Deoghar

देवघर में लगने वाले भादो मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन-पंडा समाज की संयुक्त रणनीति

#देवघर #भादोमेला : गर्भगृह में रुद्राभिषेक पर प्रतिबंध, जलार्पण होगा सुगम
  • भादो मेला 2025 की तैयारियों पर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई।
  • गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूजन पर रोक लगाने का आपसी निर्णय लिया गया।
  • पंडा समाज ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु कई सुझाव दिए।
  • श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष जोर दिया जाएगा।
  • अधिकारियों और पंडा समाज से सफल संचालन में सहयोग की अपील।

बैठक में यह तय किया गया कि भादो मेला के दौरान बाबा मंदिर के गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूजन नहीं होगा। इस निर्णय का उद्देश्य यह है कि जलार्पण की प्रक्रिया अधिक सहज और तेज़ हो, जिससे श्रद्धालु बिना भीड़भाड़ के पूजा कर सकें।

मेला तैयारियों पर डीसी की समीक्षा

डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने पंडा समाज के प्रतिनिधियों, सरदार पंडा, पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भादो मेला में भी श्रद्धालुओं को वही सुरक्षित और संतोषजनक अनुभव मिलना चाहिए, जैसा राजकीय श्रावणी मेले में मिलता है।

पंडा समाज के सुझाव और प्रशासन का आश्वासन

बैठक में पंडा धर्मरक्षिणी सभा और तीर्थ-पुरोहित समाज के प्रतिनिधियों ने मेला संचालन से जुड़े सुझाव रखे। इनमें भीड़ नियंत्रण, जलार्पण के लिए लाइन व्यवस्था, साफ-सफाई, पीने के पानी की उपलब्धता और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था जैसी सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया।
डीसी ने भरोसा दिलाया कि सभी संभावित सुझावों को लागू किया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुविधा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

अधिकारी और विभागीय समन्वय

बैठक में डीडीसी पीयूष सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सह बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार, जिला नजारत उपसमाहर्ता शैलेश कुमार, सहायक मंदिर प्रभारी संतोष कुमार, संबंधित विभागों के अधिकारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी और डीएमएफटी टीम के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जिम्मेदारियों का बंटवारा किया, ताकि मेला संचालन में कोई बाधा न आए।

न्यूज़ देखो: श्रद्धालु सुविधा को प्राथमिकता देने का सकारात्मक कदम

भादो मेला के दौरान गर्भगृह में रुद्राभिषेक रोकना प्रशासन और पंडा समाज की साझा सोच का परिणाम है। यह न केवल भीड़ नियंत्रण में मदद करेगा बल्कि श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना को सुगम बनाएगा। इस तरह के समन्वित प्रयास धार्मिक आयोजनों को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जनसहयोग से ही होगा मेला सफल

भादो मेला 2025 के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन, पंडा समाज और श्रद्धालुओं को मिलकर काम करना होगा। आप भी अपने विचार और सुझाव साझा करें, ताकि बाबा नगरी का यह पावन आयोजन और बेहतर हो सके। इस खबर को अपने परिचितों तक पहुंचाएं और सजग नागरिक बनें।

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