आई। बताया गया कि वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं और डोमटोली स्थित अपने आवास पर उनका उपचार जारी था। शनिवार प्रातः उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
अस्वस्थता के बाद हुआ निधन
परिवारजनों के अनुसार प्रकाश बागे की माताजी कुछ समय से बीमार थीं और चिकित्सकीय देखरेख में थीं। स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद के बीच शनिवार सुबह उनका निधन हो गया। इस खबर से न केवल परिवार बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी गहरा दुख व्याप्त हो गया।
ग्रामीणों ने बताया कि वे सरल स्वभाव की थीं और सामाजिक कार्यों में परिवार का सदैव सहयोग करती थीं। उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
फिरोज अली ने दी श्रद्धांजलि
निधन की सूचना मिलते ही झामुमो के केंद्रीय सदस्य फिरोज अली प्रकाश बागे के आवास पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया और अंतिम संस्कार में भाग लिया।
फिरोज अली ने कहा: “इस दुख की घड़ी में हम सब प्रकाश बागे और उनके परिवार के साथ खड़े हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।”
उन्होंने कब्र पर मिट्टी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की उपस्थिति
इस अवसर पर झामुमो के बीरीश डुंगडुंग, एल्विन समद, सन्नी रिजवान, सुनीता नायक, मारवाड़ी नायक सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सैकड़ों ग्रामीण भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
शोकसभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी संवेदना प्रकट की।
क्षेत्र में शोक की लहर
प्रकाश बागे की माताजी के निधन से कोलेबिरा प्रखंड में शोक का वातावरण रहा। स्थानीय लोगों ने कहा कि परिवार हमेशा सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है, इसलिए इस दुखद घटना से व्यापक स्तर पर लोग प्रभावित हुए हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने परिवार को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने दिवंगत के प्रति सम्मान और परिवार के प्रति एकजुटता को दर्शाया।
न्यूज़ देखो: दुख की घड़ी में साथ खड़ा समाज
कोलेबिरा की इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सामाजिक और राजनीतिक जीवन में जुड़े परिवारों के सुख-दुख में पूरा समाज साथ खड़ा होता है। जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति संवेदनशीलता और सामाजिक एकता का संकेत है। ऐसी घड़ी में मानवीय सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत बनता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदना और सहकार ही समाज की असली शक्ति
दुख की घड़ी में दिया गया साथ जीवन भर याद रहता है। समाज की एकजुटता ही परिवारों को कठिन समय से उबरने की शक्ति देती है।
ऐसे अवसर हमें यह सिखाते हैं कि मानवीय संवेदना और परस्पर सहयोग कितना महत्वपूर्ण है। अपने आसपास के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनें और सामाजिक संबंधों को मजबूत करें।






