#कोलेबिरा #खड़िया_महासम्मेलन : ऐडेगा पाहनटोली बगोईचा में समाज विकास पर चर्चा हुई।
सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में ऐडेगा, पाहनटोली और बगोईचा में खड़िया समाज का 11वां नागपुर परगना महाडोकालो महासम्मेलन आयोजित हुआ। कार्यक्रम में समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। इस आयोजन ने सामाजिक एकजुटता और जागरूकता को मजबूत करने का संदेश दिया।
- ऐडेगा, पाहनटोली, बगोईचा में आयोजित 11वां महासम्मेलन।
- खड़िया समाज के लोगों की बड़ी संख्या में भागीदारी।
- शिक्षा, रोजगार और कृषि पर विस्तार से चर्चा।
- बाल विवाह रोकने और सामाजिक सुधार पर जोर।
- कई प्रमुख अतिथि और समाज के अगुवा कार्यक्रम में रहे शामिल।
कोलेबिरा प्रखंड के ऐडेगा, पाहनटोली और बगोईचा में आयोजित 11वां नागपुर परगना खड़िया मेमोन महाडोकालो महासम्मेलन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन साबित हुआ। इस महासम्मेलन में खड़िया समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट कर विकास की दिशा में आगे बढ़ाना था।
शिक्षा पर विशेष जोर
महासम्मेलन में वक्ताओं ने खड़िया समाज के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज आगे बढ़ सकता है और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बन सकता है। युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा गया कि वे शिक्षा के जरिए अपने भविष्य को बेहतर बनाएं और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रदीप टेटे ने कहा: “हमारे समाज की प्रगति शिक्षा पर निर्भर है, इसलिए हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना जरूरी है।”
रोजगार और कृषि विकास पर चर्चा
कार्यक्रम में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने की बात कही गई। वक्ताओं ने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है।
प्रो. फ्रांसिस कुल्लू ने कहा: “आधुनिक खेती को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।”
सामाजिक सुधार पर जोर
महासम्मेलन में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया। समाज के लोगों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक है और इसे रोकना सभी की जिम्मेदारी है।
सिप्रियन कुल्लू ने कहा: “बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देना और बाल विवाह रोकना बेहद जरूरी है।”
एकता और संस्कृति को मजबूत करने का संदेश
कार्यक्रम में खड़िया समाज की संस्कृति, परंपरा और एकता को बनाए रखने पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की पहचान उसकी संस्कृति से होती है, इसलिए इसे संरक्षित रखना आवश्यक है। सभी को एकजुट होकर समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
प्रमुख लोगों की उपस्थिति
इस महासम्मेलन में महाडोकालो के अगुवा प्रदीप टेटे, जिला परिषद अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, सिप्रियन कुल्लू, जॉन अगुस्टीन टेटे, संसद प्रतिनिधि सुनील खड़िया, पीटर टेटे, प्रो. फ्रांसिस कुल्लू, प्रीतीश किरण बा, इसीदोर केरकेट्टा एवं जेम्स पी केरकेट्टा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने अपने विचार रखते हुए समाज के विकास के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।
सामूहिक प्रयासों से बदलाव की उम्मीद
इस तरह के महासम्मेलन समाज में जागरूकता और एकजुटता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह मंच लोगों को अपनी समस्याएं साझा करने और समाधान खोजने का अवसर देता है।

न्यूज़ देखो: समाज के विकास की दिशा में सकारात्मक पहल
कोलेबिरा में आयोजित यह महासम्मेलन खड़िया समाज के लिए एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया है। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुधार जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा होना समाज के जागरूक होने का संकेत है। अब जरूरी है कि इन विचारों को जमीनी स्तर पर लागू किया जाए। क्या इन प्रयासों से वास्तविक बदलाव आएगा, यह आने वाला समय बताएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
समाज की एकता से ही विकास संभव
जब समाज एकजुट होकर अपने मुद्दों पर चर्चा करता है, तभी बदलाव की शुरुआत होती है।
शिक्षा, जागरूकता और सहयोग से ही हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
हर व्यक्ति की भागीदारी समाज को मजबूत बनाती है और नई दिशा देती है।
आप भी अपने समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं और ऐसे आयोजनों से प्रेरणा लें।
इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और जागरूकता फैलाने में योगदान दें।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).