
#विश्रामपुर #नगरनिकाय चुनाव : प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रचना कुमारी शुक्ला ने विकास और महिला भागीदारी का रखा एजेंडा।
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को डडिला क्षेत्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रचना कुमारी शुक्ला ने नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने इसे कुर्सी की नहीं, बल्कि नगर परिषद के भविष्य की लड़ाई बताया। महिला आरक्षण के तहत इस चुनाव को क्षेत्रीय विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- रचना कुमारी शुक्ला ने विश्रामपुर नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की।
- डडिला क्षेत्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर किया चुनावी ऐलान।
- मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत।
- विकास की अधूरी योजनाओं को पूरा करने का वादा।
- महिला आरक्षण से महिलाओं में बढ़ा राजनीतिक उत्साह।
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की रही उपस्थिति।
विश्रामपुर नगर परिषद चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी भी तेज होती जा रही है। विभिन्न दलों और सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़े प्रत्याशी मैदान में उतरने लगे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र के डडिला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रचना कुमारी शुक्ला ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा कर चुनावी माहौल को और गरमा दिया।
मां सरस्वती के पूजन के साथ हुई शुरुआत
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद रचना कुमारी शुक्ला ने उपस्थित पत्रकारों, समर्थकों और स्थानीय नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि विश्रामपुर नगर परिषद के भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रत्याशी को केवल नाम या प्रचार के आधार पर नहीं, बल्कि उसके विजन और नीयत को देखकर समर्थन दें।
विकास को बताया प्राथमिक एजेंडा
रचना कुमारी शुक्ला ने अपने संबोधन में नगर परिषद क्षेत्र में विकास की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, पेयजल, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और बुनियादी सुविधाओं के मामले में विश्रामपुर नगर परिषद अभी भी पीछे है।
रचना कुमारी शुक्ला ने कहा: “यह कुर्सी का चुनाव नहीं, बल्कि नगर परिषद के भविष्य का चुनाव है। जनता का आशीर्वाद मिला तो नगर क्षेत्र में अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद का गठन जनता की सेवा के लिए हुआ है, न कि केवल राजनीतिक लाभ के लिए।
महिला आरक्षण से बढ़ी उम्मीदें
नगर निकाय चुनाव में महिला आरक्षण को लेकर रचना कुमारी शुक्ला ने इसे सकारात्मक बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के चलते महिलाओं में नई उम्मीद जगी है और इस बार महिलाएं राजनीति में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा रही हैं।
उनका कहना था कि महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अब वे प्रशासनिक और विकासात्मक जिम्मेदारियां निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। नगर परिषद जैसे मंच पर महिलाओं की मजबूत भागीदारी से पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा।
जनता का आशीर्वाद मिला तो पूरे होंगे विकास कार्य
रचना कुमारी शुक्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिलता है, तो विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता रखी जाएगी और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर परिषद को एक मजबूत, स्वच्छ और आत्मनिर्भर इकाई बनाने के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर चला जाएगा।
कांग्रेस नेताओं और गणमान्य लोगों की मौजूदगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि रचना कुमारी शुक्ला की दावेदारी को स्थानीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है।
मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह समाजसेवी अमृत शुक्ला, नंदलाल शुक्ला, प्रत्याशी पति आशीष कुमार गर्ग, पुनीत शुक्ला, रंगलाल शुक्ला, जमुना शुक्ला, विजयकांत शुक्ला, संत कुमार शुक्ला, रमाशंकर शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
इन सभी की मौजूदगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को राजनीतिक रूप से मजबूत संदेश देने वाला बना दिया।
चुनावी माहौल में बढ़ी हलचल
रचना कुमारी शुक्ला की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में चुनावी चर्चा और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के बीच उनके विजन, दावों और महिला नेतृत्व को लेकर बातचीत शुरू हो गई है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में अन्य प्रत्याशी भी इसी तरह अपने-अपने एजेंडे के साथ सामने आएंगे।
नगर परिषद चुनाव को लेकर यह स्पष्ट हो रहा है कि इस बार मुकाबला विकास, पारदर्शिता और नेतृत्व क्षमता के मुद्दों पर केंद्रित रहने वाला है।
न्यूज़ देखो: महिला नेतृत्व और विकास का संगम
रचना कुमारी शुक्ला की दावेदारी यह संकेत देती है कि विश्रामपुर नगर परिषद चुनाव में महिला नेतृत्व एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। विकास की कमी, पारदर्शिता और जनभागीदारी जैसे मुद्दे चुनाव के केंद्र में आते दिख रहे हैं। अब देखना होगा कि जनता किस विजन को नगर परिषद के भविष्य के लिए चुनती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र में जागरूक भागीदारी ही असली ताकत
नगर निकाय चुनाव सीधे तौर पर आपके आसपास के विकास से जुड़ा होता है। सही नेतृत्व का चयन ही बेहतर सड़क, स्वच्छता और सुविधाओं की नींव रखता है। ऐसे में हर मतदाता की जिम्मेदारी बनती है कि वह सोच-समझकर निर्णय ले।
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