
#जूनियरकैम्ब्रिजस्कूल #संस्कार_शिक्षा : सरस्वती पूजा और मातृ–पितृ पूजन से विद्यालय परिसर बना श्रद्धा और भावनाओं का केंद्र।
जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल परिसर में सरस्वती पूजा एवं मातृ–पितृ पूजन का भव्य आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षाविदों, आध्यात्मिक गुरुओं, अभिभावकों और विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार, कृतज्ञता और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना था। पूजा, उद्बोधन और भावुक मातृ–पितृ पूजन के माध्यम से विद्यालय ने समग्र शिक्षा का संदेश दिया।
- जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल में सरस्वती पूजा व मातृ–पितृ पूजन का आयोजन।
- आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज और साध्वी वसुंधरा गुरु माँ रहे उपस्थित।
- शिक्षिका लक्ष्मी पाठक के नेतृत्व में सरस्वती पूजा संपन्न।
- अभिभावक निराला देवी के नेतृत्व में भावुक मातृ–पितृ पूजन।
- सत्य साईं सेवा समिति की भजन–कीर्तन प्रस्तुति।
ज्ञान, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों को समर्पित जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया। विद्यालय परिसर पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, अनुशासन और भावनात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने सहभागिता निभाकर इस आयोजन को विशेष बना दिया।
सरस्वती पूजा से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना से हुआ। यह पूजा विद्यालय की शिक्षिका लक्ष्मी पाठक के नेतृत्व में संपन्न कराई गई। विद्यार्थियों ने पूर्ण श्रद्धा भाव से पुष्प, धूप और दीप अर्पित कर ज्ञान, बुद्धि और विवेक की कामना की।
पूरे विद्यालय परिसर में मंत्रोच्चार और भक्ति भाव का वातावरण व्याप्त रहा, जिससे विद्यार्थियों में अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का अनुभव हुआ।
आचार्य पद्मराज स्वामी जी का प्रेरक उद्बोधन
इस अवसर पर आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें संस्कार, विवेक और चरित्र निर्माण का समावेश अनिवार्य है।
उन्होंने विद्यार्थियों को माता–पिता और गुरु के प्रति कृतज्ञता भाव अपनाने का संदेश देते हुए कहा:
आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज ने कहा: “जो विद्यार्थी माता–पिता और गुरु का सम्मान करता है, वही सच्चे अर्थों में शिक्षित कहलाता है।”
मातृ–पितृ पूजन ने भावुक किया वातावरण
इसके पश्चात विद्यालय में मातृ–पितृ पूजन का अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की अभिभावक श्रीमती निराला देवी द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने अपने माता–पिता का विधिवत पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर कई अभिभावक भाव-विभोर हो उठे। बच्चों की आंखों में कृतज्ञता और माता–पिता के चेहरों पर गर्व और आनंद स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
साध्वी वसुंधरा गुरु माँ का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित साध्वी वसुंधरा गुरु माँ ने अपने प्रेरक संदेश में कहा कि माता–पिता का सम्मान ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है। उन्होंने कहा:
साध्वी वसुंधरा गुरु माँ ने कहा: “माता–पिता का सम्मान ही सच्ची पूजा है और यही जीवन की सफलता का सबसे मजबूत आधार बनता है।”
उनके शब्दों ने विद्यार्थियों के मन में पारिवारिक मूल्यों के प्रति गहरी समझ विकसित की।
भजन–कीर्तन से बना भक्तिमय माहौल
कार्यक्रम के दौरान सत्य साईं सेवा समिति के गणपति जी एवं उनकी पूरी टीम द्वारा भजन–कीर्तन की मधुर प्रस्तुति दी गई। इन भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया और सेवा, समर्पण एवं अनुशासन का सशक्त संदेश दिया।
सत्य साईं सेवा समिति की सहभागिता ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।
विद्यालय परिवार का आभार और संदेश
विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होता है।
समारोह का समापन शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में किया गया।
न्यूज़ देखो: समग्र शिक्षा का सशक्त उदाहरण
जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल का यह आयोजन यह दर्शाता है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक सफलता नहीं, बल्कि संस्कारवान और संवेदनशील नागरिक तैयार करना भी है। सरस्वती पूजा और मातृ–पितृ पूजन के माध्यम से विद्यालय ने ज्ञान और संस्कार के संतुलन को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। ऐसे आयोजन आज की शिक्षा प्रणाली के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब संस्कार बनते हैं सफलता की नींव
इस तरह के आयोजन बच्चों के जीवन में गहरे संस्कारों की नींव रखते हैं। माता–पिता के प्रति कृतज्ञता, गुरु के प्रति सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी ही सशक्त भविष्य का आधार है। जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल का यह प्रयास आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होता है।







