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Dumka

गांधी मैदान में झामुमो का 47वां स्थापना दिवस समारोह, ऐतिहासिक जुटान की तैयारी पूरी

#दुमका #झामुमोस्थापनादिवस : 2 फरवरी को गांधी मैदान में भव्य समारोह, संगठन और प्रशासन पूरी तरह तैयार।

दुमका के गांधी मैदान में 2 फरवरी को झारखंड मुक्ति मोर्चा का 47वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित होने जा रहा है, जिसकी सभी प्रशासनिक और संगठनात्मक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संथाल परगना क्षेत्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी को देखते हुए शहर और कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है। समारोह में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी प्रस्तावित है और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी की गई है। यह कार्यक्रम झामुमो के राजनीतिक सफर और संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन माना जा रहा है।

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  • 2 फरवरी को दुमका के गांधी मैदान में झामुमो का 47वां स्थापना दिवस।
  • शहर और कार्यक्रम स्थल को हरे झंडों, बैनरों, होर्डिंग और लाइटिंग से सजाया गया।
  • पार्टी शहीदों के नाम पर 47 तोरण द्वार बनाए गए।
  • समारोह स्थल पर दो अलग-अलग मंच तैयार।
  • दिशोम गुरु शिबू सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक बसंत सोरेन के बड़े चित्र लगाए गए।
  • संथाल परगना से कार्यकर्ताओं को बसों के माध्यम से लाया जा रहा है।

दुमका में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 47वें स्थापना दिवस को लेकर उत्साह चरम पर है। पार्टी इस अवसर को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि संगठन की ताकत और एकजुटता के प्रदर्शन के रूप में देख रही है। इसी कारण कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। प्रशासन और संगठन दोनों स्तरों पर समन्वय के साथ काम किया गया है।

गांधी मैदान और शहर की भव्य सजावट

स्थापना दिवस समारोह को लेकर दुमका शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, प्रवेश मार्गों और खासकर गांधी मैदान को विशेष रूप से सजाया गया है। पूरे इलाके में पार्टी के हरे झंडे, बड़े-बड़े बैनर और होर्डिंग लगाए गए हैं। रात के समय कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों को आकर्षक बनाने के लिए लाइटिंग की गई है, जिससे पूरा माहौल उत्सव जैसा नजर आ रहा है।
पार्टी शहीदों को सम्मान देने के उद्देश्य से 47 तोरण द्वार बनाए गए हैं, जो झामुमो के 47 वर्षों के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाते हैं।

दो मंच, अलग-अलग व्यवस्थाएं

समारोह स्थल पर दो अलग-अलग मंच तैयार किए गए हैं।
मुख्य मंच पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बैठने और संबोधन की व्यवस्था की गई है। वहीं, मुख्य मंच के सामने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक अलग मंच बनाया गया है, जहां पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए झारखंडी पहचान को सामने लाने की तैयारी है।
मंच निर्माण में सुरक्षा, दृश्यता और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखा गया है, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

मंच पर नेताओं के चित्र और पार्टी प्रतीक

मुख्य मंच पर झामुमो के संस्थापक और दिशोम गुरु शिबू सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक बसंत सोरेन समेत कई वरिष्ठ नेताओं के बड़े चित्र लगाए गए हैं। मंच के ऊपरी हिस्से में पार्टी का चुनाव चिन्ह तीर-धनुष प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया गया है, जो झामुमो की राजनीतिक पहचान और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।
इन प्रतीकों और चित्रों के जरिए पार्टी अपने इतिहास और नेतृत्व को केंद्र में रखते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास कर रही है।

संथाल परगना से कार्यकर्ताओं की आमद

स्थापना दिवस समारोह में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संथाल परगना क्षेत्र से बसों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को दुमका लाया जा रहा है। इस पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग खुद विधायक बसंत सोरेन द्वारा की गई।
बसों की आवाजाही, समय-सीमा और मार्गों को लेकर विशेष योजना बनाई गई है, ताकि कार्यकर्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो और कार्यक्रम समय पर शुरू हो सके।

शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी पर नजर

समारोह में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी को लेकर खास तैयारी की गई है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन का दुमका आगमन प्रस्तावित है, जिसके लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक इंतजाम किए गए हैं।
शीर्ष नेताओं की उपस्थिति से कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है, और कार्यकर्ताओं में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां

भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती, यातायात डायवर्जन और आपात सेवाओं की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

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झामुमो के 47 वर्षों का सफर

झारखंड मुक्ति मोर्चा का स्थापना दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि पार्टी के 47 वर्षों के संघर्ष, आंदोलन और राजनीतिक सफर का प्रतीक है। संथाल परगना और झारखंड की राजनीति में झामुमो की भूमिका को देखते हुए यह आयोजन पार्टी के लिए खास महत्व रखता है।
पार्टी नेतृत्व इस मंच से संगठन को आगे की दिशा देने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने का संदेश देने की तैयारी में है।

न्यूज़ देखो: शक्ति प्रदर्शन और संगठनात्मक संदेश

झामुमो का 47वां स्थापना दिवस समारोह केवल उत्सव नहीं, बल्कि संगठनात्मक शक्ति और राजनीतिक संदेश का मंच है। दुमका में की गई व्यापक तैयारियां यह दिखाती हैं कि पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और एकजुटता को मजबूत करने पर जोर दे रही है। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी से यह कार्यक्रम आने वाले राजनीतिक संकेत भी देगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

एकजुटता से ही मजबूत होता है लोकतंत्र

स्थापना दिवस जैसे आयोजन किसी भी राजनीतिक दल के लिए आत्ममंथन और आगे की राह तय करने का अवसर होते हैं। कार्यकर्ताओं की भागीदारी और अनुशासन ही संगठन की असली ताकत होती है।
लोकतंत्र में सक्रिय और जागरूक भागीदारी से ही सकारात्मक बदलाव संभव है। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और राजनीतिक जागरूकता को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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