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JOHAR योजना बनी ग्रामीण समृद्धि का प्रतीक, 2.25 लाख परिवारों की बदली किस्मत

#झारखंड #JOHAR_योजना — वर्ल्ड बैंक-सहायता प्राप्त इस परियोजना ने सात वर्षों में रचा ग्रामीण विकास का नया अध्याय
  • JOHAR के तहत 2.25 लाख ग्रामीण परिवारों को मिला आजीविका का नया रास्ता
  • 35% तक बढ़ी किसानों की औसत सालाना आय, तय लक्ष्य से आगे निकला प्रदर्शन
  • 21 FPO के जरिए 205 करोड़ का कारोबार, हर माह 2 करोड़ का राजस्व
  • 9000 हेक्टेयर भूमि को मिली सिंचाई सुविधा, सौर ऊर्जा के नवाचार का योगदान
  • FAO डॉक्युमेंट्री और वर्ल्ड बैंक सम्मान से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

JOHAR : झारखंड में ग्रामीण बदलाव की सबसे सफल कहानी

मई 2017 से जून 2024 के कार्यकाल में JOHAR योजना (Jharkhand Opportunities for Harnessing Rural Growth) ने झारखंड की ग्रामीण महिलाओं और किसानों को आजीविका और आत्मनिर्भरता के नए आयाम दिए हैं। विश्व बैंक (70%) और झारखंड सरकार (30%) के संयुक्त सहयोग से संचालित इस योजना को JSLPS के माध्यम से लागू किया गया।

इसका उद्देश्य कृषि आय में वृद्धि, रोजगार के साधनों का विविधीकरण, और बाजार से सीधा जुड़ाव रहा। नतीजा – झारखंड के दूरदराज गांवों में रहने वाले लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति और जीवन शैली में बदलाव आया।

बदलाव के आँकड़े जो खुद बोलते हैं

  • 3922 उत्पादक समूहों के माध्यम से 2,24,286 परिवारों को जोड़ा गया।
  • इनमें से 70,000 महिलाएं और 1 लाख से अधिक SC/ST परिवार लाभार्थी रहे।
  • किसानों की आय में औसतन 35% की बढ़ोतरी हुई, जबकि लक्ष्य सिर्फ 30% था।
  • 21 किसान उत्पादक संगठन (FPO) ने 205 करोड़ रुपये का व्यापार किया और हर माह लगभग 2 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न किया।
  • 1131 सोलर लिफ्ट सिंचाई योजना और 1309 मोबाइल सौर पंप ने 9000 हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया।
  • मुर्गीपालन से प्रतिदिन 1 लाख अंडों का उत्पादन और 8729 जलाशयों में मत्स्य पालन से ग्रामीणों की आय में विविधता आई।
  • लघु वनोपज व्यापार (NTFP) से 15 करोड़ रुपये का कारोबार, जिससे ग्रामीण महिलाएं प्रत्यक्ष लाभान्वित हुईं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा JOHAR का डंका

  • विश्व बैंक के दक्षिण एशिया उपाध्यक्ष पुरस्कार 2025 से नवाज़ा गया।
  • संयुक्त राष्ट्र की संस्था FAO ने इस पर डॉक्युमेंट्री बनाई, जो 6 भाषाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित हो रही है।
  • भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा इसे ‘लाइटहाउस प्रोजेक्ट’ घोषित किया गया।
  • विश्व बैंक द्वारा ‘संतोषजनक’ (Satisfactory) रेटिंग प्राप्त हुई।

न्यूज़ देखो: झारखंड का ‘JOHAR’ बना बदलाव की गूंज

JOHAR योजना ने साबित कर दिया कि अगर नीति, नीयत और निष्पादन में समन्वय हो, तो ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। यह परियोजना अब सिर्फ एक सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि झारखंड की ग्रामीण शक्ति और महिला सशक्तिकरण की पहचान बन चुकी है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूकता और सहयोग से ही संभव होगा समावेशी विकास

ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक उन्नति केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि स्थानीय भागीदारी और सामुदायिक सक्रियता से संभव होती है। JOHAR की सफलता बताती है कि जब सही मंच और संसाधन मिलते हैं, तो हर गांव आत्मनिर्भर बन सकता है।
आप इस सफलता को कैसे देखते हैं? नीचे कमेंट करें और इस प्रेरणादायक खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाएं।

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