तारगा पंचायत में झामुमो का मानवीय सरोकार, जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण से सर्दी में मिली राहत

तारगा पंचायत में झामुमो का मानवीय सरोकार, जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण से सर्दी में मिली राहत

author Birendra Tiwari
1 Views Download E-Paper (0)
#सिमडेगा #सामाजिक_सेवा : बांसजोर प्रखंड के तारगा पंचायत में झामुमो नेताओं ने जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर मानवीय जिम्मेदारी निभाई।

सिमडेगा जिले के बांसजोर प्रखंड अंतर्गत तारगा पंचायत में 05 जनवरी 2026 को झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो जिला अध्यक्ष अनिल कांडुलना ने किया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कड़ाके की ठंड के बीच आयोजित यह पहल ग्रामीण और कमजोर वर्गों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से की गई। यह कार्यक्रम सामाजिक सरोकार और जमीनी स्तर पर राजनीतिक जिम्मेदारी के निर्वहन का उदाहरण माना जा रहा है।

Join WhatsApp
  • 05 जनवरी 2026 को तारगा पंचायत में कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन।
  • कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो जिला अध्यक्ष अनिल कांडुलना ने किया।
  • केंद्रीय समिति सदस्य नोवस केरकेट्टा की रही विशेष उपस्थिति।
  • संजू डांग एवं जिला उपाध्यक्ष रितेश बड़ाइक भी कार्यक्रम में शामिल।
  • ठंड से प्रभावित जरूरतमंद ग्रामीणों को सीधे राहत पहुंचाने की पहल।

बांसजोर प्रखंड के तारगा पंचायत में आयोजित इस कंबल वितरण कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर सामाजिक संवेदनशीलता और जनसेवा की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत की। ठंड के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धन और असहाय लोगों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा यह पहल की गई। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और जरूरतमंदों को कंबल प्रदान किए गए, जिससे उन्हें सर्दी से राहत मिल सके।

कंबल वितरण कार्यक्रम का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ठंड के मौसम में गरीब, बुजुर्ग, महिला एवं असहाय लोगों को राहत पहुंचाना था। ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई परिवार ऐसे हैं, जिनके पास ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं होते। ऐसे में कंबल वितरण जैसी पहल उनके लिए तात्कालिक और व्यावहारिक सहायता साबित होती है। झामुमो नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि पार्टी का प्रयास केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी उसका अहम हिस्सा है।

झामुमो जिला अध्यक्ष अनिल कांडुलना की भूमिका

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे झामुमो जिला अध्यक्ष अनिल कांडुलना ने स्वयं जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर कंबल वितरित किए। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को भी सुना। अनिल कांडुलना ने कहा:

अनिल कांडुलना ने कहा: “झारखंड मुक्ति मोर्चा हमेशा से आम जनता के सुख-दुख में सहभागी रही है। ठंड के इस मौसम में जरूरतमंदों की मदद करना हमारा सामाजिक दायित्व है।”

उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को न केवल औपचारिक बल्कि भावनात्मक रूप से भी प्रभावी बनाया।

वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व

इस अवसर पर झामुमो के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे, जिनमें केंद्रीय समिति सदस्य नोवस केरकेट्टा, संजू डांग एवं जिला उपाध्यक्ष रितेश बड़ाइक प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी नेताओं ने कंबल वितरण में सक्रिय भूमिका निभाई और ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया।

नोवस केरकेट्टा ने कहा:

नोवस केरकेट्टा ने कहा: “पार्टी का उद्देश्य केवल चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है।”

वहीं जिला उपाध्यक्ष रितेश बड़ाइक ने कहा:

रितेश बड़ाइक ने कहा: “ऐसे कार्यक्रमों से पार्टी और जनता के बीच विश्वास मजबूत होता है।”

ग्रामीणों में दिखी खुशी और संतोष

कंबल प्राप्त करने वाले जरूरतमंद ग्रामीणों के चेहरों पर स्पष्ट रूप से खुशी और राहत देखी गई। कई बुजुर्गों और महिलाओं ने ठंड में इस सहायता के लिए झामुमो नेताओं का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि ठंड के मौसम में इस प्रकार की मदद उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होती है, क्योंकि दैनिक जीवन में सीमित संसाधनों के कारण वे स्वयं कंबल खरीदने में असमर्थ रहते हैं।

सामाजिक सरोकार और राजनीतिक जिम्मेदारी

तारगा पंचायत में आयोजित यह कार्यक्रम यह दर्शाता है कि राजनीतिक दल यदि चाहें तो अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन प्रभावी ढंग से कर सकते हैं। कंबल वितरण जैसी गतिविधियां न केवल तात्कालिक राहत प्रदान करती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी देती हैं। झामुमो द्वारा किए गए इस प्रयास को स्थानीय स्तर पर सराहना मिल रही है।

न्यूज़ देखो: राजनीति से आगे समाज के प्रति जिम्मेदारी

तारगा पंचायत में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम यह दिखाता है कि राजनीति केवल सत्ता तक सीमित नहीं होनी चाहिए। झामुमो नेताओं की यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता और जमीनी जुड़ाव का उदाहरण है। ठंड जैसे प्राकृतिक संकट के समय जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों दोनों की जिम्मेदारी होती है। आने वाले समय में ऐसे प्रयास कितने व्यापक स्तर पर होते हैं, इस पर भी नजर रखना जरूरी है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संवेदना से सेवा तक, यही है जनप्रतिनिधि की असली पहचान

जब जनप्रतिनिधि आम लोगों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए आगे आते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। ठंड में कंबल जैसी छोटी-सी मदद भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है। ऐसे प्रयास समाज में आपसी सहयोग और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं।

आप भी अपने आसपास जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं और सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

सिमडेगा

🔔

Notification Preferences

error: