सिमडेगा में NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में झामुमो का प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का फूंका पुतला

सिमडेगा में NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में झामुमो का प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का फूंका पुतला

author Birendra Tiwari
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#सिमडेगासमाचार #नीटविवाद : NEET परीक्षा गड़बड़ी के विरोध में झामुमो ने किया प्रदर्शन।

सिमडेगा में झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कमेटी ने NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। झामुमो नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग करते हुए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए।

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  • सिमडेगा में झामुमो जिला कमेटी ने NEET-UG 2026 मुद्दे पर किया विरोध प्रदर्शन।
  • केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मानव संसाधन मंत्रालय का पुतला दहन।
  • कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
  • झामुमो नेताओं ने परीक्षा में गड़बड़ी को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताया।
  • कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और विभिन्न मोर्चा के पदाधिकारी रहे मौजूद।
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई गई।

सिमडेगा में शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कमेटी द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और भारी अनियमितताओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। झामुमो प्रदेश कमेटी और महासचिव विनोद पांडेय के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना ने किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और विभिन्न मोर्चा के पदाधिकारी शामिल हुए। विरोध प्रदर्शन में केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

प्रदर्शन के दौरान झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना ने कहा:

“NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना केंद्र सरकार और NTA की जिम्मेदारी है।”

उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत और निष्पक्ष बनाने की मांग की।

परीक्षा रद्द होने पर उठाए सवाल

झामुमो जिला सचिव मो सफीक खान ने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक और गंभीर अनियमितताओं के बाद रद्द किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा:

“12 मई 2026 को परीक्षा रद्द करने की घोषणा ने यह साबित कर दिया कि परीक्षा संचालन में गंभीर लापरवाही हुई है। यह मामला सीधे छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर गैरजिम्मेदार रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देशभर के लाखों छात्र मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता

कार्यक्रम में झामुमो के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और विभिन्न मोर्चा के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोगों में:

अनिल कंडुलना, मो सफीक खान, अनिल तिर्की, रितेश बड़ाईक, मो सेराजूदिन, मो रुफी, ऑस्कर डांग, नोवास केरकेट्टा, फिरोज अली, सुनील खेस, मो इरशाद, प्रफुलित डूंग डूंग, किशोर डांग, मो शहीद, जाफर खान, बीरेंद्र बाड़ा, पुनीत तिर्की, अनमोल मिंज, बिनोद तिर्की, वसीम खान, सकिल अहमद, साबिर अंसारी, अहमद राजा, प्रेमधानी हेमरोम, अनस आलम, बीरबल महतो, कुंदन रजक, सुनैना कुमारी, सुमन मिंज, मिन्हाज राजन, सन्नी रिजवान, अरुण केरकेट्टा, बिपिन कुल्लू, तनवीर आलम और हाफिज अमानुल्लाह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।

परीक्षा प्रणाली को लेकर बढ़ती चिंता

NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर देशभर में लगातार सवाल उठ रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

सिमडेगा में हुए इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी आक्रोश बढ़ रहा है।

छात्रों में असमंजस और मानसिक दबाव

प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से उनकी तैयारी और भविष्य की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय तक तैयारी करने के बाद ऐसी घटनाएं उनके मनोबल को कमजोर करती हैं।

उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए ताकि छात्रों का विश्वास कायम रह सके।

न्यूज़ देखो: शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती

NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाएं लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती हैं। यदि इन परीक्षाओं में पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं तो इसका असर केवल परिणामों पर नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर पड़ता है।
सिमडेगा में हुआ विरोध प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि छात्र और समाज अब परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही चाहते हैं। केंद्र और संबंधित एजेंसियों के लिए यह जरूरी है कि निष्पक्ष जांच और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मेहनत का सम्मान और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग जरूरी

देश का हर छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करता है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली का निष्पक्ष और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है।
जरूरी है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास कायम रखने के लिए हर स्तर पर जिम्मेदारी तय हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यही छात्रों के भविष्य की सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार है।
सजग रहें, शिक्षा के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाएं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाएं। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और जागरूक समाज का हिस्सा बनें।

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Written by

सिमडेगा

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