News dekho specials
Simdega

बानो प्रखंड के रायकेरा में केवीके का खेत निरीक्षण, सरसों की फसल सुरक्षा पर किसानों को मिली अहम जानकारी

#बानो #कृषि_मार्गदर्शन : कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा सरसों में रोग कीट प्रबंधन पर किसानों को जागरूक किया गया।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत रायकेरा गांव में कृषि विज्ञान केंद्र बानो द्वारा सरसों की फसल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने खेतों में लगे सरसों के पौधों में संभावित रोगों और कीट प्रकोप का आकलन किया। किसानों को जनवरी–फरवरी माह में लगने वाली बीमारियों और उनके उपचार की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य फसल सुरक्षा के माध्यम से उत्पादन बढ़ाना रहा।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • रायकेरा गांव में कृषि विज्ञान केंद्र बानो द्वारा खेत निरीक्षण।
  • सरसों फसल में रोग, कीट और लाही के उपचार पर चर्चा।
  • जनवरी–फरवरी में लगने वाली बीमारियों की विशेष जानकारी।
  • डॉ नीना भारती, कृषि वैज्ञानिक ने किया किसानों को मार्गदर्शन।
  • खेत की जुताई से कटाई तक फसल प्रबंधन की जानकारी दी गई।
  • सनिका हेमरोम, मेलानी जोजो, सिकन्दर सिंह सहित कई किसान उपस्थित।

बानो प्रखंड के रायकेरा गांव में कृषि विज्ञान केंद्र बानो, सिमडेगा द्वारा संचालित कार्यक्रम के तहत सरसों की फसल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान खेतों में लगे सरसों के पौधों की स्थिति का जायजा लिया गया और किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से फसल प्रबंधन की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से इस मौसम में लगने वाली बीमारियों और कीटों पर चर्चा की गई। किसानों को फसल को सुरक्षित रखने के उपाय बताए गए।

सरसों फसल में रोग और कीट प्रबंधन पर जोर

निरीक्षण के दौरान किसानों को बताया गया कि जनवरी और फरवरी माह में सरसों की फसल में कई प्रकार के रोग और कीट लगने की संभावना रहती है। इनसे समय पर बचाव नहीं किया जाए तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने खेतों में पौधों की स्थिति देखकर रोग के शुरुआती लक्षणों की पहचान करना सिखाया। साथ ही कीट नियंत्रण के लिए उपयुक्त दवाओं के प्रयोग की जानकारी दी गई।

सिंचाई और रखरखाव की सही विधि

कृषि वैज्ञानिकों ने सरसों के पौधों के सही रखरखाव पर भी जोर दिया। किसानों को बताया गया कि संतुलित सिंचाई, समय पर निराई-गुड़ाई और उचित दूरी पर पौधों की वृद्धि से फसल स्वस्थ रहती है। अधिक या कम पानी दोनों ही स्थिति में फसल को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए मौसम के अनुसार सिंचाई करने की सलाह दी गई।

लाही कीट के उपचार पर विशेष जानकारी

कार्यक्रम के दौरान सरसों की फसल में लगने वाले लाही कीट पर विशेष चर्चा की गई। किसानों को बताया गया कि लाही का प्रकोप होने पर पत्तियां मुरझाने लगती हैं और दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। वैज्ञानिकों ने समय पर दवा छिड़काव और जैविक उपाय अपनाने की सलाह दी, ताकि कीट प्रकोप को नियंत्रित किया जा सके।

डॉ नीना भारती ने किया खेतों का भ्रमण

कृषि विज्ञान केंद्र बानो की वैज्ञानिक डॉ नीना भारती ने स्वयं खेतों का भ्रमण कर किसानों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरसों की खेती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। खेत की जुताई से लेकर बुआई, पौधों की देखभाल, रोग नियंत्रण और अंत में फसल की कटाई तक की वैज्ञानिक विधियों को सरल भाषा में समझाया गया।

डॉ नीना भारती ने कहा: “यदि किसान समय पर रोग और कीट की पहचान कर उचित उपचार करें, तो सरसों की पैदावार में अच्छी बढ़ोतरी संभव है।”

किसानों की सक्रिय भागीदारी

इस निरीक्षण कार्यक्रम में रायकेरा गांव के कई किसान उपस्थित रहे। मुख्य रूप से सनिका हेमरोम, मेलानी जोजो, सिकन्दर सिंह, विजय जोजो और सुलेन भुइयाँ सहित अन्य किसानों ने खेतों में जाकर जानकारी प्राप्त की। किसानों ने वैज्ञानिकों से सवाल पूछे और अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनका मौके पर समाधान बताया गया।

News dekho specials

कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में पहल

कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा इस तरह के क्षेत्रीय भ्रमण और निरीक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं। इससे किसानों को अपनी फसलों की वास्तविक स्थिति समझने और समय पर सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलती है। सरसों जैसी नकदी फसल में रोग नियंत्रण और सही प्रबंधन से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।

न्यूज़ देखो: वैज्ञानिक मार्गदर्शन से मजबूत होगी खेती

यह खबर दर्शाती है कि कृषि विज्ञान केंद्र बानो द्वारा किसानों को जमीनी स्तर पर वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। फसल निरीक्षण और प्रत्यक्ष मार्गदर्शन से किसानों में जागरूकता बढ़ रही है। अब यह आवश्यक है कि किसान इन सुझावों को नियमित रूप से अपनाएं, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो सके। ऐसे प्रयास कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

वैज्ञानिक खेती से समृद्धि की राह

जब खेत तक वैज्ञानिक पहुंचते हैं, तब खेती मजबूत होती है। सही समय पर मिली जानकारी किसान की मेहनत को सफल बना सकती है। सरसों जैसी फसल में छोटे-छोटे उपाय बड़े लाभ दिला सकते हैं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: