#सिमडेगा #फूलों_की_होली : जूनियर कैंब्रिज स्कूल में बच्चों ने पर्यावरण–अनुकूल तरीके से मनाया होली मिलन समारोह।
सिमडेगा स्थित जूनियर कैंब्रिज स्कूल में होली मिलन समारोह 2026 हर्षोल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। बच्चों ने रासायनिक रंगों के बजाय फूलों, नीम और अशोक की पत्तियों से होली खेलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समारोह में मुख्य अतिथि सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
- जूनियर कैंब्रिज स्कूल, सिमडेगा में मनाया गया होली मिलन समारोह 2026।
- मुख्य अतिथि आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज रहे उपस्थित।
- विशिष्ट अतिथि रामनिवास अग्रवाल एवं पूजनीय गुरु मां की सहभागिता।
- बच्चों ने फूलों, नीम और अशोक की पत्तियों से खेली होली।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश।
सिमडेगा के जूनियर कैंब्रिज स्कूल परिसर में होली मिलन समारोह 2026 बड़े ही उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रभा केरकेट्टा द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन से हुई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि होली प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक पर्व है, जो समाज को एकता के सूत्र में बांधता है।
संतों का आशीर्वाद और प्रेरक संदेश
समारोह के मुख्य अतिथि परम पूज्य आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में आदरणीय श्री रामनिवास अग्रवाल तथा पूजनीय गुरु मां उपस्थित रहीं। गुरु मां ने होली के अवसर पर एक भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
मुख्य अतिथि आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि होली आत्मशुद्धि, सकारात्मकता और प्रेम का संदेश देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन और सदाचार के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा सभी को आशीर्वाद प्रदान किया।
विशिष्ट अतिथि रामनिवास अग्रवाल ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम का संचालन कुमारी सोनी ने प्रभावशाली ढंग से किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत LKG एवं UKG के बच्चों द्वारा “होली आई मस्ती छाई” नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
कक्षा 4 के छात्र मनन ने होली पर आधारित एक सुंदर हिंदी कहानी प्रस्तुत की। कक्षा 3 के विद्यार्थियों ने “बलम पिचकारी” गीत पर ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नर्सरी कक्षा के बच्चों की प्रस्तुति भी बेहद आकर्षक रही।
कक्षा 5 के छात्र हमद ने होली के महत्व पर प्रभावशाली भाषण दिया, जिसमें उन्होंने त्योहार के सामाजिक और सांस्कृतिक पक्षों को रेखांकित किया। अंत में कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने “बद्री की दुल्हनिया” गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
पर्यावरण–अनुकूल होली की अनूठी पहल
विद्यालय परिसर में रासायनिक रंगों के स्थान पर फूलों, नीम एवं अशोक की पत्तियों से होली खेली गई। इस पहल की सभी ने सराहना की। बच्चों और अभिभावकों को प्राकृतिक रंगों के उपयोग के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस पर्यावरण–अनुकूल पहल ने समारोह को विशेष बना दिया और विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण का व्यावहारिक संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में रिजवाना परवीन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की सफलता में मुनेरुन, लता, अंजु, सुमैया, छोटेलाल, लक्ष्मी, देवांती एवं कलावती का विशेष सहयोग रहा।
न्यूज़ देखो: उत्सव के साथ पर्यावरण का संदेश
त्योहारों को परंपरा और पर्यावरण के संतुलन के साथ मनाना आज की आवश्यकता है। जूनियर कैंब्रिज स्कूल की यह पहल अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
रंगों में प्रेम, प्रकृति का सम्मान
होली का असली अर्थ है प्रेम और सद्भाव का रंग।
आइए, हम भी प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं।
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